हिमाचल में ₹5,877 करोड़ के 42 औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी, 13,355 रोजगार के अवसर संभावित
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार, 9 जून 2026 को शिमला में आयोजित राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 32वीं बैठक में ₹5,877 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाले 42 औद्योगिक प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। इन प्रस्तावों से हिमाचल प्रदेश में 13,355 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है।
मुख्य घटनाक्रम
स्वीकृत प्रस्ताव कई क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जो राज्य के औद्योगिक आधार में बढ़ती विविधता को दर्शाते हैं। इनमें फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक एवं पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, कॉस्मेटिक्स और स्टील जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
यह बैठक राज्य सरकार के उन निरंतर प्रयासों की कड़ी है जिनका उद्देश्य सरल मंजूरी प्रक्रियाओं और निवेशक-अनुकूल सुविधाओं के ज़रिए औद्योगिक विकास को गति देना, बड़े निवेश आकर्षित करना और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकताएँ
बैठक में मुख्यमंत्री सुक्खू ने श्रम-प्रधान उद्योगों को प्राथमिकता देने पर बल दिया, ताकि हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए अधिकतम रोजगार के अवसर तैयार हो सकें। उन्होंने आर्थिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
उल्लेखनीय है कि उन्होंने संबंधित विभाग को अगले दो महीनों के भीतर नई हिमाचल प्रदेश औद्योगिक नीति अधिसूचित करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य पड़ोसी राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहे।
उद्योग मंत्री की प्रतिक्रिया
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बैठक में राज्य के निवेशक-अनुकूल वातावरण को रेखांकित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विशेष रूप से रक्षा और फार्मा क्षेत्रों में एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में तेज़ी से उभर रहा है। उन्होंने कहा, 'सक्रिय नीतियों, मजबूत बुनियादी ढाँचे और कुशल सिंगल-विंडो क्लीयरेंस के ज़रिए हम निवेशकों के लिए व्यापार करना आसान बना रहे हैं।'
चौहान ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों के आँकड़ों के अनुसार राज्य की औद्योगिक निवेश रूपांतरण दर 57 प्रतिशत है, जो 32 से 35 प्रतिशत की राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।
डिजिटल सिंगल-विंडो की भूमिका
राज्य सरकार आसान डिजिटल सिंगल-विंडो प्रणाली को अपनाकर व्यापार सुगमता को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रणाली निवेशकों को एक ही मंच पर सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ दिलाने में सहायक है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में लगने वाला समय घटता है।
आगे की राह
नई औद्योगिक नीति के अगले दो महीनों में अधिसूचित होने की उम्मीद है। यह नीति हिमाचल प्रदेश को निवेश के मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने का काम करेगी — विशेष रूप से ऐसे समय में जब पड़ोसी राज्य भी निवेश आकर्षित करने की होड़ में हैं।