एटीएम चोरी गैंग का मास्टरमाइंड 'इम्मा' एक साल बाद राजस्थान के जंगल से गिरफ्तार, 20+ मामलों में था वांछित
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली क्राइम ब्रांच की एनडीआर यूनिट ने 2 सितंबर 2026 को एटीएम चोरी गिरोह के मास्टरमाइंड इमरान खान उर्फ 'इम्मा' को राजस्थान के भिवाड़ी स्थित ग्वाल्डा हिल्स के घने जंगलों से गिरफ्तार किया। करीब एक साल से फरार यह आरोपी दिल्ली सहित कई राज्यों में 20 से अधिक एटीएम चोरी के मामलों में वांछित था और दो मामलों में अदालत द्वारा घोषित अपराधी (पीओ) करार दिया जा चुका था।
कौन है इमरान खान उर्फ 'इम्मा'
पुलिस के अनुसार, 36 वर्षीय इमरान खान हरियाणा के पलवल जिले के हथीन थाना क्षेत्र के मामोल्का गाँव का निवासी है। वह अनपढ़ है और पार्ट-टाइम ट्रक ड्राइवर का काम करता था। स्थानीय स्तर पर वह 'इम्मा' के नाम से जाना जाता है। पुलिस का कहना है कि उसने एटीएम मशीनों को उखाड़ने और खोलने में विशेष दक्षता हासिल कर ली थी, जो उसे गिरोह का सूत्रधार बनाती थी।
कैसे हुई गिरफ्तारी
डीसीपी चंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर एसीपी उमेश बर्थवाल की निगरानी और इंस्पेक्टर विवेक मलिक की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने पिछले एक साल में तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर जाँच को मेवात क्षेत्र तक सीमित किया।
हेड कांस्टेबल रामनरेश और एसआई उमरदीन ने स्थानीय वेशभूषा में इलाके में घुलकर गुप्त सूचनाएँ जुटाईं। अंततः पता चला कि आरोपी भिवाड़ी के ग्वाल्डा हिल्स के जंगल में एक सुनसान ठिकाने पर छिपा है। 2 सितंबर को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सर्च ऑपरेशन चलाकर कई घंटों की तलाशी के बाद उसे दबोच लिया गया।
मामलों का विवरण
जाँच में सामने आया है कि इम्मा दिल्ली में 12 से अधिक और गुजरात व राजस्थान सहित अन्य राज्यों में 8 मामलों में शामिल रहा है। वह कुल 10 मामलों में फरार था और 6 मामलों में उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी थे।
दो मामलों — हजरत निजामुद्दीन थाने की ई-एफआईआर 7271/2022 और स्पेशल सेल की एफआईआर 74/2022 — में अदालत ने उसे घोषित अपराधी करार दिया था। पूछताछ में उसने दिल्ली के मंडावली, तिमारपुर और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हुई दो और एटीएम चोरी में भी संलिप्तता स्वीकार की है, जिनमें औपचारिक गिरफ्तारी अभी शेष है। इसके अलावा गुजरात के भरूच के वागरा व दहेज थानों और राजस्थान के दौसा के कोलवा थाने में भी उस पर मामले दर्ज हैं।
आगे की जाँच
क्राइम ब्रांच का मानना है कि इस गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एटीएम चोरी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। पुलिस अब आरोपी के साथियों, लूट की राशि के बंटवारे और एटीएम मशीनें ले जाने के लिए इस्तेमाल किए गए वाहनों व लॉजिस्टिक्स के बारे में पूछताछ कर रही है। यह गिरफ्तारी संगठित एटीएम चोरी गिरोहों के विरुद्ध दिल्ली पुलिस की चल रही मुहिम में एक अहम कड़ी मानी जा रही है।