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पालमपुर में खुला हिमाचल प्रदेश का अनूठा ट्यूलिप गार्डन, 70 हजार से अधिक पर्यटक आए

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पालमपुर में खुला हिमाचल प्रदेश का अनूठा ट्यूलिप गार्डन, 70 हजार से अधिक पर्यटक आए

सारांश

पालमपुर का ट्यूलिप गार्डन, जो हिमाचल प्रदेश का पहला गार्डन है, ने 70,000 से अधिक पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया है। जानिए इस गार्डन की खासियतें और इसकी सफलता का राज।

मुख्य बातें

हिमाचल प्रदेश का पहला ट्यूलिप गार्डन पालमपुर में है।
70,000 से अधिक पर्यटक गार्डन का दौरा कर चुके हैं।
गार्डन 10 फरवरी को जनता के लिए खोला गया।
यह गार्डन स्वदेशी ट्यूलिप पौधों से विकसित किया गया है।
पालमपुर में ट्यूलिप की खेती 2018 से चल रही है।

पालमपुर, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में धौलपुर पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) का ट्यूलिप गार्डन, राज्य का पहला और कश्मीर के बाद देश का दूसरा प्रमुख ट्यूलिप गार्डन है।

इस ट्यूलिप गार्डन ने अब अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर लिया है और यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। यह गार्डन देश भर से पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।

सीएसआईआर-हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा स्थापित, यह गार्डन 10 फरवरी को जनता के लिए खुलने के बाद से पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी गई है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में, निदेशक डॉ. सुदेश कुमार यादव ने बताया, "अब तक 70,000 से अधिक लोगों ने इस गार्डन का दौरा किया है। पिछले वर्षों में यह संख्या एक लाख से भी अधिक रही है। इस वर्ष गार्डन में 1.5 लाख तक पर्यटकों की संख्या की संभावना है।"

ट्यूलिप गार्डन के दर्शकों ने अपनी खुशी व्यक्त की है और कहा कि यहाँ आकर उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। संस्थान द्वारा किया गया कार्य सराहनीय है। पालमपुर में ट्यूलिप की खेती की शुरुआत 2018 में हॉलैंड से बल्बों के आयात के साथ की गई थी, जिसके बाद संस्थान ने स्थानीय उत्पादन के लिए व्यापक परीक्षण किए।

ट्यूलिप की किस्मों की देखभाल करते हुए, संस्थान ने फूल और बल्ब उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया है, साथ ही व्यावसायिक खेती की संभावनाओं का पता लगाने के लिए प्रयोगात्मक उपक्रम शुरू किए हैं। कश्मीर के 'इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन' के बाद, पालमपुर में विकसित यह गार्डन पूरी तरह से स्वदेशी ट्यूलिप पौधों से बनाया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्थानीय कृषि विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह गार्डन न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता को भी प्रदर्शित करता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश का पहला ट्यूलिप गार्डन कहाँ स्थित है?
यह ट्यूलिप गार्डन पालमपुर में स्थित है।
इस गार्डन में कितने पर्यटकों ने दीदार किया है?
अब तक 70,000 से अधिक पर्यटकों ने इस गार्डन का दीदार किया है।
ट्यूलिप गार्डन की शुरुआत कब हुई?
ट्यूलिप की खेती की शुरुआत 2018 में हॉलैंड से बल्बों के आयात के साथ की गई थी।
गार्डन में किस प्रकार के ट्यूलिप पौधे हैं?
यह गार्डन पूरी तरह से स्वदेशी ट्यूलिप पौधों से विकसित किया गया है।
क्या इस गार्डन की देखभाल के लिए विशेष उपाय किए गए हैं?
हाँ, ट्यूलिप की किस्मों की देखभाल करने के लिए संस्थान ने विशेष उपाय किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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