राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग: BJYM नेता ने दिल्ली के तिगड़ी थाने में दी शिकायत

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राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग: BJYM नेता ने दिल्ली के तिगड़ी थाने में दी शिकायत

सारांश

BJYM के दिल्ली प्रवक्ता अभिषेक दुबे ने 21 मई को तिगड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई — आरोप है कि 20 मई के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणी की। पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

मुख्य बातें

BJYM के दिल्ली प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक दुबे ने 21 मई 2025 को तिगड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में आरोप है कि राहुल गांधी ने 20 मई के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की माँग की गई है।
पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध कथित अमर्यादित टिप्पणी का विवाद 21 मई 2025 को दिल्ली के तिगड़ी थाने तक पहुँच गया। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के दिल्ली प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक दुबे ने थाने में लिखित शिकायत देकर राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की माँग की है।

शिकायत में क्या कहा गया

शिकायत के अनुसार, 20 मई को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के विरुद्ध कथित तौर पर आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। शिकायतकर्ता अभिषेक दुबे का आरोप है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है।

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्तियों या वरिष्ठ राजनेताओं के विरुद्ध ऐसी टिप्पणियाँ न केवल उनकी गरिमा को आघात पहुँचाती हैं, बल्कि समाज में तनाव और वैमनस्य फैलाने की आशंका भी उत्पन्न करती हैं।

कानूनी कार्रवाई की माँग

दुबे ने अपनी शिकायत में पुलिस से अनुरोध किया है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। उनका तर्क है कि ऐसी कार्रवाई भविष्य में सार्वजनिक मंचों पर अमर्यादित भाषा के उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस तरह के बयान आम नागरिकों के बीच राजनीतिक कटुता बढ़ाते हैं और समाज को गलत संदेश देते हैं, इसलिए तत्काल एवं सख्त कार्रवाई अपेक्षित है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

फिलहाल तिगड़ी थाना पुलिस की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस शिकायत को संज्ञान में लेकर जाँच शुरू करेगी या नहीं।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि भाषण और बयानों को लेकर विपक्षी नेताओं के विरुद्ध शिकायतें दर्ज कराने का चलन हाल के वर्षों में बढ़ा है। राहुल गांधी की ओर से इस शिकायत पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आने वाले दिनों में पुलिस के रुख और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनका परिणाम शायद ही कभी अभियोजन तक पहुँचता है। असली सवाल यह है कि क्या पुलिस इसे संज्ञेय मानती है — और यह निर्णय ही इस मामले की वास्तविक राजनीतिक और कानूनी दिशा तय करेगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी के खिलाफ तिगड़ी थाने में क्या शिकायत दी गई है?
BJYM के दिल्ली प्रवक्ता अभिषेक दुबे ने 21 मई 2025 को तिगड़ी थाने में शिकायत दी, जिसमें आरोप है कि राहुल गांधी ने 20 मई के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। शिकायत में BNS के तहत FIR दर्ज करने की माँग की गई है।
क्या पुलिस ने इस शिकायत पर कोई कार्रवाई की है?
अभी तक तिगड़ी थाना पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस को यह तय करना होगा कि मामला संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है या नहीं।
BJYM ने किन कानूनी धाराओं के तहत FIR की माँग की है?
शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की माँग की गई है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि ऐसी टिप्पणियाँ सामाजिक तनाव और वैमनस्य फैला सकती हैं।
राहुल गांधी ने कथित तौर पर क्या कहा था?
शिकायत के अनुसार, 20 मई को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध कथित तौर पर आपत्तिजनक और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इस तरह की राजनीतिक शिकायतें कितनी प्रभावी होती हैं?
राजनीतिक बयानों पर दर्ज शिकायतें अक्सर प्रतीकात्मक होती हैं और शायद ही अभियोजन तक पहुँचती हैं। FIR तभी दर्ज होती है जब पुलिस मामले में संज्ञेय अपराध का तत्व पाती है, जो इस तरह के भाषण-संबंधी मामलों में विवादास्पद रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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