16 सितंबर 2026
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वारिस पठान का बड़ा बयान: दिशा सालियान केस को राजनीतिक रंग न दें, यूसीसी संविधान के खिलाफ

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वारिस पठान का बड़ा बयान: दिशा सालियान केस को राजनीतिक रंग न दें, यूसीसी संविधान के खिलाफ

सारांश

एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने एक साथ कई बड़े मुद्दों पर मोर्चा खोला — दिशा सालियान केस में न्याय की माँग, यूसीसी को संविधान-विरोधी बताना, और राजस्थान में जीत के बाद उत्तर प्रदेश पर नज़र। यह बयान एआईएमआईएम की विस्तारवादी राजनीतिक रणनीति का साफ़ संकेत है।

मुख्य बातें

वारिस पठान ने दिशा सालियान मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने से बचने की अपील की; कहा — सीबीआई जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
पठान ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को संविधान के तहत मिले अधिकारों के खिलाफ बताया; एआईएमआईएम का विरोध जारी रहेगा।
मराठा आरक्षण के समर्थन के साथ-साथ मुस्लिम पिछड़े वर्गों के लिए भी आरक्षण की माँग; सच्चर कमेटी रिपोर्ट का हवाला।
राजस्थान निकाय चुनाव में एआईएमआईएम के दो उम्मीदवार जीते; आरएलपी के साथ गठबंधन में सफलता।
₹2,000 से अधिक यूपीआई लेनदेन पर शुल्क की चर्चा को 'आम जनता पर बोझ' बताया।
मसूद अजहर पर पाकिस्तानी इनाम को 'महज दिखावा' करार दिया; आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग।

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने 15 सितंबर 2026 को मुंबई में कई संवेदनशील मुद्दों पर अपनी राय रखी — इनमें दिशा सालियान मामले में सीबीआई की एफआईआर, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), मराठा आरक्षण आंदोलन और राजस्थान निकाय चुनाव में पार्टी की जीत शामिल रहे। पठान ने दिशा सालियान केस को राजनीतिक मुद्दा बनाने से बचने की अपील की और यूसीसी को संविधान के प्रावधानों के विरुद्ध बताया।

दिशा सालियान मामला: राजनीति नहीं, न्याय ज़रूरी

दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान पिछले छह वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका प्रारंभ से ही यह दावा रहा है कि उनकी बेटी की मौत आत्महत्या नहीं थी। पठान ने कहा कि सतीश सालियान ने उच्च न्यायालय का रुख किया था और अदालत के आदेश के बाद ही सीबीआई जांच शुरू हुई।

पठान के अनुसार, सीबीआई को यह भी जांचना होगा कि पहले मामले में क्लोजर रिपोर्ट किस आधार पर दाखिल की गई थी और उस समय किन साक्ष्यों पर विचार हुआ था। उन्होंने कहा कि गवाहों के बयान और तथ्यों की जांच के बाद जब सीबीआई अदालत के सामने चार्जशीट या रिपोर्ट रखेगी, तभी तस्वीर स्पष्ट होगी। पठान ने मीडिया ट्रायल और अटकलों से बचने की अपील करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।

यूसीसी पर कड़ा विरोध

पठान ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का विरोध करते हुए कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता और बहुलतावादी संस्कृति से है। उनके अनुसार, अलग-अलग धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं वाले समाज को एक ही कानूनी ढाँचे में नहीं बाँधा जा सकता। उन्होंने तर्क दिया कि यूसीसी संविधान के तहत नागरिकों को मिले अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।

पठान ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था के ज़रिए मुस्लिम समुदाय पर एक विशेष धार्मिक कानून थोपने की कोशिश की जा रही है। अलग-अलग राज्यों में प्रचलित कानूनों और प्रथाओं का उदाहरण देते हुए उन्होंने यूसीसी की कथित 'एकरूपता' पर सवाल उठाए और कहा कि एआईएमआईएम आगे भी इसका विरोध जारी रखेगी।

मराठा आरक्षण और मुस्लिम पिछड़े वर्ग

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा मुंबई मार्च की तारीख घोषित किए जाने पर पठान ने कहा कि एआईएमआईएम ने मराठा आरक्षण की मांग का हमेशा समर्थन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि धनगर समाज को भी आरक्षण मिलना चाहिए।

पठान ने सच्चर कमेटी और अन्य रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुस्लिम समाज के सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए भी आरक्षण की माँग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह माँग व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि उन पिछड़े परिवारों के लिए है जो अपने बच्चों को शिक्षित कर आगे बढ़ाना चाहते हैं।

यूपीआई शुल्क और डिजिटल भुगतान पर सवाल

₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की चर्चा पर पठान ने सरकार की नीति को असंगत बताया। उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने लोगों को डिजिटल भुगतान की आदत डाली और यूपीआई को सुविधा के रूप में प्रचारित किया। अब जब लोग इस पर निर्भर हो चुके हैं, तब शुल्क लगाने की बात से आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और सरकार पर भरोसा कमज़ोर होगा।

राजस्थान निकाय चुनाव और आगे की राह

राजस्थान निकाय चुनाव में एआईएमआईएम के दो उम्मीदवारों की जीत पर पठान ने इसे पार्टी की बड़ी उपलब्धि बताया। आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल की पार्टी के साथ गठबंधन के तहत कई जगहों पर सफलता मिली। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम राजस्थान में अपना राजनीतिक आधार बढ़ा रही है और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। आगामी चुनावों में किस दल के साथ गठबंधन होगा, इसका फैसला उचित समय पर किया जाएगा।

पठान ने जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर पाकिस्तान द्वारा इनाम घोषित किए जाने को 'महज दिखावा' करार दिया और पुलवामा, 26/11 तथा पहलगाम जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने माँग की कि आतंकवाद को किसी भी कीमत पर समाप्त किया जाए। न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकारों पर पठान के बयान यह संकेत देते हैं कि एआईएमआईएम आने वाले महीनों में इन मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे पर और मुखरता से उठाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एआईएमआईएम को 'जिम्मेदार विपक्ष' की छवि देने की कोशिश है। यूसीसी पर विरोध नया नहीं है, लेकिन राजस्थान जीत के ठीक बाद इसे दोहराना यह संकेत देता है कि पार्टी उत्तर और पश्चिम भारत में अपने मतदाता आधार को मज़बूत करना चाहती है। मराठा आरक्षण के समर्थन के साथ मुस्लिम पिछड़े वर्गों की माँग जोड़ना एक चतुर सामाजिक गठजोड़ की राजनीति है, लेकिन इसकी व्यावहारिक राजनीतिक सफलता तब तक संदिग्ध रहेगी जब तक एआईएमआईएम महाराष्ट्र से बाहर अपनी ज़मीन नहीं बनाती।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वारिस पठान ने दिशा सालियान मामले पर क्या कहा?
वारिस पठान ने कहा कि दिशा सालियान मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए और सीबीआई की जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई को पहले की क्लोजर रिपोर्ट के आधार की भी जांच करनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना ज़रूरी है।
एआईएमआईएम यूसीसी का विरोध क्यों करती है?
एआईएमआईएम का कहना है कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भारत की बहुलतावादी संस्कृति और संविधान के तहत नागरिकों को मिले अधिकारों के विरुद्ध है। पठान के अनुसार, अलग-अलग धर्मों और परंपराओं वाले समाज को एक ही कानूनी ढाँचे में बाँधना मुस्लिम समुदाय पर विशेष कानून थोपने जैसा है।
राजस्थान निकाय चुनाव में एआईएमआईएम का प्रदर्शन कैसा रहा?
राजस्थान निकाय चुनाव में एआईएमआईएम के दो उम्मीदवार जीते, जिसे पठान ने पार्टी की बड़ी उपलब्धि बताया। यह जीत आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल की पार्टी के साथ गठबंधन के तहत आई और पार्टी अब उत्तर प्रदेश में भी विस्तार की योजना बना रही है।
यूपीआई शुल्क को लेकर वारिस पठान का क्या रुख है?
पठान ने ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की चर्चा का विरोध किया। उनका कहना है कि जब सरकार ने खुद लोगों को डिजिटल भुगतान की आदत डाली, तब अब शुल्क लगाना आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालेगा और सरकार पर भरोसा कमज़ोर करेगा।
वारिस पठान ने मसूद अजहर पर पाकिस्तान के इनाम को लेकर क्या कहा?
पठान ने पाकिस्तान द्वारा जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर इनाम घोषित किए जाने को 'महज दिखावा' करार दिया। उन्होंने पुलवामा, 26/11 और पहलगाम का हवाला देते हुए पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और सख्त कार्रवाई की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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