गुजरात में भारी बारिश: CM भूपेंद्र पटेल ने रात को SEOC का दौरा किया, 16,500 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार, 31 जुलाई की देर रात गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) का अचानक दौरा किया और राज्य में बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार, 1 अगस्त को राज्य के 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी करने की संभावना जताई थी, जिसके मद्देनज़र यह आपात बैठक बुलाई गई।
मुख्यमंत्री की समीक्षा और निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पटेल ने पूरे राज्य में वर्षा की स्थिति का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने उन जिलों के कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया जहाँ अत्यधिक वर्षा की आशंका है। पटेल ने स्पष्ट किया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पहले से सुनिश्चित किए जाएँ और जिला प्रशासन लगातार सतर्क बना रहे।
निकासी और बचाव कार्य
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि व्यापक एहतियाती उपायों के तहत अब तक 16,500 से अधिक लोगों को जोखिम वाले क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, मौसम से जुड़ी घटनाओं में 41 और लोगों को बचाया गया है। शुक्रवार को गुजरात के 201 तालुकाओं में वर्षा दर्ज की गई, जो सक्रिय मॉनसून तंत्र के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है।
सेना और वायु सेना स्टैंडबाय पर
राज्य सरकार ने आपातकालीन प्रबंधन को और मज़बूत किया है। सिविल प्रशासन की सहायता के लिए अहमदाबाद, नवसारी और सूरत में सेना की दो-दो टुकड़ियाँ स्टैंडबाय पर तैनात की गई हैं। यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो बचाव एवं राहत कार्यों के लिए जामनगर, जोधपुर, वड़ोदरा और पुणे में भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर भी स्टैंडबाय पर रखे गए हैं।
मौसम की स्थिति और वर्षा के आँकड़े
गुजरात में इस मौसम की कुल अपेक्षित वर्षा का 61.5 प्रतिशत हिस्सा अब तक हो चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के विभिन्न हिस्सों में मॉनसून अपने चरम पर है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्त्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव एम.के. दास, राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जयंती रवि, गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (GSDMA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धवल पटेल और राहत आयुक्त गौरव मकवाना उपस्थित रहे। आगामी घंटों में मौसम की स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नज़र बनी रहेगी।