वाराणसी इफ्तार पार्टी पर ओपी राजभर का कड़ा बयान, अखिलेश यादव को वोटबैंक की चिंता
सारांश
Key Takeaways
- ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि उनका बयान सिर्फ वोटबैंक के लिए है।
- गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी को राजभर ने गलत बताया।
- राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज है।
- अखिलेश यादव ने नाव पर इफ्तार मनाने का बचाव किया।
- राजभर ने ममता बनर्जी के खिलाफ ईडी की याचिका पर भी टिप्पणी की।
लखनऊ, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी के आयोजन से संबंधित समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को केवल अपने वोटबैंक के लिए ऐसा कहना है।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, "अखिलेश यादव को सिर्फ अपने वोटबैंक के लिए यही करना है। क्या किसी कुरान में लिखा है कि किसी को गंगा नदी में नाव पर बैठकर रोजा खोलना चाहिए? वे (अखिलेश) केवल वोट के लिए बयान दे रहे हैं। उनका बयान पूरी तरह से राजनीति से प्रभावित है।"
उन्होंने नाव पर इफ्तार पार्टी को लेकर कड़ी आलोचना की। राजभर ने कहा, "यह पहली बार है जब लोग गंगा नदी में नाव पर रोजा खोलने और बिरयानी काटने का काम कर रहे हैं। यह पूरी तरह से गलत है। सरकार इस पर कार्रवाई कर रही है।"
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। संविधान के दायरे में सभी को बराबरी का अधिकार है। इसलिए सभी लोग अपने त्योहार मनाने के लिए स्वतंत्र हैं। आज से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो चुका है और जो लोग व्रत रख रहे हैं तथा दूसरे समुदाय के लोग रोजा रख रहे हैं, उन्हें इसे अपने-अपने तरीके से जारी रखना चाहिए।
इससे पहले, अखिलेश यादव ने नाव पर इफ्तार पार्टी के आयोजन का बचाव करते हुए कहा कि नाव पर इफ्तार मनाने में क्या समस्या है? उन्होंने कहा, "उन्हें (पार्टी आयोजकों) जिलाधिकारी, एसपी और अन्य अधिकारियों को भी खाना खिलाना चाहिए था। क्या आपको नहीं पता 'हथेली गर्म, पुलिस नरम'? अगर हथेली पर ईदी रख देते तो सब कुछ ठीक होता।"
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ ईडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "अदालत के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। अदालत ने जो कुछ भी कहा है, वह सही है और पूरी तरह से विचार-विमर्श के बाद ही कहा गया है।"
इसी बीच, ओम प्रकाश राजभर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी पर उनका समर्थन किया। राजभर ने कहा, "कंगना रनौत सदन की सदस्य हैं। उन्हें शायद ऐसा ही महसूस हुआ होगा, इसीलिए उन्होंने ऐसा बयान दिया।"