अफगानिस्तान की दूसरे टी20 में 7 विकेट से हार, जादरान बोले — पावरप्ले में फिर चूके
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान ने स्वीकार किया कि उनकी टीम 15 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत के खिलाफ 7 विकेट की करारी शिकस्त के बाद पावरप्ले की उन्हीं कमज़ोरियों को दूर करने में विफल रही, जो पहले मैच में भी उजागर हुई थीं। अफगानिस्तान 159/8 के स्कोर पर सिमट गई और भारत ने यह लक्ष्य महज 14.5 ओवरों में हासिल कर सीरीज अपने नाम कर ली।
मैच का घटनाक्रम
मंगलवार को खेले गए इस निर्णायक मुकाबले में अफगानिस्तान की पारी की शुरुआत एक बार फिर लड़खड़ाती रही। भारतीय गेंदबाज़ों ने शुरुआती 6 ओवरों में मेहमान बल्लेबाज़ों पर पूरी तरह दबाव बनाए रखा, जिससे अफगानिस्तान पावरप्ले में वह गति हासिल नहीं कर सकी जो टी20 क्रिकेट में बड़े स्कोर के लिए ज़रूरी होती है। अंततः टीम 159/8 तक ही पहुँच सकी — पहले मैच जैसा ही दृश्य।
भारत ने इस लक्ष्य को 14.5 ओवरों में 7 विकेट शेष रखते हुए पूरा कर लिया, जो अफगानिस्तान की गेंदबाज़ी और क्षेत्ररक्षण पर भी सवाल खड़े करता है।
जादरान की स्वीकारोक्ति
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इब्राहिम जादरान ने बेबाकी से कहा, 'निश्चित रूप से हमें फिर से संघर्ष करना पड़ा। हमें वह नहीं मिला जो हम चाहते थे, लेकिन एक ग्रुप के तौर पर हमने इस बारे में सोचा: कैसे सुधार करें, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह रवैया कैसे अपनाएं और उसे कैसे बनाए रखें, खासकर बड़ी टीमों के खिलाफ।'
उन्होंने पावरप्ले में विफलता को सीधे तौर पर स्वीकार करते हुए कहा, 'हां, मैं कहूंगा कि हमने पावरप्ले में अच्छा नहीं खेला। इसलिए हमें वहां गति नहीं मिली। उन्होंने हम पर दबाव बनाया। मैं गेंदबाज़ों को श्रेय देता हूं।'
ड्रेसिंग रूम की योजना और उसकी विफलता
गौरतलब है कि पहले मैच के बाद अफगान खेमे में इस बात पर विशेष चर्चा हुई थी कि स्कोर को 150-160 के दायरे से निकालकर 200 से ऊपर कैसे ले जाया जाए। जादरान ने बताया, 'हमने सोचा कि 150-160 के स्कोर को 200 से ज़्यादा कैसे किया जाए। इसलिए हमें टीम में वह इरादा लाने की ज़रूरत है।'
हालांकि, योजना और क्रियान्वयन के बीच की यही खाई अफगानिस्तान की सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई। कप्तान ने माना कि टीम उस आक्रामक इरादे को मैदान पर उतारने में नाकाम रही — 'लेकिन हां, हमने उसे लागू नहीं किया।'
भविष्य की राह
जादरान ने फिर भी आत्मविश्वास जताते हुए कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी टीम को हराना है, तो हम इस मामले में सुधार करेंगे।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह इस साल अफगानिस्तान का सिर्फ दूसरा मैच था और सीमित अभ्यास के चलते टीम को खुद को ढालने में वक्त लग रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है — पर बड़ी टीमों के खिलाफ पावरप्ले की यह पुरानी कमज़ोरी उनके सफर में बड़ी रुकावट बनी हुई है।