दिशा सालियान मामले में CBI की FIR: BJP विधायक राम कदम का उद्धव सरकार पर मामला दबाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 15 सितंबर 2026 को मुंबई में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पूर्व महाराष्ट्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कदम के अनुसार, दिशा सालियान मृत्यु प्रकरण में तत्कालीन सरकार ने जानबूझकर आँखें मूँद लीं और पुलिस ने मामले में संलिप्त लोगों को बचाने के लिए प्रकरण को दबाने का प्रयास किया। यह बयान ऐसे समय आया है जब बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने दिशा के पिता सतीश सालियान के बयान के आधार पर सोमवार को औपचारिक एफआईआर दर्ज की।
कदम के मुख्य आरोप
राम कदम ने कहा कि दिशा की मृत्यु के समय उनके पिता बार-बार सामने आए और दावा किया कि उनकी बेटी की हत्या की गई, मरने से पहले उसे यातनाएँ दी गईं और उसके साथ अत्याचार हुआ। पिता ने सामूहिक दुष्कर्म का भी संदेह जताया था। कदम ने सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद उस समय मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि एक स्टिंग ऑपरेशन से यह सामने आया कि पोस्टमार्टम के दौरान एक व्यक्ति वहाँ मौजूद था, जिसने बताया कि दिशा के शरीर पर कई चोटें और खरोंचों के निशान थे। उन्होंने पूछा, 'अगर तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार किसी को बचाना नहीं चाहती थी, तो एफआईआर दर्ज करने में इतनी देरी क्यों हुई?'
जाँच और न्यायपालिका पर सवाल
कदम ने यह भी जानना चाहा कि इस मामले में कथित तौर पर नेताओं, अभिनेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के बावजूद प्रकरण को CBI को क्यों नहीं सौंपा गया। उनका कहना था कि कानून सबके लिए समान है और पूर्व सरकार ने सही सवाल नहीं उठाए, इसीलिए वह जाँच के दायरे में है।
गौरतलब है कि यह मामला दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मृत्यु से जुड़ा है। दोनों की मौत एक-दूसरे के कुछ ही दिनों के भीतर हुई थी, जो वर्षों से सार्वजनिक बहस का विषय रही है।
सुप्रिया सुले पर निशाना
कदम ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की सांसद सुप्रिया सुले के बयान की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने पूछा कि क्या सुले खुद को न्यायपालिका से ऊपर मानती हैं। कदम ने कहा, 'अगर न्यायपालिका कोई निर्देश जारी करती है तो क्या वह चाहती हैं कि उसका पालन न हो?' यह टिप्पणी सुले के उस बयान के संदर्भ में थी जिसमें उन्होंने मामले की मौजूदा दिशा पर सवाल उठाए थे।
CBI की FIR और पृष्ठभूमि
बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर CBI ने दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। दिशा, दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। यह ऐसे समय में आया है जब यह प्रकरण पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है।
आलोचकों का कहना है कि इस मामले का राजनीतिकरण न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, जबकि परिवार के समर्थकों का तर्क है कि CBI जाँच सालों की माँग के बाद मिली एक ज़रूरी कदम है। आगे देखना होगा कि CBI की जाँच किस दिशा में जाती है और क्या अदालत में ठोस साक्ष्य सामने आते हैं।