गंगा का धार्मिक महत्व: दिनेश शर्मा की चेतावनी, इफ्तार पार्टी पर उठे सवाल
सारांश
Key Takeaways
- गंगा का पवित्र महत्व और इसे अपवित्र न करने की आवश्यकता।
- 14 युवकों की गिरफ्तारी और कानून की प्रक्रिया।
- राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी पर एक नाव में इफ्तार पार्टी के दौरान कथित तौर पर मांसाहारी भोजन फेंकने के मामले में 14 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना धार्मिक संवेदनाओं और कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बन गई है।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि गंगा का सनातन धर्म में अत्यधिक पवित्र महत्व है और इसे माँ के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को इसकी गरिमा का सम्मान करना चाहिए और ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जो धार्मिक आस्था के खिलाफ हो। उन्होंने यह भी बताया कि कानून अपनी प्रक्रिया के अनुसार कार्यवाही करता है।
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने इस मामले को इफ्तार पार्टी से जोड़ने पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह किसी विशेष समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के प्रयास हो सकते हैं और नाव पर इफ्तार आयोजित करने का दावा नया है।
वहीं, कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा कि उन्हें पूरी घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह कहा कि यदि लोग इफ्तार कर रहे थे तो इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए, लेकिन अगर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि मंगलवार को वाराणसी में गंगा नदी के बीच एक नाव पर कुछ लोगों का इफ्तार पार्टी करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें लोग नॉनवेज फेंकते हुए नजर आए। शिकायत मिलने पर पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।
वीडियो में आरोप लगाया गया है कि नाव पर उपस्थित लोग मांसाहारी भोजन का सेवन कर रहे थे और बचे हुए भोजन को गंगा में फेंक रहे थे। कहा जा रहा है कि इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, क्योंकि गंगा नदी को अत्यंत पवित्र माना जाता है और यहाँ लाखों लोग पूजा और स्नान करते हैं।
यह वीडियो इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर व्यापक रूप से शेयर किया गया। इसमें सूर्यास्त के समय एक छोटी नाव पर कुछ लोग बिरयानी और अन्य खाद्य पदार्थ खाते दिख रहे हैं।
भाजपा की युवा शाखा के एक नेता की शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने शामिल व्यक्तियों और नाव के चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने, गंदगी फैलाने और सार्वजनिक उपद्रव करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं।
अब तक 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है। साथ ही, वीडियो में दिख रहे अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।