31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट: डीजीपी मलिक ने पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा, NDRF-SDRF के साथ बचाव तंत्र सक्रिय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट: डीजीपी मलिक ने पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा, NDRF-SDRF के साथ बचाव तंत्र सक्रिय

सारांश

गुजरात में भारी बारिश के अलर्ट के बीच डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंस कर राज्यभर के पुलिस प्रमुखों को हाई अलर्ट पर रखा। NDRF-SDRF के साथ संयुक्त निकासी योजना, जिला कंट्रोल रूम और VHF-HF संचार तंत्र सक्रिय — अगले 48 घंटे निर्णायक।

मुख्य बातें

डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने 30 जुलाई 2026 को हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंस में राज्यभर के पुलिस प्रमुखों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।
पुलिस यूनिट्स को नावें और बचाव मशीनरी तत्काल उपयोग के लिए तैयार रखने का आदेश; NDRF और SDRF के साथ समन्वय सुनिश्चित।
जिला प्रशासन, नगर निगम, वन विभाग और बिजली वितरण कंपनियों के साथ संयुक्त निकासी योजना लागू; निचले इलाकों से लोगों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाएगा।
राहत केंद्रों में भोजन, स्वच्छ पेयजल और बिजली की व्यवस्था; महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलग आश्रय।
जिला कंट्रोल रूम सक्रिय; VHF, HF और RoIP संचार प्रणाली के ज़रिए गांधीनगर स्थित राज्य कंट्रोल रूम से निरंतर संपर्क।
राष्ट्रीय-राज्य राजमार्गों पर पुलिसकर्मी तैनात; अगले 24 से 48 घंटों तक पूर्ण सतर्कता के निर्देश।

गुजरात में 30 जुलाई 2026 को भारी बारिश के अलर्ट के मद्देनज़र राज्य पुलिस ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने राज्य के सभी शहरों, जिलों और रेंज के पुलिस प्रमुखों को हाई अलर्ट पर रहने तथा जान-माल की सुरक्षा के लिए राहत, बचाव और निकासी अभियानों में पूर्ण समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। गांधीनगर में डीजीपी की अध्यक्षता में आयोजित हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंस में यह निर्देश जारी किए गए।

मुख्य घटनाक्रम

वीडियो कॉन्फ्रेंस में राज्य भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अगले 24 से 48 घंटों में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए तैयारियाँ और पुख्ता करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के अनुसार, सभी पुलिस यूनिट्स को बाढ़ राहत एवं बचाव के लिए आवश्यक उपकरण — जिनमें नावें और अन्य मशीनरी शामिल हैं — को पूरी तरह चालू हालत में और तत्काल उपयोग के लिए तैयार रखने का आदेश दिया गया है।

स्थानीय पुलिस बल को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों के साथ समन्वय करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की तीव्रता के कारण गुजरात के कई जिलों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

संयुक्त निकासी योजना

जोखिम वाले क्षेत्रों में नुकसान को न्यूनतम करने के लिए गुजरात पुलिस ने जिला प्रशासन, नगर निगमों, वन विभाग, सड़क एवं भवन विभाग तथा बिजली वितरण कंपनियों के साथ मिलकर एक संयुक्त निकासी योजना लागू की है। इस योजना के तहत निचले और बाढ़-संभावित इलाकों से लोगों के साथ-साथ उनके मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाएगा। राज्य भर में यातायात प्रबंधन उपायों को भी सुदृढ़ किया गया है।

राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात नियंत्रण के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने आवश्यकता पड़ने पर फँसे वाहनों को हटाने के लिए क्रेन की व्यवस्था की है और सड़कें बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं।

राहत केंद्र और जन-जागरूकता

सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाए गए लोगों के लिए स्थापित राहत केंद्रों में भोजन, स्वच्छ पेयजल और बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलग से सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सोशल मीडिया और स्थानीय संचार नेटवर्क के ज़रिए लोगों से जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों, नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की है।

संचार और निगरानी तंत्र

हालात पर चौबीसों घंटे नज़र रखने के लिए जिला कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं, जो गांधीनगर स्थित राज्य कंट्रोल रूम के साथ निरंतर संपर्क में रहेंगे। खराब मौसम में निर्बाध संचार के लिए पुलिस VHF, HF और RoIP संचार प्रणालियों का उपयोग करेगी। राज्य भर में संवेदनशील स्थानों पर पुलिस, होम गार्ड, ग्राम रक्षक दल (GRD), ट्रैफिक रेगुलेशन ब्रिगेड (TRB) और अग्निशमन सेवा के कर्मियों को पहले ही तैनात किया जा चुका है।

डीजीपी का संदेश

समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे अगले 24 से 48 घंटों तक पूर्णतः सतर्क रहें और भारी बारिश की स्थिति में मनुष्यों एवं मवेशियों की सुरक्षा के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाएँ। गुजरात पुलिस का यह सक्रिय रुख यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि मानसून की किसी भी आपात स्थिति में राहत तंत्र बिना देरी के काम करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीनी क्रियान्वयन की होगी — हर बार मानसून में हाई-लेवल बैठकें होती हैं, निर्देश जारी होते हैं, पर निचले स्तर पर समन्वय की कमी अक्सर राहत को देर से पहुँचाती है। NDRF-SDRF की तैनाती और संयुक्त निकासी योजना सही दिशा में कदम है, मगर यह देखना ज़रूरी होगा कि जिला कंट्रोल रूम वास्तव में रियल-टाइम में काम करते हैं या महज औपचारिकता बनकर रह जाते हैं। गुजरात में पिछले कुछ वर्षों में बाढ़ से हुई जनहानि यह बताती है कि तंत्र की तैयारी और उसके वास्तविक प्रदर्शन के बीच की खाई को पाटना अभी बाकी है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में भारी बारिश अलर्ट के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने 30 जुलाई 2026 को हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंस कर राज्यभर के पुलिस प्रमुखों को हाई अलर्ट पर रखा है। पुलिस यूनिट्स को बचाव उपकरण तैयार रखने, NDRF-SDRF के साथ समन्वय करने और संयुक्त निकासी योजना लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुजरात में बाढ़ की स्थिति में कौन-कौन सी एजेंसियाँ मिलकर काम कर रही हैं?
गुजरात पुलिस, NDRF, SDRF, जिला प्रशासन, नगर निगम, वन विभाग, सड़क एवं भवन विभाग और बिजली वितरण कंपनियाँ मिलकर राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय कर रही हैं। होम गार्ड, ग्राम रक्षक दल (GRD), ट्रैफिक रेगुलेशन ब्रिगेड (TRB) और अग्निशमन सेवा के कर्मी भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं।
निकासी के दौरान राहत केंद्रों में क्या सुविधाएँ दी जा रही हैं?
राहत केंद्रों में भोजन, स्वच्छ पेयजल और बिजली की व्यवस्था की गई है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए अलग से सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
भारी बारिश के दौरान आम लोगों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
गुजरात पुलिस ने लोगों से जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों, नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की है। पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सोशल मीडिया के ज़रिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
डीजीपी ने पुलिस को कितने समय तक सतर्क रहने का निर्देश दिया है?
डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अगले 24 से 48 घंटों तक पूर्णतः सतर्क रहने का निर्देश दिया है। इस दौरान मनुष्यों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले