ब्रिक्स में भारत की संतुलन नीति सराहनीय — इजरायली महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच
सारांश
मुख्य बातें
मध्य-पश्चिम भारत में इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने 13 सितंबर 2026 को मुंबई में ब्रिक्स में भारत की भूमिका और भारत-इजरायल संबंधों पर महत्वपूर्ण बयान दिया। रेवाच ने कहा कि एक वैश्विक शक्ति के रूप में भारत का ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में हिस्सा लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है और भारत की संतुलन बनाए रखने की नीति प्रशंसनीय है।
ब्रिक्स में भारत की भूमिका पर इजरायल का नजरिया
रेवाच ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत एक वैश्विक शक्ति के रूप में ब्रिक्स जैसे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों का हिस्सा है। भारत संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है और इन मंचों के माध्यम से सहयोग को बढ़ावा देने के मामले में बहुत व्यावहारिक है।' उन्होंने विशेष रूप से यह रेखांकित किया कि भारत ब्रिक्स के भीतर ईरान जैसे देशों के साथ होने के बावजूद इजरायल और यूएई जैसे देशों के साथ मजबूत रणनीतिक सहयोग को जारी रखे हुए है।
गौरतलब है कि इस वर्ष भारत ब्रिक्स का अध्यक्ष है, जिससे ग्लोबल साउथ देशों के बीच उसकी आवाज और मजबूत हुई है। रेवाच ने स्पष्ट किया कि इजरायल ब्रिक्स का सदस्य नहीं है, फिर भी वह इस गठबंधन के महत्व को भली-भाँति समझता है और मानता है कि यह पश्चिमी गठबंधन से अलग, अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच है।
मुंबई साइबर प्रोजेक्ट: तकनीकी सहयोग की नई पहल
महावाणिज्य दूत ने मुंबई में एक महत्वाकांक्षी साइबर प्रोजेक्ट का उल्लेख किया, जो मार्च 2027 में लॉन्च होने की योजना है। रेवाच ने कहा कि यह परियोजना मुंबई को साइबर तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह भारत-इजरायल तकनीकी साझेदारी को नए आयाम देगा।
हाइफा के अदाणी पोर्ट पर छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक
रेवाच के अनुसार, उनके लिए सबसे भावनात्मक और प्रतीकात्मक परियोजना इजरायल के हाइफा स्थित अदाणी पोर्ट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने की है। उन्होंने बताया कि मूर्ति के डिजाइन के लिए जेजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के साथ समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है और मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ इस विषय पर घनिष्ठ सहयोग जारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब हाइफा बंदरगाह का प्रबंधन अदाणी समूह के हाथों में है, जो भारत-इजरायल आर्थिक संबंधों का एक जीवंत प्रतीक है। रेवाच ने कहा कि हाइफा एक विविधता से भरा शहर है जहाँ मुस्लिम, ईसाई, यहूदी और द्रूज समुदाय एक साथ रहते हैं — ठीक भारत की तरह। इसके अलावा, हाइफा वह स्थान भी है जहाँ प्रथम विश्व युद्ध में इजरायल में लड़े भारतीय सैनिकों की कब्रगाह स्थित है, जो इस स्मारक को और भी अधिक प्रतीकात्मक बनाता है।
भारत-इजरायल संबंधों का व्यापक संदर्भ
रेवाच का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-इजरायल संबंध रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्र में लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। भारत इजरायल के प्रमुख रक्षा साझेदारों में शामिल है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले समय में मुंबई साइबर प्रोजेक्ट की सफलता और हाइफा में स्मारक की स्थापना इस साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकती है।