एटीएम ठगी के मास्टरमाइंड 'गुंजन' का पर्दाफाश, 14 सालों से सक्रिय शातिर गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- 14 सालों से सक्रिय ठग 'गुंजन' को गिरफ्तार किया गया।
- आरोपी ने बुजुर्गों को निशाना बनाया।
- पुलिस ने तकनीकी जांच से आरोपी की पहचान की।
- लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- आरोपी के पास से कई एटीएम कार्ड बरामद किए गए।
मुंबई, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिंडोशी पुलिस ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो एटीएम के बाहर लोगों को मदद के बहाने फंसाकर उनके खाते से पैसे निकालने का काम कर रहा था। यह आरोपी पिछले 14 वर्षों से मुंबई, ठाणे और ओडिशा में इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।
पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी 2026 को मलाड पूर्व क्षेत्र में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग स्टेट बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान एक अज्ञात युवक ने उनसे बातचीत करके मदद के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल लिया और उनके खाते से 40,000 रुपए निकाल लिए।
जब पीड़ित ने शिकायत की, तो पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। दिंडोशी पुलिस ने लगभग 2 महीनों तक 60-70 सीसीटीवी फुटेज की जांच की और तकनीकी सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान की।
अंततः पुलिस ने आरोपी सम्पत कुमार कृष्णा आचार्य (35) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से 25 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, 2 मोबाइल फोन, और ठगी से संबंधित अन्य सामग्री बरामद की है। जांच में ये भी सामने आया कि आरोपी ने विभिन्न पुलिस थानों में कई वारदातें की हैं, जिनमें दिंडोशी, कस्तूरबा और कुरार पुलिस स्टेशन के मामले शामिल हैं।
आरोपी का तरीका बेहद चालाक था। वह एटीएम के बाहर खड़े होकर बुजुर्गों या अनजान लोगों को अपना निशाना बनाता था। इस दौरान वह खुद को 'गुंजन' बताकर दोस्ताना तरीके से बातचीत करता था। मदद के बहाने वह एटीएम कार्ड बदलकर बाद में फरार हो जाता था।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे एटीएम पर किसी अजनबी की मदद न लें और अपना कार्ड एवं पिन किसी से साझा न करें। फिलहाल, पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके अन्य साथी और पुराने मामलों की जांच कर रही है।