30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिशा सालियान मामले में CBI की FIR: BJP विधायक राम कदम का उद्धव सरकार पर मामला दबाने का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिशा सालियान मामले में CBI की FIR: BJP विधायक राम कदम का उद्धव सरकार पर मामला दबाने का आरोप

सारांश

बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर CBI द्वारा दिशा सालियान मामले में FIR दर्ज होते ही BJP विधायक राम कदम ने उद्धव ठाकरे की पूर्व सरकार पर सीधा निशाना साधा — आरोप है कि मामला जानबूझकर दबाया गया और प्रभावशाली लोगों को बचाया गया। यह प्रकरण एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र में आ गया है।

मुख्य बातें

BJP विधायक राम कदम ने 15 सितंबर 2026 को उद्धव ठाकरे की पूर्व सरकार पर दिशा सालियान मामले को दबाने का आरोप लगाया।
बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने पिता सतीश सालियान के बयान पर एफआईआर दर्ज की।
कदम ने स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए कहा कि पोस्टमार्टम के दौरान एक व्यक्ति की उपस्थिति और शरीर पर चोटों के निशान संदिग्ध हैं।
दिशा सालियान दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं।
कदम ने सुप्रिया सुले के बयान की आलोचना करते हुए पूछा कि क्या वह खुद को न्यायपालिका से ऊपर मानती हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 15 सितंबर 2026 को मुंबई में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पूर्व महाराष्ट्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कदम के अनुसार, दिशा सालियान मृत्यु प्रकरण में तत्कालीन सरकार ने जानबूझकर आँखें मूँद लीं और पुलिस ने मामले में संलिप्त लोगों को बचाने के लिए प्रकरण को दबाने का प्रयास किया। यह बयान ऐसे समय आया है जब बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने दिशा के पिता सतीश सालियान के बयान के आधार पर सोमवार को औपचारिक एफआईआर दर्ज की।

कदम के मुख्य आरोप

राम कदम ने कहा कि दिशा की मृत्यु के समय उनके पिता बार-बार सामने आए और दावा किया कि उनकी बेटी की हत्या की गई, मरने से पहले उसे यातनाएँ दी गईं और उसके साथ अत्याचार हुआ। पिता ने सामूहिक दुष्कर्म का भी संदेह जताया था। कदम ने सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद उस समय मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया।

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि एक स्टिंग ऑपरेशन से यह सामने आया कि पोस्टमार्टम के दौरान एक व्यक्ति वहाँ मौजूद था, जिसने बताया कि दिशा के शरीर पर कई चोटें और खरोंचों के निशान थे। उन्होंने पूछा, 'अगर तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार किसी को बचाना नहीं चाहती थी, तो एफआईआर दर्ज करने में इतनी देरी क्यों हुई?'

जाँच और न्यायपालिका पर सवाल

कदम ने यह भी जानना चाहा कि इस मामले में कथित तौर पर नेताओं, अभिनेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के बावजूद प्रकरण को CBI को क्यों नहीं सौंपा गया। उनका कहना था कि कानून सबके लिए समान है और पूर्व सरकार ने सही सवाल नहीं उठाए, इसीलिए वह जाँच के दायरे में है।

गौरतलब है कि यह मामला दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मृत्यु से जुड़ा है। दोनों की मौत एक-दूसरे के कुछ ही दिनों के भीतर हुई थी, जो वर्षों से सार्वजनिक बहस का विषय रही है।

सुप्रिया सुले पर निशाना

कदम ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की सांसद सुप्रिया सुले के बयान की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने पूछा कि क्या सुले खुद को न्यायपालिका से ऊपर मानती हैं। कदम ने कहा, 'अगर न्यायपालिका कोई निर्देश जारी करती है तो क्या वह चाहती हैं कि उसका पालन न हो?' यह टिप्पणी सुले के उस बयान के संदर्भ में थी जिसमें उन्होंने मामले की मौजूदा दिशा पर सवाल उठाए थे।

CBI की FIR और पृष्ठभूमि

बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर CBI ने दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। दिशा, दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। यह ऐसे समय में आया है जब यह प्रकरण पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है।

आलोचकों का कहना है कि इस मामले का राजनीतिकरण न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, जबकि परिवार के समर्थकों का तर्क है कि CBI जाँच सालों की माँग के बाद मिली एक ज़रूरी कदम है। आगे देखना होगा कि CBI की जाँच किस दिशा में जाती है और क्या अदालत में ठोस साक्ष्य सामने आते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन CBI FIR के बाद वे नई धार पकड़ रहे हैं — सवाल यह है कि ये आरोप साक्ष्य पर टिके हैं या चुनावी मौसम में राजनीतिक स्कोर सेटलमेंट का हिस्सा हैं। जो बात मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर छूट जाती है वह यह है कि पिता के बयान पर FIR और किसी पर आरोप-पत्र के बीच बड़ा फासला होता है। न्यायपालिका के निर्देश पर जाँच का स्वागत होना चाहिए, लेकिन राजनीतिक टिप्पणी से जाँच की निष्पक्षता पर सवाल भी उठ सकते हैं।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिशा सालियान मामले में CBI FIR क्यों दर्ज हुई?
बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की। दिशा की मृत्यु को लेकर उनके पिता पहले से हत्या का संदेह और न्याय की माँग करते आए थे।
राम कदम ने उद्धव ठाकरे सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
BJP विधायक राम कदम ने आरोप लगाया कि तत्कालीन उद्धव ठाकरे सरकार ने दिशा सालियान मामले में जानबूझकर आँखें मूँदीं और पुलिस ने संलिप्त लोगों को बचाने के लिए प्रकरण दबाने की कोशिश की। उन्होंने यह भी पूछा कि मामले को CBI को पहले क्यों नहीं सौंपा गया।
दिशा सालियान कौन थीं?
दिशा सालियान दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। दोनों की मृत्यु एक-दूसरे के कुछ ही दिनों के अंतराल में हुई थी, जिसके कारण यह मामला वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है।
BJP ने सुप्रिया सुले पर क्यों निशाना साधा?
राम कदम ने NCP सांसद सुप्रिया सुले के बयान की आलोचना करते हुए पूछा कि क्या वह खुद को न्यायपालिका से ऊपर मानती हैं। उनका इशारा सुले के उस बयान की ओर था जिसमें उन्होंने मामले की मौजूदा दिशा पर आपत्ति जताई थी।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
CBI की FIR दर्ज होने के बाद औपचारिक जाँच शुरू होगी और बॉम्बे हाई कोर्ट की निगरानी में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अदालत में ठोस साक्ष्य प्रस्तुत होने के बाद ही मामले की दिशा स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले