ओम प्रकाश राजभर का समाजवादी पार्टी पर हमला: समर्थन की कमी और भाजपा की मजबूती
सारांश
Key Takeaways
- ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी की कमजोर स्थिति का हवाला दिया।
- एनडीए के समर्थन में बढ़ती भीड़ को महत्वपूर्ण माना गया।
- यादव और मुस्लिम समुदाय का भाजपा की ओर झुकाव बढ़ रहा है।
- गुर्जर समाज की धार्मिक आस्थाओं पर समाजवादी पार्टी का रुख सवालों में है।
मऊ, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी और उसके नेता अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया। दादरी में आयोजित रैली के बाद उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को जमीनी स्तर पर कोई वास्तविक समर्थन नहीं मिल रहा है, जबकि एनडीए के सहयोगी दलों का वोटर आधार कहीं अधिक मजबूत है।
राजभर ने कहा कि उन्होंने खुद देखा कि पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों से लोग रैली में शामिल होने आए थे। स्थानीय और दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दादरी पहुंचे, जो एनडीए के प्रति बढ़ते समर्थन को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की भीड़ यह संकेत देती है कि गठबंधन के पक्ष में जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के पास ऐसा कोई प्रभावी नेता नहीं है जो पूरे प्रदेश में वोट दिला सके। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में यादव और मुस्लिम समुदाय के लोग अब बीजेपी की ओर बढ़ रहे हैं, जो आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
गुर्जर समाज के संदर्भ में राजभर ने कहा कि गुर्जर समाज धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है और भगवान राम और कृष्ण में गहरी श्रद्धा रखता है, जबकि उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव इन आस्थाओं के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण नहीं रखते। राजभर ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दौरान समाजवादी पार्टी के रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि जब विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों को राम मंदिर जाने का आग्रह किया, तब अखिलेश यादव ने इसका बहिष्कार किया। उन्होंने यह भी कहा कि मथुरा जाने से भी वे कतराते हैं।
राजभर ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी के अंदर ही ऐसी स्थिति बन रही है कि उनके अपने लोग उनकी सरकार बनने नहीं देंगे। उनके मुताबिक, विभिन्न वर्गों के लोग अपने-अपने स्तर पर राजनीतिक समीकरण बना रहे हैं, जिसके कारण समाजवादी पार्टी की स्थिति कमजोर हो रही है। वहीं, एनडीए के बारे में उन्होंने कहा कि एनडीए में शामिल सभी दलों के नेताओं के पास मजबूत वोट बैंक है, जबकि समाजवादी पार्टी के नेताओं के पास ऐसा जनाधार नहीं दिखता। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समाजवादी पार्टी को वास्तविक समर्थन प्राप्त होता, तो उनके खिलाफ बहिष्कार जैसे वीडियो सामने नहीं आते।
सोशल मीडिया का हवाला देते हुए राजभर ने कहा कि उन्होंने कई ऐसे वीडियो देखे हैं, जिनमें गुर्जर समाज के लोग समाजवादी पार्टी का विरोध करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पार्टी के पास मजबूत समर्थन है, तो इस तरह के विरोध के दृश्य क्यों सामने आ रहे हैं।