दक्षिण गुजरात में भारी बारिश: NDRF तैनात, 16 यात्री बचाए; DGP ने की आपात समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण गुजरात के कई जिलों में 22 जुलाई को भारी बारिश जारी रहने के बीच गुजरात सरकार ने आपातकालीन तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए। सूरत, वलसाड, नवसारी और डांग जिलों में उच्च स्तरीय समीक्षा के साथ-साथ संवेदनशील निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें तैनात की गईं।
DGP की आपात वीडियो समीक्षा
पुलिस महानिदेशक जीएस मलिक ने पुलिस भवन, गांधीनगर से राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों, जिला पुलिस अधीक्षकों, रेंज प्रमुखों और राज्य रिजर्व पुलिस (SRP) समूह के कमांडेंटों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की। बैठक में दक्षिण गुजरात में कानून-व्यवस्था की स्थिति और भारी वर्षा के प्रभाव की विस्तृत समीक्षा की गई।
मलिक ने सभी अधिकारियों को राज्य भर में शांति, सुरक्षा और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि मौजूदा आपदा की स्थिति में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से निर्मित फर्जी वीडियो पर नज़र रखने के लिए साइबर निगरानी को और मजबूत किया जाए।
NDRF की तैनाती और राहत कार्य
NDRF की छठी बटालियन ने जलभराव की बढ़ती आशंकाओं के मद्देनजर सूरत के पर्वत पाटिया में एक टीम और सूरत नगर निगम के दक्षिण जोन कार्यालय, उधना में एक अन्य टीम तैनात की। वलसाड जिले में हनुमान बागदा, दारुड़िया वार्ड, तारिया वार्ड और आसपास के संवेदनशील निचले इलाकों में भी NDRF की टीमें तैनात की गईं ताकि बाढ़ या जलभराव की किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
पुलिस कर्मियों और SRP टीमों को निर्देश दिया गया कि वे निचले इलाकों से निवासियों को निकालने, राहत एवं बचाव अभियान चलाने और आपदा प्रबंधन प्रयासों में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखें।
वलसाड में 16 यात्री सुरक्षित बचाए गए
वलसाड जिले के नानापोंधा तालुका में अंभेटी के पास कोपरली-वापी सड़क पर भारी जलभराव के कारण एक निजी बस फंस गई, जिसमें 16 यात्री सवार थे। स्थानीय पुलिस, अंभेटी ग्राम पंचायत और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। बचाव अभियान के बाद एहतियात के तौर पर सड़क के दोनों किनारों पर बैरिकेड लगाकर मार्ग को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में मानसून की तीव्रता सामान्य से अधिक दर्ज की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को प्रशासन की ओर से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। यातायात व्यवधान और जलभराव से प्रभावित इलाकों में आपातकालीन सेवाएँ चौबीसों घंटे सक्रिय हैं।
आगे की स्थिति
गौरतलब है कि मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि NDRF और SRP टीमें तब तक तैनात रहेंगी जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती। राज्य सरकार की ओर से स्थिति पर नज़दीकी नज़र रखी जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।