CWG 2026: मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग से जीता सिल्वर, लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ पदक
सारांश
मुख्य बातें
मुरली श्रीशंकर ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की लंबी कूद के फाइनल में 8.09 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 30 जुलाई की देर रात (भारतीय समयानुसार) हुए इस मुकाबले में केरल के पलक्कड़ के इस 27 वर्षीय एथलीट ने भारत के एथलेटिक्स अभियान को एक और बड़ी सफलता दिलाई।
मुख्य घटनाक्रम
श्रीशंकर ने फाइनल में अपनी पहली कूद 8.03 मीटर से शुरू की और दूसरे प्रयास में 8.09 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ दूरी हासिल की। हालाँकि बाद के दो प्रयास फाउल रहे, लेकिन वे पूरी प्रतियोगिता में पदक की दौड़ में डटे रहे। उन्होंने अंतिम दो कूद में 7.94 मीटर और 7.97 मीटर की दूरी तय कर अपना अभियान समाप्त किया।
पदक तालिका और प्रतिस्पर्धी परिणाम
जमैका के 2019 विश्व चैंपियन ताजे गेल ने 8.15 मीटर की विजयी छलांग के साथ गोल्ड मेडल जीता। स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी 8.08 मीटर के साथ ब्रॉन्ज पर रहे। फाइनल अत्यंत प्रतिस्पर्धी रहा — चार एथलीटों ने 8 मीटर का आँकड़ा पार किया। एक अन्य भारतीय प्रतिभागी लोकेश सत्यनाथन 7.97 मीटर की सर्वश्रेष्ठ कूद के साथ पाँचवें स्थान पर रहे।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि श्रीशंकर 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में 8.08 मीटर की कूद के साथ सिल्वर मेडल जीतने वाले भारत के पहले पुरुष लॉन्ग जंपर बने थे। ग्लासगो में उनका यह प्रदर्शन लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ खेलों में सिल्वर पदक है — एक उल्लेखनीय निरंतरता जो उन्हें भारतीय ट्रैक-एंड-फील्ड के सबसे भरोसेमंद नामों में से एक बनाती है।
भारत के कुल पदक
इस सिल्वर मेडल के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की कुल पदक संख्या 13 हो गई है — 2 गोल्ड, 8 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज। एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स में भारत ने अब तक 5 पदक जीते हैं, जिनमें 1 गोल्ड, 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
आगे की राह
श्रीशंकर का यह प्रदर्शन उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और मज़बूत अध्याय जोड़ता है। लगातार दो कॉमनवेल्थ सिल्वर के बाद अब नज़रें भविष्य के विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक चक्र पर टिकी हैं, जहाँ भारतीय लंबी कूद को स्वर्ण की दावेदारी के लिए और ऊँचाई छूनी होगी।