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हिमाचल में ₹5,877 करोड़ के 42 औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी, 13,355 रोजगार के अवसर संभावित

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हिमाचल में ₹5,877 करोड़ के 42 औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी, 13,355 रोजगार के अवसर संभावित

सारांश

हिमाचल प्रदेश में एकल खिड़की प्राधिकरण की 32वीं बैठक में ₹5,877 करोड़ के 42 औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी मिली और 13,355 नौकरियों की संभावना जताई गई। सीएम सुक्खू ने दो महीनों में नई औद्योगिक नीति अधिसूचित करने का निर्देश देकर पड़ोसी राज्यों से प्रतिस्पर्धा का संकेत दिया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 9 जून 2026 को एकल खिड़की प्राधिकरण की 32वीं बैठक आयोजित हुई।
₹5,877 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाले 42 औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इन प्रस्तावों से 13,355 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
स्वीकृत प्रस्तावों में फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, रक्षा, फूड प्रोसेसिंग सहित कई क्षेत्र शामिल।
राज्य की निवेश रूपांतरण दर 57% — राष्ट्रीय औसत 32-35% से काफी अधिक।
नई हिमाचल प्रदेश औद्योगिक नीति दो महीनों के भीतर अधिसूचित की जाएगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार, 9 जून 2026 को शिमला में आयोजित राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 32वीं बैठक में ₹5,877 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाले 42 औद्योगिक प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। इन प्रस्तावों से हिमाचल प्रदेश में 13,355 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है।

मुख्य घटनाक्रम

स्वीकृत प्रस्ताव कई क्षेत्रों में फैले हुए हैं, जो राज्य के औद्योगिक आधार में बढ़ती विविधता को दर्शाते हैं। इनमें फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक एवं पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, कॉस्मेटिक्स और स्टील जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

यह बैठक राज्य सरकार के उन निरंतर प्रयासों की कड़ी है जिनका उद्देश्य सरल मंजूरी प्रक्रियाओं और निवेशक-अनुकूल सुविधाओं के ज़रिए औद्योगिक विकास को गति देना, बड़े निवेश आकर्षित करना और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री की प्राथमिकताएँ

बैठक में मुख्यमंत्री सुक्खू ने श्रम-प्रधान उद्योगों को प्राथमिकता देने पर बल दिया, ताकि हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए अधिकतम रोजगार के अवसर तैयार हो सकें। उन्होंने आर्थिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

उल्लेखनीय है कि उन्होंने संबंधित विभाग को अगले दो महीनों के भीतर नई हिमाचल प्रदेश औद्योगिक नीति अधिसूचित करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य पड़ोसी राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहे।

उद्योग मंत्री की प्रतिक्रिया

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बैठक में राज्य के निवेशक-अनुकूल वातावरण को रेखांकित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विशेष रूप से रक्षा और फार्मा क्षेत्रों में एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में तेज़ी से उभर रहा है। उन्होंने कहा, 'सक्रिय नीतियों, मजबूत बुनियादी ढाँचे और कुशल सिंगल-विंडो क्लीयरेंस के ज़रिए हम निवेशकों के लिए व्यापार करना आसान बना रहे हैं।'

चौहान ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों के आँकड़ों के अनुसार राज्य की औद्योगिक निवेश रूपांतरण दर 57 प्रतिशत है, जो 32 से 35 प्रतिशत की राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।

डिजिटल सिंगल-विंडो की भूमिका

राज्य सरकार आसान डिजिटल सिंगल-विंडो प्रणाली को अपनाकर व्यापार सुगमता को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रणाली निवेशकों को एक ही मंच पर सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ दिलाने में सहायक है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में लगने वाला समय घटता है।

आगे की राह

नई औद्योगिक नीति के अगले दो महीनों में अधिसूचित होने की उम्मीद है। यह नीति हिमाचल प्रदेश को निवेश के मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने का काम करेगी — विशेष रूप से ऐसे समय में जब पड़ोसी राज्य भी निवेश आकर्षित करने की होड़ में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

877 करोड़ के 42 प्रस्तावों की मंजूरी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन असली कसौटी यह है कि इनमें से कितने ज़मीन पर उतरते हैं। 57% रूपांतरण दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर ज़रूर है, पर इसका अर्थ यह भी है कि लगभग आधे स्वीकृत प्रस्ताव अभी भी क्रियान्वयन तक नहीं पहुँचते। नई औद्योगिक नीति को दो महीने की समयसीमा देना महत्वाकांक्षी है — पर जब तक नीति में श्रम-प्रधान उद्योगों के लिए सत्यापन-योग्य रोजगार लक्ष्य और पर्यावरणीय मानक शामिल नहीं होते, तब तक ये आँकड़े सुर्खियों से आगे नहीं जा पाएँगे।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में 42 औद्योगिक प्रस्तावों को किस बैठक में मंजूरी दी गई?
ये मंजूरियाँ 9 जून 2026 को शिमला में आयोजित राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 32वीं बैठक में दी गईं। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने की।
इन प्रस्तावों से हिमाचल प्रदेश में कितने रोजगार पैदा होंगे?
आँकड़ों के अनुसार इन 42 प्रस्तावों से राज्य में 13,355 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। ये अवसर फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में होंगे।
हिमाचल प्रदेश की नई औद्योगिक नीति कब आएगी?
मुख्यमंत्री सुक्खू ने संबंधित विभाग को अगले दो महीनों के भीतर नई हिमाचल प्रदेश औद्योगिक नीति अधिसूचित करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य राज्य को पड़ोसी राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धी बनाना है।
हिमाचल प्रदेश की निवेश रूपांतरण दर राष्ट्रीय औसत से कितनी बेहतर है?
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के आँकड़ों के आधार पर राज्य की औद्योगिक निवेश रूपांतरण दर 57% है, जबकि राष्ट्रीय औसत 32 से 35% के बीच है।
स्वीकृत प्रस्तावों में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
स्वीकृत 42 प्रस्तावों में फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक एवं पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, कॉस्मेटिक्स और स्टील क्षेत्र के प्रस्ताव शामिल हैं। यह विविधता हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक आधार के विस्तार को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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