मोहम्मद सिराज ने तेलंगाना डीजीपी सीवी आनंद से की शिष्टाचार मुलाकात, अक्टूबर 2024 में संभाला था डीएसपी पद
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तेज गेंदबाज और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मोहम्मद सिराज ने सोमवार, 20 जुलाई को हैदराबाद स्थित डीजीपी कार्यालय में तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद से शिष्टाचार भेंट की। मई में आनंद के डीजीपी पद संभालने के बाद सिराज की उनसे यह पहली औपचारिक मुलाकात थी।
मुलाकात में कौन-कौन रहे मौजूद
इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (पी एंड आई) गजराव भूपाल और डीएसपी (खेल) रामाराव भी उपस्थित थे। बैठक का स्वरूप शिष्टाचार-भेंट का रहा, जो नवनियुक्त डीजीपी और विभाग के खेल-कोटे से नियुक्त अधिकारियों के बीच परिचय का हिस्सा माना जा रहा है।
सिराज की सरकारी नियुक्ति की पृष्ठभूमि
अक्टूबर 2024 में सिराज ने आधिकारिक रूप से डीएसपी का पदभार संभाला था। इससे पहले, आईसीसी टी-20 विश्व कप 2024 में भारत की जीत के बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सिराज को सरकारी नौकरी और आवासीय भूखंड देने की घोषणा की थी।
अगस्त 2024 में राज्य मंत्रिमंडल ने सिराज और विश्व चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन को डीएसपी कैडर के ग्रुप-1 पद देने का निर्णय लिया था। इन नियुक्तियों को संभव बनाने के लिए राज्य सरकार ने तेलंगाना (सार्वजनिक सेवाओं में नियुक्तियों का विनियमन और स्टाफ पैटर्न एवं वेतन संरचना का युक्तिकरण) अधिनियम, 1994 में संशोधन किया था। इसके अतिरिक्त, सरकार ने सिराज को जुबली हिल्स के रोड नंबर-78 पर 600 वर्ग गज भूमि भी आवंटित की थी।
डीजीपी ने की पुलिस कल्याण योजनाओं की समीक्षा
इसी बैठक के दौरान डीजीपी सीवी आनंद ने पुलिस वेलफेयर सोसाइटी और आरोग्य भद्रता (स्वास्थ्य सुरक्षा) शाखाओं के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों का कल्याण तेलंगाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
डीजीपी ने बताया कि विभाग विवाह ऋण, चिकित्सा ऋण, शिक्षा ऋण, मेरिट स्कॉलरशिप, अतिरिक्त कॉर्पस बीमा और अनुदान-आधारित सहायता योजनाओं के ज़रिये कर्मियों को व्यापक आर्थिक सुरक्षा दी जा रही है। साथ ही जेईई, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले पुलिस कर्मियों के मेधावी बच्चों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।
स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के आँकड़े
आरोग्य भद्रता योजना की समीक्षा में सामने आया कि वर्ष 2025 में 33,126 पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों ने इस योजना के तहत उपचार का लाभ उठाया, जबकि जून 2026 तक 12,392 लाभार्थियों को इलाज उपलब्ध कराया गया। खर्च के मामले में 2025 में ₹181.74 करोड़ और जून 2026 तक ₹73.61 करोड़ व्यय किए गए। यह आँकड़े विभाग की स्वास्थ्य कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।
आगे क्या
सिराज की यह मुलाकात खेल-कोटे से नियुक्त अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व के बीच समन्वय की दिशा में एक सामान्य प्रशासनिक कदम है। गौरतलब है कि सिराज अपनी क्रिकेट प्रतिबद्धताओं के साथ-साथ डीएसपी की ज़िम्मेदारियाँ भी निभा रहे हैं, और भविष्य में उनकी विभागीय भूमिका किस रूप में विकसित होती है, यह देखना दिलचस्प होगा।