गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट: डीजीपी मलिक ने पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा, NDRF-SDRF के साथ बचाव तंत्र सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात में 30 जुलाई 2026 को भारी बारिश के अलर्ट के मद्देनज़र राज्य पुलिस ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने राज्य के सभी शहरों, जिलों और रेंज के पुलिस प्रमुखों को हाई अलर्ट पर रहने तथा जान-माल की सुरक्षा के लिए राहत, बचाव और निकासी अभियानों में पूर्ण समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। गांधीनगर में डीजीपी की अध्यक्षता में आयोजित हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंस में यह निर्देश जारी किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
वीडियो कॉन्फ्रेंस में राज्य भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अगले 24 से 48 घंटों में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए तैयारियाँ और पुख्ता करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के अनुसार, सभी पुलिस यूनिट्स को बाढ़ राहत एवं बचाव के लिए आवश्यक उपकरण — जिनमें नावें और अन्य मशीनरी शामिल हैं — को पूरी तरह चालू हालत में और तत्काल उपयोग के लिए तैयार रखने का आदेश दिया गया है।
स्थानीय पुलिस बल को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों के साथ समन्वय करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की तीव्रता के कारण गुजरात के कई जिलों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
संयुक्त निकासी योजना
जोखिम वाले क्षेत्रों में नुकसान को न्यूनतम करने के लिए गुजरात पुलिस ने जिला प्रशासन, नगर निगमों, वन विभाग, सड़क एवं भवन विभाग तथा बिजली वितरण कंपनियों के साथ मिलकर एक संयुक्त निकासी योजना लागू की है। इस योजना के तहत निचले और बाढ़-संभावित इलाकों से लोगों के साथ-साथ उनके मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाएगा। राज्य भर में यातायात प्रबंधन उपायों को भी सुदृढ़ किया गया है।
राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात नियंत्रण के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने आवश्यकता पड़ने पर फँसे वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की व्यवस्था की है और सड़कें बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं।
राहत केंद्र और जन-जागरूकता
सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाए गए लोगों के लिए स्थापित राहत केंद्रों में भोजन, स्वच्छ पेयजल और बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलग से सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सोशल मीडिया और स्थानीय संचार नेटवर्क के ज़रिए लोगों से जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों, नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की है।
संचार और निगरानी तंत्र
हालात पर चौबीसों घंटे नज़र रखने के लिए जिला कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं, जो गांधीनगर स्थित राज्य कंट्रोल रूम के साथ निरंतर संपर्क में रहेंगे। खराब मौसम में निर्बाध संचार के लिए पुलिस VHF, HF और RoIP संचार प्रणालियों का उपयोग करेगी। राज्य भर में संवेदनशील स्थानों पर पुलिस, होम गार्ड, ग्राम रक्षक दल (GRD), ट्रैफिक रेगुलेशन ब्रिगेड (TRB) और अग्निशमन सेवा के कर्मियों को पहले ही तैनात किया जा चुका है।
डीजीपी का संदेश
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे अगले 24 से 48 घंटों तक पूर्णतः सतर्क रहें और भारी बारिश की स्थिति में मनुष्यों एवं मवेशियों की सुरक्षा के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाएँ। गुजरात पुलिस का यह सक्रिय रुख यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि मानसून की किसी भी आपात स्थिति में राहत तंत्र बिना देरी के काम करे।