ग्लासगो CWG 2026: दिलीप गावित का गेम्स रिकॉर्ड गोल्ड, श्रीशंकर का लगातार दूसरा सिल्वर; राष्ट्रपति मुर्मु ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सातवें दिन, 30 जुलाई को भारत ने ऐतिहासिक पैरा एथलेटिक्स उपलब्धि दर्ज की — दिलीप महादु गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में 10.71 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि मोहम्मद बेसिल मोरसिंगनाकाथी ने 10.83 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया। इसी दिन मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद में 8.09 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता — कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका यह लगातार दूसरा रजत पदक है।
ऐतिहासिक पैरा डबल पोडियम
दिलीप महादु गावित कॉमनवेल्थ गेम्स एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा एथलीट बन गए हैं। उनका 10.71 सेकंड का प्रदर्शन न केवल व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था, बल्कि इस स्पर्धा में नया गेम्स रिकॉर्ड भी है। मोहम्मद बेसिल ने 10.83 सेकंड के साथ रजत पदक जीतकर भारत का ऐतिहासिक 'वन-टू फिनिश' पूरा किया। यह भारतीय पैरा एथलेटिक्स के इतिहास में एक असाधारण क्षण है।
श्रीशंकर की घुटने की चोट से वापसी
मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की छलांग लगाकर पुरुषों की लंबी कूद में रजत पदक जीता। उल्लेखनीय है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी श्रीशंकर ने सिल्वर मेडल जीता था — यह लगातार दो संस्करणों में पदक जीतने की उल्लेखनीय निरंतरता है। गौरतलब है कि करियर के लिए खतरा बनी घुटने की गंभीर चोट से उबरकर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की, जिसने इस पदक को और भी प्रेरणादायक बना दिया।
राष्ट्रपति और मंत्रियों की बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय पैरा एथलेटिक्स ने खेल में बेहतरीन प्रदर्शन का एक यादगार अध्याय लिखा है। आपका ऐतिहासिक प्रदर्शन भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आप अपने असाधारण पक्के इरादे और बेहतरीन प्रदर्शन से देश को प्रेरित करते रहें।' श्रीशंकर की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति ने लिखा, 'लगातार कॉमनवेल्थ सिल्वर मेडल जीतना एक बड़ी कामयाबी है जिससे पूरे देश को आप पर गर्व है।'
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर लिखा, 'भारत के लिए ऐतिहासिक डबल पोडियम। सीडब्ल्यूजी एथलेटिक्स गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा एथलीट के तौर पर दिलीप का इतिहास लिखना इसे और भी खास बनाता है।' उन्होंने श्रीशंकर की 8.09 मीटर की छलांग को 'गर्व का पल' बताया।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीशंकर को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, 'करियर के लिए खतरा बनी घुटने की चोट से उनकी हिम्मत भरी वापसी ने इस कामयाबी को और भी प्रेरणादायक बना दिया है। उनकी कामयाबी भारत के लिए गर्व का पल है और देश भर के अनगिनत युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा है।'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिलीप और बासिल के 'वन-टू फिनिश' को 'भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए गर्व की बात' बताते हुए दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी।
भारत की पदक तालिका में योगदान
इन तीन पदकों के साथ ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन और मजबूत हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय पैरा एथलेटिक्स अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार अपनी पहचान बना रहा है। दिलीप का गेम्स रिकॉर्ड विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि यह भारतीय पैरा स्प्रिंटिंग की नई ऊंचाई को दर्शाता है।
आगे क्या
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की एथलेटिक्स टीम के अन्य खिलाड़ी भी आगामी स्पर्धाओं में उतरेंगे। दिलीप और बासिल की इस जोड़ी से पैरा एथलेटिक्स में भारत के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं। श्रीशंकर की घुटने की चोट से सफल वापसी उन्हें आगामी अंतरराष्ट्रीय सीज़न के लिए भी प्रबल दावेदार बनाती है।