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दिशा सालियन केस: सीबीआई जांच में आदित्य ठाकरे की भूमिका की होगी पड़ताल — संजय निरुपम

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दिशा सालियन केस: सीबीआई जांच में आदित्य ठाकरे की भूमिका की होगी पड़ताल — संजय निरुपम

सारांश

दिशा सालियन केस में CBI की एंट्री के बाद शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने आदित्य ठाकरे की भूमिका की जांच की माँग उठाई। साथ ही UCC पर JDU को समझाने की कोशिश की और UPI शुल्क-मुक्त फैसले का स्वागत किया — तीन मुद्दे, एक बयान, बड़ा राजनीतिक संदेश।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 15 सितंबर 2026 को दिशा सालियन केस में CBI जांच, UCC और UPI शुल्क पर प्रतिक्रिया दी।
मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश के बाद CBI ने एफआईआर दर्ज की; निरुपम ने कहा — जांच में आदित्य ठाकरे की भूमिका भी जाँची जाएगी।
कथित तौर पर उद्धव ठाकरे के CM कार्यकाल में मुंबई पुलिस ने जांच दबाने का प्रयास किया था।
निरुपम ने UCC का समर्थन किया और JDU से अपील की कि वह इसे धार्मिक नज़रिए से न देखे।
₹2,000 तक के UPI-RuPay लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाने के सरकारी फैसले का निरुपम ने स्वागत किया।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 15 सितंबर 2026 को मुंबई में तीन अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी — दिशा सालियन की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने, समान नागरिक संहिता (UCC) पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान और UPI-RuPay डिजिटल भुगतान पर शुल्क न लगाने के सरकारी फैसले पर। निरुपम ने कहा कि CBI की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस पूरे प्रकरण में किसकी क्या भूमिका रही।

दिशा सालियन मामला: CBI जांच का पृष्ठभूमि

निरुपम ने बताया कि मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश के बाद CBI को इस मामले की जांच सौंपी गई है। उनके अनुसार, दिशा सालियन के पिता ने न्यायालय के समक्ष जांच की माँग उठाई थी, जिसके बाद अदालत ने CBI को यह जिम्मेदारी दी। कथित तौर पर, उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मुंबई पुलिस ने मामले की जांच को दबाने का प्रयास किया था — हालाँकि यह आरोप अब तक न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है।

आदित्य ठाकरे की भूमिका पर निरुपम का बयान

निरुपम ने आदित्य ठाकरे का नाम लेते हुए कहा कि जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि उनकी कोई भूमिका थी या नहीं। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि CBI इस मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच करेगी। गौरतलब है कि यह मामला वर्षों से राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है और अब केंद्रीय एजेंसी की जांच से नए तथ्य सामने आने की संभावना है।

UCC पर शिवसेना का रुख: JDU से अपील

समान नागरिक संहिता पर शिवसेना के समर्थन को दोहराते हुए निरुपम ने कहा कि NDA शासित राज्यों में आने वाले वर्षों में UCC को लागू करने की दिशा में काम होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि UCC का उद्देश्य किसी धर्म की पहचान मिटाना नहीं, बल्कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है। उन्होंने बिहार की सहयोगी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) से अपील की कि वह इस विषय को धार्मिक चश्मे से न देखे।

UPI-RuPay पर शुल्क नहीं: निरुपम ने किया स्वागत

डिजिटल भुगतान से जुड़े सरकारी फैसले पर निरुपम ने कहा कि ₹2,000 तक के UPI-RuPay लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क या कर नहीं लगाया जाएगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI लेनदेन को भी इस व्यवस्था में अलग श्रेणी में रखा गया है और उस पर भी शुल्क नहीं लगेगा। उन्होंने इस निर्णय को आम नागरिकों के हित में बताते हुए कहा कि UPI अब रोज़मर्रा के छोटे-बड़े लेनदेन का अहम माध्यम बन चुका है, इसलिए शुल्क-मुक्त व्यवस्था आम उपभोक्ताओं को सीधी राहत देती है।

आगे क्या होगा

CBI की जांच में अब यह पड़ताल होगी कि मामले में पूर्ववर्ती जांच के दौरान किसी प्रकार की कमी या दबाव था या नहीं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही राजनीतिक और कानूनी स्तर पर अगले कदमों की दिशा तय होगी। यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर केंद्रीय मुद्दा बनता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल निशाना स्पष्ट है — महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट को घेरना। दिशा सालियन प्रकरण वर्षों से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है और CBI की एंट्री इसे नई धार देती है। हालाँकि, आदित्य ठाकरे के खिलाफ अब तक कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं हुआ है — ऐसे में जांच से पहले नाम लेना न्यायिक प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देने का जोखिम उठाता है। UCC और UPI पर निरुपम की टिप्पणियाँ अपेक्षाकृत सुरक्षित मैदान हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि CBI की जांच राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर निष्कर्ष तक पहुँच पाएगी या नहीं।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिशा सालियन केस में CBI ने एफआईआर क्यों दर्ज की?
मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश के बाद CBI ने दिशा सालियन मौत मामले में एफआईआर दर्ज की। दिशा के पिता ने अदालत के समक्ष निष्पक्ष जांच की माँग उठाई थी, जिसके बाद न्यायालय ने CBI को यह जिम्मेदारी सौंपी।
संजय निरुपम ने आदित्य ठाकरे के बारे में क्या कहा?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि CBI की जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि आदित्य ठाकरे की इस मामले में कोई भूमिका थी या नहीं। उन्होंने जांच के निष्कर्षों का इंतजार करने की बात कही।
समान नागरिक संहिता (UCC) पर शिवसेना का क्या रुख है?
शिवसेना UCC के समर्थन में है। निरुपम ने कहा कि UCC का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में एकसमान कानूनी व्यवस्था बनाना है, न कि किसी धर्म की पहचान मिटाना। उन्होंने NDA सहयोगी JDU से भी इसका समर्थन करने की अपील की।
UPI-RuPay पर शुल्क नहीं लगाने का फैसला क्या है?
सरकार के फैसले के तहत ₹2,000 तक के UPI-RuPay लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क या कर नहीं लगाया जाएगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति UPI भुगतान भी इस शुल्क-मुक्त श्रेणी में आएगा, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
दिशा सालियन केस की जांच में आगे क्या होगा?
CBI अब यह जाँचेगी कि पूर्ववर्ती मुंबई पुलिस जांच में किसी प्रकार की कमी या दबाव था या नहीं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह तय होगा कि मामले में किन व्यक्तियों की भूमिका थी।
राष्ट्र प्रेस
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