नीतीश रेड्डी ने 3 विकेट से पलटा खेल, भारत की अफगानिस्तान पर 2-0 से सीरीज अजेय बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
नीतीश कुमार रेड्डी ने 16 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में 24 रन देकर 3 विकेट झटके, जिसके बलबूते भारत ने मेहमान टीम को 159/8 पर रोककर सात विकेट की बड़ी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली और रेड्डी को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' पुरस्कार से नवाज़ा गया।
मुख्य घटनाक्रम
रेड्डी की 3 विकेट की घातक गेंदबाज़ी ने अफगानिस्तान की पारी को नियंत्रित रखा और भारतीय गेंदबाज़ों को एक ऐसा लक्ष्य दिया जिसे बल्लेबाज़ों ने आसानी से पूरा कर लिया। यह पहले टी20 के बाद उनकी ज़बरदस्त वापसी थी, जिसमें गेंद से उनका असर सीमित रहा था।
गौरतलब है कि रेड्डी हाल ही में चोट से उबरे हैं और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैबिलिटेशन के बाद मैदान पर लौटे हैं। उनकी यह वापसी भारतीय टीम प्रबंधन के लिए भी राहत की बात है, जो सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर्स के ज़रिए टीम में बेहतर संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
रेड्डी की प्रतिक्रिया
अवॉर्ड स्वीकार करते हुए नीतीश रेड्डी ने कहा, 'यह अच्छा है। अभी मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूँ। हमने CoE में बहुत अच्छा काम किया है और शरीर अच्छी तरह से रिकवर हो रहा है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी महत्वाकांक्षा भारत के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर बनने की है।
रेड्डी ने कहा, 'मैं हमेशा से सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर बनना चाहता था और इसके लिए मुझे उस अतिरिक्त गति की ज़रूरत थी, जो मुझे मिल रही है। इसके फायदे और नुकसान दोनों होंगे, और फिट रहना भी ज़रूरी है।'
आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता
पहले टी20 में कम प्रभावी गेंदबाज़ी के बावजूद रेड्डी का ध्यान पीछे झाँकने पर नहीं, बल्कि आगे बढ़ने पर रहा। उन्होंने कहा, 'मैं कहूंगा कि यह सब अपनी काबिलियत पर भरोसा करने और वापसी करने के बारे में है। मैं बस खुद पर यकीन कर रहा था। यह एक अजीब खेल है; एक पल में कुछ भी बदल सकता है।'
यह बयान उनकी परिपक्वता को दर्शाता है — एक युवा खिलाड़ी जो चोट और आलोचना दोनों को पार कर अपनी क्षमता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की कोशिश में जुटा है।
टीम इंडिया के लिए क्या मायने रखता है
रेड्डी की गेंदबाज़ी में वापसी भारतीय टीम के संतुलन के लिहाज़ से बड़ा संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए अपनी ऑलराउंड गहराई को मज़बूत करना चाहता है। रेड्डी का प्रदर्शन चयनकर्ताओं को एक विश्वसनीय विकल्प देता है जो बल्ले और गेंद — दोनों से योगदान कर सकता है।
आगे क्या
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीसरा और आखिरी टी20 अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, क्योंकि मेज़बान टीम पहले ही सीरीज जीत चुकी है। रेड्डी का ध्यान अब अपनी फिटनेस बरकरार रखते हुए इसी लय को तीसरे मैच में भी जारी रखने पर होगा।