गंगा में बिरयानी डालने का वीडियो वायरल, साध्वी प्राची की विवादित प्रतिक्रिया से हरिद्वार में बवाल

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गंगा में बिरयानी डालने का वीडियो वायरल, साध्वी प्राची की विवादित प्रतिक्रिया से हरिद्वार में बवाल

सारांश

हरिद्वार में गंगा में बिरयानी डालने का एक वायरल वीडियो धार्मिक आक्रोश का केंद्र बन गया है। साध्वी प्राची के 'नो जेल, नो बेल, 72 हूर से मेल कराओ' वाले बयान ने विवाद को और भड़काया। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, जबकि प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

मुख्य बातें

हरिद्वार से 21 मई को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर युवक गंगा नदी में ड्रम से बिरयानी डालते दिख रहे हैं।
साध्वी प्राची ने विवादित बयान दिया — 'नो जेल, नो बेल, सीधे 72 हूर से मेल कराओ।' साध्वी प्राची ने सरकार से मामले की जाँच और ज़िम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।
वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है; प्रशासन का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
इस घटना ने हरिद्वार में धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है।

हरिद्वार से 21 मई को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर कुछ युवक एक ड्रम में भरी बिरयानी गंगा नदी में डालते दिख रहे हैं। इस वीडियो ने धर्मनगरी में व्यापक आक्रोश उत्पन्न किया और हिंदू संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।

वायरल वीडियो और विवाद

वीडियो में दिख रहे दृश्यों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। सोशल मीडिया पर इसके सामने आते ही लोगों में गहरी नाराज़गी देखी गई। गंगा नदी को हिंदू आस्था में अत्यंत पवित्र माना जाता है और इस तरह की कथित हरकत को धार्मिक भावनाओं पर सीधा आघात बताया जा रहा है।

साध्वी प्राची की विवादित प्रतिक्रिया

इस मामले पर साध्वी प्राची ने तीखी और विवादास्पद प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'सनातनियों की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है, क्योंकि ये कठमुल्ले सनातनियों को कमज़ोर समझ रहे हैं। उनका मानना है कि हिंदू जातियों, भाषावाद, क्षेत्रवाद और प्रांतवाद में बंटा हुआ है।'

साध्वी प्राची ने आगे कहा, 'ये कठमुल्ले गंगा माँ को अपवित्र करना चाह रहे थे, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा। जो लोग इस तरह का षड्यंत्र रच रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इन लोगों के लिए नो जेल, नो बेल, बल्कि सीधे 72 हूर से मेल कराओ।' उनके इस बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया है।

सामाजिक सौहार्द पर असर

साध्वी प्राची ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएँ समाज में तनाव पैदा करती हैं और इन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की ज़रूरत है। उनके अनुसार, ऐसी गतिविधियाँ न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल असर डालती हैं।

सरकार से जाँच की माँग

साध्वी प्राची ने सरकार से अपील की कि इस मामले की विधिवत जाँच हो और जो भी इसके पीछे ज़िम्मेदार हों, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सभी सनातनी एकजुट हो जाएँ तो जानबूझकर आस्था पर हमला करने वाली मानसिकता के लोग दिखने ही बंद हो जाएँगे। अभी तक प्रशासन की ओर से इस वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तत्काल धार्मिक आक्रोश, और राजनीतिक रूप से आवेशित बयानबाज़ी जो जाँच से पहले ही निर्णय सुना देती है। साध्वी प्राची का '72 हूर' वाला बयान स्वयं एक बड़ा विवाद बन गया है, जो मूल घटना से ध्यान हटाता है। जब तक प्रशासन वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता, तब तक इस मामले को तथ्य के बजाय आरोप के स्तर पर ही रखना पत्रकारिता की ज़िम्मेदारी है। धार्मिक स्थलों पर कथित अपमान की घटनाएँ अक्सर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को हवा देती हैं — ऐसे में जाँच की माँग उचित है, लेकिन सत्यापन से पहले उग्र बयानबाज़ी सामाजिक तनाव बढ़ाने का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरिद्वार में गंगा में बिरयानी डालने का वीडियो क्या है?
यह एक वायरल वीडियो है जिसमें कथित तौर पर कुछ युवक 21 मई को हरिद्वार में गंगा नदी में ड्रम से बिरयानी डालते दिख रहे हैं। इस वीडियो की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
साध्वी प्राची ने इस मामले पर क्या कहा?
साध्वी प्राची ने कहा कि ऐसे लोगों को जेल या बेल के चक्कर में नहीं डालना चाहिए, बल्कि 'सीधे 72 हूर से मेल कराओ।' उन्होंने सरकार से मामले की जाँच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी माँग की।
क्या इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी हुई है?
अभी तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी या प्रशासनिक कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी कोई बयान सामने नहीं आया है।
इस वीडियो से सामाजिक सौहार्द पर क्या असर पड़ा?
साध्वी प्राची सहित कई लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं और समाज में तनाव पैदा करती हैं। इस वीडियो ने हरिद्वार में व्यापक आक्रोश उत्पन्न किया है।
गंगा नदी में इस तरह की हरकत पर कानूनी प्रावधान क्या हैं?
गंगा नदी में प्रदूषण फैलाना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशानिर्देशों के तहत दंडनीय है। इसके अलावा धार्मिक भावनाएँ आहत करने पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराएँ भी लागू हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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