आंध्र प्रदेश पुलिस की बिना वारंट गिरफ्तारी पर पटना कोर्ट की कड़ी नाराजगी

Click to start listening
आंध्र प्रदेश पुलिस की बिना वारंट गिरफ्तारी पर पटना कोर्ट की कड़ी नाराजगी

सारांश

पटना में आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा बिना वारंट के आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी का प्रयास विवादित रहा। कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड याचिका खारिज कर दी, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे।

Key Takeaways

  • आंध्र प्रदेश पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं।
  • पटना सिविल कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड याचिका खारिज कर दी।
  • अदालत ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करने पर नाराजगी जताई।
  • आईजी नायक के वकील ने कार्रवाई को चुनौती देने का आश्वासन दिया।
  • अगले 30 दिनों तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

पटना, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को आंध्र प्रदेश पुलिस का एक मामला चर्चा का विषय बना। आंध्र प्रदेश पुलिस ने एक मामले के सिलसिले में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी एम सुनील नायक को गिरफ्तार करने के लिए पटना का दौरा किया। इस बीच, पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका को खारिज कर दिया।

अदालत ने यह पाया कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप, रिमांड देने से इनकार कर दिया गया। पटना पुलिस का कहना है कि यह मामला अदालत का है, लेकिन इसमें नियमों का पालन नहीं किया गया।

पटना मध्य के पुलिस अधीक्षक सेंट्रल भानु प्रताप ने बताया कि आंध्र प्रदेश पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी के लिए आई थी। पुलिस ने यहां की पुलिस से मदद मांगी थी। जब मामला अदालत में गया तो अदालत ने ट्रांजिट रिमांड को अस्वीकार कर दिया।

सूत्रों के अनुसार, जब आंध्र प्रदेश पुलिस ने बिहार होमगार्ड और अग्नि शमन विभाग के महानिरीक्षक नायक को गिरफ्तार करने का प्रयास किया, तो उन्होंने भी अदालत का सहारा लिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश पुलिस के पास न तो वैध गिरफ्तारी वारंट था और न ही अद्यतन केस डायरी, जिससे अदालत ने नाराजगी जताई।

आईजी नायक के वकील अमित श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने नियमों का उल्लंघन किया है और उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को चुनौती दी जाएगी। वकील का दावा है कि वे जल्द ही अदालत का सहारा लेंगे। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अगली 30 दिनों तक आंध्र प्रदेश पुलिस कोई भी कानून सम्मत दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी।

अदालत ने कई महत्वपूर्ण फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे कानूनी ढंग से ट्रांजिट रिमांड नहीं दे सकते। आंध्र प्रदेश पुलिस के खिलाफ हम अदालत जाएंगे। बताया गया कि गुंटूर जिले से संबंधित एक मामले में आंध्र पुलिस यहां गिरफ्तारी के लिए आई थी।

Point of View

पटना सिविल कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया का पालन न करने पर रिमांड को खारिज किया गया। यह मामला न केवल कानून की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति भी गंभीर प्रश्न उठाता है।
NationPress
23/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या आंध्र प्रदेश पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है?
नहीं, कानून के अनुसार पुलिस को गिरफ्तारी के लिए वैध वारंट की आवश्यकता होती है।
पटना कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की याचिका क्यों खारिज की?
कोर्ट ने पाया कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
क्या इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी?
जी हां, आईजी नायक के वकील इस कार्रवाई को चुनौती देने का इरादा रखते हैं।
आंध्र प्रदेश पुलिस को क्या निर्देश दिए गए हैं?
अदालत ने आंध्र प्रदेश पुलिस को अगले 30 दिनों तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।
क्या यह मामला महत्वपूर्ण है?
यह मामला कानून प्रवर्तन की प्रक्रिया और अधिकारों पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है।
Nation Press