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दक्षिण गुजरात में भारी बारिश: NDRF तैनात, 16 यात्री बचाए; DGP ने की आपात समीक्षा

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दक्षिण गुजरात में भारी बारिश: NDRF तैनात, 16 यात्री बचाए; DGP ने की आपात समीक्षा

सारांश

दक्षिण गुजरात में मानसून का कहर — सूरत, वलसाड, नवसारी और डांग में NDRF तैनात, DGP जीएस मलिक ने आपात वीडियो समीक्षा की और वलसाड में कोपरली-वापी सड़क पर फंसे 16 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया। साइबर निगरानी भी कड़ी की गई।

मुख्य बातें

22 जुलाई को दक्षिण गुजरात में भारी बारिश के बीच गुजरात सरकार ने आपातकालीन तैयारियाँ तेज कीं।
सूरत , वलसाड , नवसारी और डांग जिलों में उच्च स्तरीय समीक्षा और NDRF तैनाती।
DGP जीएस मलिक ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने और साइबर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए।
NDRF की छठी बटालियन ने सूरत के पर्वत पाटिया और उधना में टीमें तैनात कीं।
वलसाड में कोपरली-वापी सड़क पर फंसे 16 यात्रियों को पुलिस, ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से सुरक्षित बचाया गया।
बचाव के बाद सड़क पर बैरिकेड लगाकर मार्ग वाहनों के लिए बंद कर दिया गया।

दक्षिण गुजरात के कई जिलों में 22 जुलाई को भारी बारिश जारी रहने के बीच गुजरात सरकार ने आपातकालीन तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए। सूरत, वलसाड, नवसारी और डांग जिलों में उच्च स्तरीय समीक्षा के साथ-साथ संवेदनशील निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तैनात की गईं।

DGP की आपात वीडियो समीक्षा

पुलिस महानिदेशक जीएस मलिक ने पुलिस भवन, गांधीनगर से राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों, जिला पुलिस अधीक्षकों, रेंज प्रमुखों और राज्य रिजर्व पुलिस (SRP) समूह के कमांडेंटों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की। बैठक में दक्षिण गुजरात में कानून-व्यवस्था की स्थिति और भारी वर्षा के प्रभाव की विस्तृत समीक्षा की गई।

मलिक ने सभी अधिकारियों को राज्य भर में शांति, सुरक्षा और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि मौजूदा आपदा की स्थिति में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से निर्मित फर्जी वीडियो पर नज़र रखने के लिए साइबर निगरानी को और मजबूत किया जाए।

NDRF की तैनाती और राहत कार्य

NDRF की छठी बटालियन ने जलभराव की बढ़ती आशंकाओं के मद्देनजर सूरत के पर्वत पाटिया में एक टीम और सूरत नगर निगम के दक्षिण जोन कार्यालय, उधना में एक अन्य टीम तैनात की। वलसाड जिले में हनुमान बागदा, दारुड़िया वार्ड, तारिया वार्ड और आसपास के संवेदनशील निचले इलाकों में भी NDRF की टीमें तैनात की गईं ताकि बाढ़ या जलभराव की किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

पुलिस कर्मियों और SRP टीमों को निर्देश दिया गया कि वे निचले इलाकों से निवासियों को निकालने, राहत एवं बचाव अभियान चलाने और आपदा प्रबंधन प्रयासों में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखें।

वलसाड में 16 यात्री सुरक्षित बचाए गए

वलसाड जिले के नानापोंधा तालुका में अंभेटी के पास कोपरली-वापी सड़क पर भारी जलभराव के कारण एक निजी बस फंस गई, जिसमें 16 यात्री सवार थे। स्थानीय पुलिस, अंभेटी ग्राम पंचायत और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। बचाव अभियान के बाद एहतियात के तौर पर सड़क के दोनों किनारों पर बैरिकेड लगाकर मार्ग को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में मानसून की तीव्रता सामान्य से अधिक दर्ज की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को प्रशासन की ओर से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। यातायात व्यवधान और जलभराव से प्रभावित इलाकों में आपातकालीन सेवाएँ चौबीसों घंटे सक्रिय हैं।

आगे की स्थिति

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि NDRF और SRP टीमें तब तक तैनात रहेंगी जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती। राज्य सरकार की ओर से स्थिति पर नज़दीकी नज़र रखी जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये तैयारियाँ केवल प्रतिक्रियात्मक हैं या इनमें पूर्व-चेतावनी और दीर्घकालिक जल-निकासी सुधार भी शामिल हैं। सूरत और वलसाड जैसे शहर हर मानसून में जलभराव झेलते हैं — यह कोई नई घटना नहीं। AI-निर्मित फर्जी वीडियो रोकने की साइबर पहल सराहनीय है, पर इसकी ज़रूरत यह भी दर्शाती है कि आपदा के दौरान सूचना-अव्यवस्था एक बड़ी समस्या बन चुकी है जिस पर ध्यान देना ज़रूरी है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से कौन-से जिले प्रभावित हैं?
22 जुलाई को सूरत, वलसाड, नवसारी और डांग जिले सबसे अधिक प्रभावित रहे। इन जिलों में उच्च स्तरीय समीक्षा की गई, संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को निकाला गया और NDRF टीमें तैनात की गईं।
गुजरात में NDRF की टीमें कहाँ तैनात की गई हैं?
NDRF की छठी बटालियन ने सूरत के पर्वत पाटिया और सूरत नगर निगम के दक्षिण जोन कार्यालय, उधना में टीमें तैनात कीं। वलसाड जिले में हनुमान बागदा, दारुड़िया वार्ड और तारिया वार्ड जैसे संवेदनशील निचले इलाकों में भी NDRF मौजूद है।
वलसाड में 16 यात्रियों को कैसे बचाया गया?
नानापोंधा तालुका के अंभेटी के पास कोपरली-वापी सड़क पर जलभराव के कारण एक निजी बस फंस गई थी। स्थानीय पुलिस, अंभेटी ग्राम पंचायत और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से सभी 16 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और सड़क को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया।
DGP जीएस मलिक ने पुलिस अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
DGP जीएस मलिक ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा करने और निचले इलाकों से लोगों को निकालने के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ही सोशल मीडिया पर AI-निर्मित फर्जी वीडियो और अफवाहों पर नज़र रखने के लिए साइबर निगरानी मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
क्या दक्षिण गुजरात में आगे भी भारी बारिश की चेतावनी है?
मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने NDRF और SRP टीमों को तब तक तैनात रखने का निर्णय लिया है जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।
राष्ट्र प्रेस
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