अबू आजमी ने मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी को बताया गलत, इफ्तार पार्टी पर की टिप्पणी
सारांश
Key Takeaways
- अबू आजमी ने मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी की निंदा की।
- सहनशीलता की कमी पर चिंता व्यक्त की।
- राजनीतिक पूर्वाग्रह के खिलाफ आवाज उठाई।
- गंगा नदी की स्थिति को लेकर सवाल उठाए।
मुंबई, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने इफ्तार पार्टी के दौरान कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा गंगा नदी में बिरयानी के अवशेषों को फेंके जाने की घटना पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने इस मामले में मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी की भी कड़ी निंदा की।
उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि उन युवकों ने कोई गलत कार्य नहीं किया है। परंतु, कुछ लोग राजनीतिक पूर्वाग्रह से प्रभावित होकर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी स्थिति में नहीं स्वीकार किया जा सकता।
अबू आजमी ने कहा कि वर्तमान में सहनशीलता की भावना पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। पूरा तंत्र एक ही समुदाय के खिलाफ हो गया है और इसे समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि इफ्तार पार्टी के दौरान सभी लोग अपने घरों से बाहर आकर लजीज व्यंजनों का आनंद लेते हैं। कोई बाग-बगीचे में, कोई रेस्टोरेंट में और कोई दोस्तों के साथ मिलकर इस अवसर का मजा लेता है। लेकिन दुख की बात है कि इस पूरे मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया दी जा रही है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जब उनसे पूछा गया कि मुस्लिम युवकों द्वारा गंगा नदी में बिरयानी के अवशेष फेंकने पर आपत्ति जताई जा रही है, तो अबू आजमी ने कहा कि गंगा नदी मुस्लिमों की भी है। आज की तारीख में गंगा नदी की हालत किसी से छिपी नहीं है। मेरा सीधा सवाल है कि जो लोग इस मुद्दे पर शोर मचा रहे हैं, क्या गंगा नदी साफ हो गई है?
उन्होंने कहा कि हमें समझना होगा कि गंगा नदी सभी के लिए है। जब मैं बच्चा था, तो इलाहाबाद में रहते हुए खुद गंगा नदी में स्नान करता था।