31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या उत्तराखंड और हिमाचल की आपदा को एसटी हसन हिंदू-मुस्लिम का रंग दे रहे हैं? : शहाबुद्दीन बरेलवी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या उत्तराखंड और हिमाचल की आपदा को एसटी हसन हिंदू-मुस्लिम का रंग दे रहे हैं? : शहाबुद्दीन बरेलवी

सारांश

उत्तराखंड और हिमाचल की त्रासदी पर एसटी हसन के विवादित बयान के बाद शहाबुद्दीन बरेलवी ने इसे सही ठहराया। जानिए उन्होंने इस पर क्या कहा और क्यों इसे धार्मिक रंग में रंगना गलत है।

मुख्य बातें

आपदा को धर्म से जोड़ना गलत है।
प्राकृतिक घटनाएं होती हैं, जिनका कोई धर्म नहीं होता।
हमें मानवता के नाते एकजुट होना चाहिए।
आपदा से होने वाले नुकसान पर ध्यान देना चाहिए।
खुदा से प्रार्थना करनी चाहिए कि ऐसी घटनाएं न हों।

लखनऊ, 9 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड और हिमाचल में आई आपदा पर समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन ने एक विवादास्पद बयान दिया है। इस पर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने आलोचना की और कहा कि दोनों स्थानों की त्रासदी एक ही प्रकार की आपदा है। एसटी हसन इसे हिंदू-मुस्लिम का रंग दे रहे हैं, जो उचित नहीं है।

शहाबुद्दीन बरेलवी ने शनिवार को एसटी हसन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल की यह त्रासदी एक प्राकृतिक आपदा है। इसे मजहब से जोड़ना अनुचित है। उन्होंने कहा कि एसटी हसन ने इस आपदा को धार्मिक रंग में रंग दिया है। मौलाना ने कहा कि इसका हिंदू-मुस्लिम से कोई संबंध नहीं है और यह कुदरत का काम है। ऐसी आपदाएं कभी भी हिन्दू या मुस्लिम क्षेत्रों में हो सकती हैं। जो लोग इसे धर्म से जोड़ते हैं, वे गलतफहमी में हैं।

उन्होंने कहा कि हमें खुदा से प्रार्थना करनी चाहिए कि ऐसी आपदाएं न हों। इनसे जान-माल को भारी नुकसान होता है। यह एक प्रकार का कहर है और इसे धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए। ऐसी आपदाएं भारत में न आएं, इसके लिए हमें भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए।

ज्ञातव्य है कि समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन ने उत्तराखंड की आपदा पर कहा कि धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाने से यह त्रासदी आई है। उन्होंने इसे 'हृदय विदारक घटना' करार दिया और कहा कि हमें इस पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, उत्तराखंड और हिमाचल में किसी अन्य धर्म का सम्मान नहीं किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसे धर्म से जोड़ने से हमें केवल नकारात्मकता ही मिलती है। हम सभी को मिलकर इस आपदा का सामना करना चाहिए और एकजुटता दिखानी चाहिए।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड और हिमाचल में आई आपदा का कारण क्या है?
यह एक प्राकृतिक आपदा है जो अचानक आई है।
एसटी हसन का बयान विवादित क्यों है?
उन्होंने आपदा को धार्मिक स्थलों से जोड़कर बयान दिया है, जो कि गलत है।
शहाबुद्दीन बरेलवी ने इस पर क्या कहा?
उन्होंने इसे एक आपदा बताया और कहा कि इसे मजहब से नहीं जोड़ना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले