1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

CWG 2026: तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज जीता, दो इवेंट्स में पदक लेने वाले पहले भारतीय बने

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
CWG 2026: तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज जीता, दो इवेंट्स में पदक लेने वाले पहले भारतीय बने

सारांश

तेजस्विन शंकर ने ग्लासगो में सिर्फ मेडल नहीं जीता — उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स की किताब में एक नया पन्ना जोड़ा। 7,976 अंकों के साथ डेकाथलॉन ब्रॉन्ज और 2022 का हाई जंप ब्रॉन्ज — दो अलग CWG इवेंट्स में पदक जीतने वाले पहले भारतीय, यही उनकी असली विरासत है।

मुख्य बातें

तेजस्विन शंकर ने 1 अगस्त 2026 को ग्लासगो CWG 2026 में पुरुष डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
वे कॉमनवेल्थ गेम्स में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने।
तेजस्विन ने 7,976 अंक अर्जित किए; स्वर्ण विक्टर लिंडन (8,096) और रजत डेमियन वार्नर (8,036) को मिला।
इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम CWG 2022 में पुरुष हाई जंप में ब्रॉन्ज जीता था।
तेजस्विन डेकाथलॉन राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर और हेप्टाथलॉन व डेकाथलॉन दोनों में मौजूदा एशियन चैंपियन हैं।

तेजस्विन शंकर ने 1 अगस्त 2026 को ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुष डेकाथलॉन स्पर्धा में 7,976 अंक अर्जित कर ब्रॉन्ज मेडल जीता और भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया। इस उपलब्धि के साथ वे कॉमनवेल्थ गेम्स में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

ऐतिहासिक उपलब्धि क्या है

हाई जंप से डेकाथलॉन की ओर रुख करने वाले 27 वर्षीय तेजस्विन ने इससे पहले बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पुरुष हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब ग्लासगो में डेकाथलॉन पदक के साथ उन्होंने वह मुकाम हासिल किया जो किसी भारतीय एथलीट ने पहले कभी नहीं पाया था — राष्ट्रमंडल खेलों में दो भिन्न स्पर्धाओं में पदक।

गौरतलब है कि तेजस्विन हेप्टाथलॉन और डेकाथलॉन दोनों में मौजूदा एशियन चैंपियन भी हैं, और डेकाथलॉन में 8,000 अंक का आँकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय एथलीट भी।

स्पर्धा का पूरा स्कोरकार्ड

स्वर्ण पदक ग्रेनाडा के विक्टर लिंडन ने सीजन-बेस्ट 8,096 अंक के साथ जीता, जबकि कनाडा के डेमियन वार्नर ने 8,036 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया। तेजस्विन 7,976 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

पहले दिन की पाँच स्पर्धाओं में तेजस्विन ने 100 मीटर में 10.96 सेकंड (870 अंक) के साथ सातवाँ स्थान पाया। इसके बाद लॉन्ग जंप में 7.82 मीटर की छलाँग से 1,015 अंक अर्जित किए और समग्र क्रम में तीसरे स्थान पर आ गए। शॉट पुट में 673 अंक, हाई जंप में 2.15 मीटर की ऊँचाई से 944 अंक और 400 मीटर में पाँचवें स्थान पर रहते हुए 837 अंक जोड़े। पहले दिन के अंत में उनका कुल स्कोर 4,339 अंक था और वे दूसरे स्थान पर थे।

दूसरे दिन 110 मीटर हर्डल्स में 922 अंक, डिस्कस थ्रो में 674 अंक और पोल वॉल्ट में 704 अंक मिले, जिसके बाद वे चौथे स्थान पर खिसक गए। जैवलिन थ्रो में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें फिर पदक की दौड़ में वापस लाया और तीसरे स्थान पर पहुँचाया। अंत में 1,500 मीटर में 704 अंक जोड़कर उन्होंने कुल 7,976 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित किया।

तेजस्विन का सफर: हाई जंप से डेकाथलॉन तक

तेजस्विन कंसास स्टेट यूनिवर्सिटी के स्नातक हैं, जहाँ उन्होंने हाई जंप में दो NCAA डिवीजन-I खिताब जीते। 2018 में उन्होंने 2.29 मीटर का भारतीय रिकॉर्ड बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान पाई। 2022 एशियन गेम्स में डेकाथलॉन में सिल्वर मेडल जीतने के बाद उन्होंने संयुक्त स्पर्धाओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया।

वे डेकाथलॉन में भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर हैं और अपने करियर में हाई जंप तथा कंबाइंड इवेंट्स — दोनों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की है।

भारतीय एथलेटिक्स के लिए क्या मायने रखता है

यह ऐसे समय में आया है जब भारत ट्रैक एंड फील्ड में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है। डेकाथलॉन — जिसे एथलेटिक्स की सबसे कठिन स्पर्धा माना जाता है — में पदक जीतना भारतीय बहु-स्पर्धा एथलेटिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। तेजस्विन की यह उपलब्धि युवा एथलीटों को संयुक्त स्पर्धाओं की ओर प्रेरित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय एथलेटिक्स की सोच में बदलाव का संकेत है — एक एथलीट जिसने एकल स्पर्धा की सीमा तोड़कर सबसे जटिल बहु-स्पर्धा में खुद को साबित किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ट्रैक एंड फील्ड में पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। असली सवाल यह है कि क्या भारतीय खेल प्रशासन इस मॉडल से सीख लेकर संयुक्त स्पर्धाओं में व्यवस्थित निवेश करेगा, या तेजस्विन एक अपवाद बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्विन शंकर ने CWG 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
तेजस्विन शंकर ने ग्लासगो CWG 2026 में पुरुष डेकाथलॉन में 7,976 अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके साथ वे कॉमनवेल्थ गेम्स में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।
तेजस्विन शंकर ने पहले कौन सा CWG पदक जीता था?
तेजस्विन ने बर्मिंघम CWG 2022 में पुरुष हाई जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय पुरुष हाई जंपर बने थे। अब ग्लासगो में डेकाथलॉन पदक के साथ उन्होंने दो अलग CWG स्पर्धाओं में पदक का दुर्लभ कीर्तिमान स्थापित किया।
CWG 2026 डेकाथलॉन में स्वर्ण और रजत किसने जीता?
ग्रेनाडा के विक्टर लिंडन ने सीजन-बेस्ट 8,096 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। कनाडा के डेमियन वार्नर 8,036 अंकों के साथ रजत पदक विजेता रहे।
तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में कैसे प्रदर्शन किया?
तेजस्विन ने दो दिनों में दस स्पर्धाओं में कुल 7,976 अंक अर्जित किए। लॉन्ग जंप (7.82 मीटर, 1,015 अंक) और जैवलिन थ्रो उनकी सबसे मजबूत स्पर्धाएँ रहीं, जबकि 1,500 मीटर रेस में 704 अंकों ने उनका ब्रॉन्ज मेडल पक्का किया।
तेजस्विन शंकर का एथलेटिक्स करियर कैसा रहा है?
तेजस्विन कंसास स्टेट यूनिवर्सिटी से स्नातक हैं और हाई जंप में दो NCAA डिवीजन-I खिताब जीत चुके हैं। 2018 में उन्होंने 2.29 मीटर का भारतीय हाई जंप रिकॉर्ड बनाया और 2022 एशियन गेम्स में डेकाथलॉन सिल्वर जीतने के बाद संयुक्त स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित किया। वे डेकाथलॉन के भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड होल्डर भी हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले