गंगा में इफ्तार पार्टी पर अयोध्या के संतों की कड़ी प्रतिक्रिया, राजू दास ने कहा- भावनाओं का अपमान
सारांश
Key Takeaways
- गंगा नदी पर इफ्तार पार्टी का आयोजन विवादित है।
- अयोध्या के संतों ने इसे हिंदू भावनाओं का अपमान बताया है।
- राजू दास ने इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अयोध्या, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वाराणसी में गंगा नदी पर बोट में आयोजित इफ्तार पार्टी को लेकर अयोध्या के संतों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई साधु-संतों ने इस पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कड़ा विरोध किया।
अयोध्या हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने इसे निंदनीय घटना बताया। उन्होंने कहा, "जिन लोगों में गौ माता के प्रति सच्ची आस्था है, वे ऐसा क्यों करेंगे? उनके मन में गौ माता के प्रति इतनी आस्था है, लेकिन वे गौ माता को ही काटते हैं। क्यों केवल गौ माता के मांस को दिखाया और फेंका जाता है? अन्य मांस की चर्चा नहीं होती। इससे हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास लगता है।"
उन्होंने एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा, "बनारस में एक और दुखद घटना का वीडियो सामने आया है। वीडियो में चिकन पार्टी की गई थी। मेरी यही अपील है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।"
राजू दास ने कहा, "हम आपको रोक नहीं रहे हैं, लेकिन जब वहां जाएं तो अपने हिंदू होने का परिचय दें और गौ माता तथा भावनाओं का सम्मान करें।" उन्होंने कहा कि गंगा और काशी के देश में गंगा माता और काशी का अपमान होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
तपस्वी छावनी प्रमुख जगदगुरु परमहंस आचार्य ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। गंगा हमारी पवित्र नदी है। गंगा के मध्य में मांसाहार और इफ्तार पार्टी से सनातनियों में भारी नाराजगी है। ऐसा करने से देश का माहौल बिगड़ता है। ऐसे व्यक्तियों को दंड मिलना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, अन्यथा स्थिति बिगड़ जाएगी।