CWG 2026 मेडल टैली: भारत 8वें स्थान पर, दिलीप गावित का गोल्ड और श्रीशंकर का सिल्वर
सारांश
मुख्य बातें
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सातवें दिन भारत ने 1 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीतकर अपनी कुल पदक संख्या 15 तक पहुँचा दी और मेडल टैली में 9वें से 8वें स्थान पर छलाँग लगाई। 30 जुलाई 2026 को भारत के लिए यह दिन पैरा एथलेटिक्स और लंबी कूद — दोनों ट्रैक पर उल्लेखनीय रहा।
मुख्य घटनाक्रम
पैरा एथलीट दिलीप महादु गावित ने 100 मीटर T47 स्पर्धा में 10.71 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह प्रदर्शन न केवल उनका करियर-बेस्ट रहा, बल्कि इस स्पर्धा में भारत के लिए ऐतिहासिक भी साबित हुआ। इसी रेस में एक और भारतीय पैरा एथलीट मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकंड के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता — यानी भारत ने एक ही स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों हासिल किए।
लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर ने अपने दूसरे प्रयास में 8.09 मीटर की छलाँग के साथ सिल्वर मेडल जीता। गौरतलब है कि श्रीशंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी इसी स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था — यानी वे लगातार दूसरे CWG में पोडियम पर बने रहे।
भारत की समग्र मेडल टैली
सातवें दिन के बाद भारत के कुल 15 मेडल हो गए हैं — 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज। मेडल टैली में भारत अब 8वें स्थान पर है। ठीक एक स्थान ऊपर मलेशिया है, जिसके पास 6 गोल्ड सहित कुल 11 मेडल हैं।
शीर्ष देशों का हाल
ऑस्ट्रेलिया मेडल टैली में पहले स्थान पर अपना दबदबा बनाए हुए है। उसने अब तक 47 गोल्ड, 21 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज सहित कुल 103 मेडल जीते हैं — वह इस टूर्नामेंट में 100 मेडल का आँकड़ा पार करने वाला एकमात्र देश है। कनाडा 14 गोल्ड, 11 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज के साथ दूसरे स्थान पर है।
इंग्लैंड ने 12 गोल्ड, 27 सिल्वर और 17 ब्रॉन्ज सहित कुल 56 मेडल के साथ तीसरा स्थान बरकरार रखा है। मेजबान स्कॉटलैंड 9 गोल्ड, 7 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज सहित 23 मेडल के साथ चौथे नंबर पर है। नाइजीरिया 7 गोल्ड, 5 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज के साथ पाँचवें और साउथ अफ्रीका 22 मेडल के साथ छठे स्थान पर मौजूद है।
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में पैरा खेलों को लेकर जागरूकता तेज़ी से बढ़ रही है। दिलीप गावित और मोहम्मद बासिल की जोड़ी ने एक ही रेस में दो मेडल जीतकर यह संदेश दिया कि भारतीय पैरा एथलेटिक्स अब केवल भागीदारी के लिए नहीं, बल्कि पदक की दावेदारी के साथ उतरती है। श्रीशंकर की लगातार दूसरी CWG सिल्वर पदक जीत उनकी निरंतरता और विश्वस्तरीय क्षमता को रेखांकित करती है।
आगे क्या
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के शेष दिनों में भारत के कुश्ती, भारोत्तोलन और एथलेटिक्स दलों से और पदकों की उम्मीद है। यदि भारत इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो मेडल टैली में और ऊपर चढ़ना संभव है।