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वाराणसी में इफ्तार पार्टी पर एसटी हसन की तीखी टिप्पणी: धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए

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वाराणसी में इफ्तार पार्टी पर एसटी हसन की तीखी टिप्पणी: धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए

सारांश

मुरादाबाद के एसटी हसन ने वाराणसी में इफ्तार पार्टी के आयोजन की आलोचना की है, यह कहते हुए कि इसने धार्मिक भावनाओं को आहत किया। उनका कहना है कि ऐसा आयोजन कहीं भी किया जा सकता था, लेकिन गंगा नदी का चयन क्यों?

मुख्य बातें

इफ्तार पार्टी का आयोजन संवेदनशील स्थान पर किया गया।
धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना आवश्यक है।
चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए गए हैं।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
राजनीतिक साजिशों पर ध्यान देना चाहिए।

मुरादाबाद, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता एसटी हसन ने उस वीडियो की निंदा की है, जिसमें वाराणसी की गंगा नदी के बीच कुछ मुस्लिम युवक नाव पर बैठकर इफ्तार पार्टी का आयोजन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन पर आरोप है कि इफ्तार पार्टी के बाद उन्होंने बिरयानी की हड्डियाँ पवित्र नदी में फेंकीं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

हसन ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि इफ्तार पार्टी का आयोजन किसी भी स्थान पर किया जा सकता था, तो फिर वाराणसी का ही चयन क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि यह गलत है। गंगा नदी हमारे हिंदू भाइयों के लिए आस्था का केंद्र है, इसलिए उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जो गलत है, वह गलत है, और इस पर कोई भी विवाद नहीं होना चाहिए। यदि किसी ने खाने के बाद उसके अवशेष नदी में फेंके हैं, जहाँ हमारे हिंदू भाई पूजा करते हैं, तो यह पूरी तरह से अनुचित है। हम इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते। यह स्पष्ट रूप से गलत है।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद चुनाव आयोग द्वारा कई शीर्ष अधिकारियों के तबादले पर प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने ऐसा कदम उठाने की आवश्यकता क्यों महसूस की? क्या यह अधिकारियों के तबादले के माध्यम से चुनाव में धांधली करने की मंशा है?

उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में चुनाव आयोग भाजपा का अग्रदूत बन चुका है, और यह अपने अनुकूल अधिकारियों को नियुक्त करने पर मजबूर है। ऐसे में क्या हम निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कर सकते हैं? उनका मानना है कि इसके पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एक बड़ी साजिश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक भावनाओं और संवेदनाओं का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। वाराणसी में इफ्तार पार्टी का आयोजन इस दृष्टिकोण से विवादस्पद हो गया है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इफ्तार पार्टी का आयोजन वाराणसी में क्यों किया गया?
यह आयोजन गंगा नदी के किनारे किया गया, जो धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
एसटी हसन ने इस पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि ऐसा आयोजन कहीं भी किया जा सकता था, लेकिन वाराणसी का चयन उचित नहीं था।
क्या इस आयोजन से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं?
हां, हसन का कहना है कि बिरयानी की हड्डियाँ नदी में फेंकने से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
चुनाव आयोग के अधिकारियों के तबादले पर क्या प्रतिक्रिया है?
हसन ने इसे चुनाव में धांधली का संकेत बताया है।
क्या वाराणसी के गंगा नदी का धार्मिक महत्व है?
जी हां, गंगा नदी हिंदू धर्म में अत्यधिक पवित्र मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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