30 जुलाई 2026
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ग्लासगो CWG 2026: दिलीप गावित का गेम्स रिकॉर्ड गोल्ड, श्रीशंकर का लगातार दूसरा सिल्वर; राष्ट्रपति मुर्मु ने दी बधाई

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ग्लासगो CWG 2026: दिलीप गावित का गेम्स रिकॉर्ड गोल्ड, श्रीशंकर का लगातार दूसरा सिल्वर; राष्ट्रपति मुर्मु ने दी बधाई

सारांश

ग्लासगो में भारत का सातवां दिन इतिहास में दर्ज हो गया। दिलीप गावित ने 10.71 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ CWG एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा एथलीट बने, बासिल ने सिल्वर से डबल पोडियम पूरा किया, और घुटने की चोट से उबरे श्रीशंकर ने 8.09 मीटर के साथ लगातार दूसरा CWG सिल्वर जीता।

मुख्य बातें

दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ पुरुष 100 मीटर टी47 में स्वर्ण पदक जीता — CWG एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा एथलीट।
मोहम्मद बेसिल मोरसिंगनाकाथी ने 10.83 सेकंड के साथ रजत पदक जीतकर भारत का ऐतिहासिक 'वन-टू फिनिश' पूरा किया।
मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग से पुरुष लंबी कूद में सिल्वर मेडल जीता — CWG 2022 के बाद लगातार दूसरा रजत।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु , खेल मंत्री मनसुख मांडविया , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तीनों खिलाड़ियों को एक्स पर बधाई दी।
यह उपलब्धि 30 जुलाई 2026 को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सातवें दिन हासिल हुई।

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सातवें दिन, 30 जुलाई को भारत ने ऐतिहासिक पैरा एथलेटिक्स उपलब्धि दर्ज की — दिलीप महादु गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में 10.71 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि मोहम्मद बेसिल मोरसिंगनाकाथी ने 10.83 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया। इसी दिन मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद में 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता — कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका यह लगातार दूसरा रजत पदक है।

ऐतिहासिक पैरा डबल पोडियम

दिलीप महादु गावित कॉमनवेल्थ गेम्स एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा एथलीट बन गए हैं। उनका 10.71 सेकंड का प्रदर्शन न केवल व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था, बल्कि इस स्पर्धा में नया गेम्स रिकॉर्ड भी है। मोहम्मद बेसिल ने 10.83 सेकंड के साथ रजत पदक जीतकर भारत का ऐतिहासिक 'वन-टू फिनिश' पूरा किया। यह भारतीय पैरा एथलेटिक्स के इतिहास में एक असाधारण क्षण है।

श्रीशंकर की घुटने की चोट से वापसी

मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर पुरुषों की लंबी कूद में रजत पदक जीता। उल्लेखनीय है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी श्रीशंकर ने सिल्वर मेडल जीता था — यह लगातार दो संस्करणों में पदक जीतने की उल्लेखनीय निरंतरता है। गौरतलब है कि करियर के लिए खतरा बनी घुटने की गंभीर चोट से उबरकर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की, जिसने इस पदक को और भी प्रेरणादायक बना दिया।

राष्ट्रपति और मंत्रियों की बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय पैरा एथलेटिक्स ने खेल में बेहतरीन प्रदर्शन का एक यादगार अध्याय लिखा है। आपका ऐतिहासिक प्रदर्शन भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आप अपने असाधारण पक्के इरादे और बेहतरीन प्रदर्शन से देश को प्रेरित करते रहें।' श्रीशंकर की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति ने लिखा, 'लगातार कॉमनवेल्थ सिल्वर मेडल जीतना एक बड़ी कामयाबी है जिससे पूरे देश को आप पर गर्व है।'

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर लिखा, 'भारत के लिए ऐतिहासिक डबल पोडियम। सीडब्ल्यूजी एथलेटिक्स गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा एथलीट के तौर पर दिलीप का इतिहास लिखना इसे और भी खास बनाता है।' उन्होंने श्रीशंकर की 8.09 मीटर की छलांग को 'गर्व का पल' बताया।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीशंकर को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, 'करियर के लिए खतरा बनी घुटने की चोट से उनकी हिम्मत भरी वापसी ने इस कामयाबी को और भी प्रेरणादायक बना दिया है। उनकी कामयाबी भारत के लिए गर्व का पल है और देश भर के अनगिनत युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा है।'

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिलीप और बासिल के 'वन-टू फिनिश' को 'भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए गर्व की बात' बताते हुए दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी।

भारत की पदक तालिका में योगदान

इन तीन पदकों के साथ ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन और मजबूत हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय पैरा एथलेटिक्स अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार अपनी पहचान बना रहा है। दिलीप का गेम्स रिकॉर्ड विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि यह भारतीय पैरा स्प्रिंटिंग की नई ऊंचाई को दर्शाता है।

आगे क्या

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की एथलेटिक्स टीम के अन्य खिलाड़ी भी आगामी स्पर्धाओं में उतरेंगे। दिलीप और बासिल की इस जोड़ी से पैरा एथलेटिक्स में भारत के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं। श्रीशंकर की घुटने की चोट से सफल वापसी उन्हें आगामी अंतरराष्ट्रीय सीज़न के लिए भी प्रबल दावेदार बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक प्रणालीगत बदलाव की झलक है। श्रीशंकर की घुटने की चोट से वापसी और लगातार दूसरा CWG सिल्वर यह दर्शाता है कि भारतीय ट्रैक एंड फील्ड में निरंतरता की संस्कृति पनप रही है। हालांकि मुख्यधारा की कवरेज बधाई संदेशों पर केंद्रित रहती है, असली सवाल यह है कि क्या इन पैरा चैंपियनों को पैरालंपिक चक्र में वही संसाधन और प्रशिक्षण सुविधाएँ मिल रही हैं जो उनकी क्षमता के अनुरूप हों।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप महादु गावित ने CWG 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
दिलीप महादु गावित ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में 10.71 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। वे CWG एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा एथलीट बन गए हैं।
मुरली श्रीशंकर का CWG 2026 में प्रदर्शन कैसा रहा?
मुरली श्रीशंकर ने ग्लासगो में पुरुषों की लंबी कूद में 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता। यह CWG 2022 के बाद उनका लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ रजत पदक है, जो घुटने की गंभीर चोट से उबरने के बाद आया।
भारत का CWG 2026 में पैरा एथलेटिक्स डबल पोडियम क्यों ऐतिहासिक है?
दिलीप गावित (गोल्ड, 10.71 सेकंड) और मोहम्मद बेसिल (सिल्वर, 10.83 सेकंड) ने पुरुष 100 मीटर टी47 में 'वन-टू फिनिश' दर्ज किया, जो भारतीय पैरा एथलेटिक्स इतिहास में पहली बार हुआ। दिलीप का प्रदर्शन गेम्स रिकॉर्ड भी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने खिलाड़ियों को क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर लिखा कि 'भारतीय पैरा एथलेटिक्स ने खेल में बेहतरीन प्रदर्शन का एक यादगार अध्याय लिखा है' और दिलीप-बासिल के 'ऐतिहासिक प्रदर्शन' को भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने श्रीशंकर के लगातार CWG सिल्वर को भी 'बड़ी कामयाबी' कहा।
CWG 2026 में भारत के लिए 30 जुलाई का दिन कितना महत्वपूर्ण रहा?
30 जुलाई 2026 को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के सातवें दिन भारत ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। दिलीप का गेम्स रिकॉर्ड गोल्ड, बासिल का सिल्वर और श्रीशंकर का लगातार दूसरा CWG सिल्वर — तीनों मिलकर इस दिन को भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में यादगार बनाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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