तेलंगाना DGP सीवी आनंद ने हैदराबाद में मानसून बाढ़ और ट्रैफिक व्यवधान रोकने की तैयारियों की समीक्षा की
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने मंगलवार, 16 जून को हैदराबाद में मानसून सीजन के दौरान शहरी जलभराव, बाढ़ और यातायात अवरोध से निपटने की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। मलकपेट में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए और भारी बारिश की स्थिति में समन्वित कार्रवाई की रणनीति तय की गई।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
बैठक की अध्यक्षता सिंचाई विभाग के सरकारी सलाहकार सुदर्शन रेड्डी ने की। इसमें ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के आयुक्त आरवी कर्णन, साइबराबाद नगर आयुक्त सृजना, हैदराबाद आपदा प्रबंधन और संपत्ति संरक्षण एजेंसी (HYDRAA) के आयुक्त रंगनाथ, साइबराबाद पुलिस आयुक्त रमेश रेड्डी तथा सिंचाई, GHMC, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर उपस्थित रहे।
मुख्य निर्देश और तैयारियाँ
DGP आनंद ने पुलिस कर्मियों को शहर के निचले इलाकों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों और प्रमुख यातायात चौराहों पर लगातार निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात जाम रोकने, वैकल्पिक मार्गों की पहचान करने और जनता को समय पर जानकारी प्रसारित करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए, ताकि भारी बारिश की किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में पुलिस टीमें तत्काल कार्रवाई कर सकें। अधिकारियों को किसी भी लापरवाही या उदासीनता के प्रति आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून सीजन में जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विशेष इंजीनियरिंग टीमों का गठन
समीक्षा बैठक में बताया गया कि मलकम चेरुवु, खजागुडा झील, मंडीकुंटा, गुरुनाथ चेरुवु, मियापुर क्षेत्र की झीलों, जैव विविधता जंक्शन के आसपास के इलाकों, कोंडापुर और अन्य बाढ़ संभावित स्थानों पर क्षेत्र निरीक्षण के लिए विशेष इंजीनियरिंग टीमें गठित की गई हैं।
ये टीमें जल प्रवाह चैनलों, अतिक्रमणों, जल निकासी व्यवस्था और जलभराव में योगदान देने वाले अन्य कारकों का विस्तृत आकलन करेंगी। इन्हें व्यापक जमीनी निरीक्षण करने और बार-बार होने वाली जलभराव की समस्याओं के लिए तत्काल उपचारात्मक उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक टिकाऊ समाधानों की सिफारिश करने वाली रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया है।
विभागों के बीच समन्वय पर जोर
DGP आनंद ने प्रभावी बाढ़ प्रबंधन के लिए पुलिस, सिंचाई विभाग, GHMC, HYDRAA और अन्य एजेंसियों के बीच घनिष्ठ समन्वय को अनिवार्य बताया। उन्होंने सभी एजेंसियों से समस्या वाले क्षेत्रों की अग्रिम पहचान करने और बिना देरी सुधारात्मक उपाय लागू करने का आह्वान किया।
DGP ने राज्यभर की सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश दिया कि वे बरसात के मौसम के अंत तक पूरी तरह सतर्क और तैयार रहें और जरूरत पड़ने पर नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करें। यह समीक्षा ऐसे समय में हुई है जब हैदराबाद में मानसून की पूर्व-सक्रियता के संकेत मिल रहे हैं और शहर के कई इलाके हर साल जलभराव की गंभीर समस्या से जूझते हैं।