राम कदम का विपक्ष पर हमला: दिशा सालियान CBI जांच, मराठा आरक्षण और UP राजनीति पर बड़े सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा विधायक राम कदम ने 4 सितंबर को मुंबई में एक के बाद एक कई संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष को घेरा — दिशा सालियान प्रकरण में सीबीआई जांच, सुनेत्रा पवार की भावनात्मक अपील, मराठा आरक्षण आंदोलन और उत्तर प्रदेश की राजनीति। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे इन मुद्दों का उपयोग सुनियोजित अवसरवाद के तहत कर रहे हैं।
दिशा सालियान मामला: CBI जांच और आदित्य ठाकरे पर सवाल
राम कदम ने कहा कि दिशा सालियान के पिता ने स्वयं आदित्य ठाकरे का नाम लिया है, जो गंभीर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा, 'यदि आदित्य ठाकरे का इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है, तो पीड़ित परिवार द्वारा उनका नाम लिए जाने की व्याख्या होनी चाहिए।' कदम के अनुसार, उद्धव ठाकरे सरकार के कार्यकाल में मामले को दबाने के आरोप स्वयं पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए थे। उन्होंने सवाल किया कि परिवार को न्याय के लिए इतने वर्षों तक इंतजार क्यों करना पड़ा।
कदम ने स्पष्ट किया कि इस मामले में सीबीआई जांच करेगी और जांच के बाद जो भी सच्चाई होगी, वह सार्वजनिक होगी। उन्होंने कहा कि आदित्य ठाकरे के बयान से अधिक महत्वपूर्ण पीड़ित परिवार की आवाज़ है।
सुनेत्रा पवार की अपील और पवार परिवार का साहस
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अपील का उल्लेख करते हुए कदम ने कहा कि उन्होंने अपने पति को खोया है, उनके बेटों जय और पार्थ ने अपने पिता को खोया है और महाराष्ट्र ने एक वरिष्ठ नेता को खोया है। इसके बावजूद पवार परिवार साहस के साथ सार्वजनिक जीवन में वापस लौटा है।
कदम ने विपक्षी नेताओं से सीधा सवाल किया कि क्या वे सुनेत्रा पवार की उस अपील का सम्मान करेंगे जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके पति के निधन को राजनीतिक हथियार न बनाया जाए।
मराठा आरक्षण: भाजपा की स्थिति और संतुलन की चुनौती
मराठा आरक्षण आंदोलन पर कदम ने कहा कि मराठा समाज दशकों से अपनी मांग के लिए संघर्ष कर रहा है और पिछली सरकारों ने इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया।
कदम ने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में मांग रखने, उपवास करने और आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन किसी दूसरे समाज के आरक्षण को नुकसान पहुँचाकर समाधान निकालना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार सरकार की प्राथमिकता मराठा समाज को न्याय देने के साथ-साथ अन्य समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना भी है।
अखिलेश यादव और UP राजनीति पर निशाना
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कदम ने कहा कि आगामी चुनाव में हार की आशंका के कारण वे आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव द्वारा 'चवन्नी' शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठाया और समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों के कार्यकाल में अयोध्या से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर भी आरोप लगाए।
कदम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता तय करेगी कि इस प्रकार की भाषा का उपयोग करने वाले नेताओं को कितना महत्व दिया जाए।
सनातन धर्म और CJP पर BJP का रुख
कदम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सनातन धर्म से जुड़े बयान का समर्थन किया और कहा कि कुछ ताकतें सनातन हिंदू धर्म की छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कृष्ण जन्माष्टमी का संदर्भ देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण का जन्म कारागार में हुआ था, फिर भी उन्होंने कंस का अंत किया — इसी संदर्भ में योगी के बयान को देखा जाना चाहिए।
सीजेपी संगठन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान का हवाला देते हुए कदम ने उसे 'कांग्रेस को जिताओ पार्टी' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों के पीछे कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल से जुड़े लोगों की भूमिका है, और युवाओं को इस प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों के ज़रिए भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए। देश की जीडीपी वृद्धि के बेहतर प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समय में विपक्ष की राजनीति एक सोची-समझी रणनीति है।