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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर BJP नेताओं ने गिनाए फायदे, विपक्ष को दिया करारा जवाब

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर BJP नेताओं ने गिनाए फायदे, विपक्ष को दिया करारा जवाब

सारांश

ब्रिक्स सम्मेलन पर BJP नेताओं ने देशभर से समर्थन जताया — दिलीप सिंह ने शी जिनपिंग के 7 साल बाद भारत दौरे को ऐतिहासिक बताया, पूर्व DGP वैद ने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था से जोड़ा, और राम कदम ने विपक्ष को जवाब दिया। AIMIM ने पहलगाम हमले की निंदा का स्वागत किया।

मुख्य बातें

BJP विधायक दिलीप सिंह ने शी जिनपिंग के 7 साल बाद भारत दौरे को दोनों देशों के संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
BJP प्रवक्ता यासिर जिलानी ने ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने को ऐतिहासिक पड़ाव बताया।
पूर्व DGP एसपी वैद ने मोदी-शी-पुतिन की एक मंच पर मौजूदगी को बहुध्रुवीय व्यवस्था का संकेत कहा।
BJP विधायक राम कदम ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर ब्रिक्स के महत्व को न समझने का आरोप लगाया।
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने ब्रिक्स में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा का स्वागत किया।

भारत की मेज़बानी में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने देश के अलग-अलग हिस्सों से सम्मेलन के महत्व को रेखांकित किया है और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब भी दिया है। 13 सितंबर 2026 को विभिन्न शहरों से आई प्रतिक्रियाओं में नेताओं ने इस सम्मेलन को बदलती वैश्विक व्यवस्था और भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताक़त का प्रतीक बताया।

शी जिनपिंग के भारत दौरे को सकारात्मक संकेत बताया

हुगली में BJP विधायक दिलीप सिंह ने ब्रिक्स सम्मेलन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश इस समय आर्थिक चुनौतियों और युद्ध जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। ऐसे वैश्विक तनाव के माहौल में करीब सात साल बाद शी जिनपिंग का भारत आना दोनों देशों के बीच मित्रता और बेहतर संबंधों की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने पर BJP प्रवक्ता का बयान

नई दिल्ली में BJP प्रवक्ता यासिर जिलानी ने कहा कि भारत सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का स्वागत करता है। उन्होंने ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने को संगठन के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया और कहा कि दो दशक का यह सफ़र ब्रिक्स के एक अधिक परिपक्व और ज़िम्मेदार संगठन के रूप में विकसित होने को दर्शाता है। जिलानी के अनुसार, सम्मेलन में शामिल देशों के बीच संवाद और सहयोग की संभावनाएँ वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

पूर्व DGP ने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था से जोड़ा

जम्मू में जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद ने ब्रिक्स सम्मेलन को बदलती वैश्विक शक्ति-संरचना के परिप्रेक्ष्य में देखा। उन्होंने कहा कि दुनिया अब पहले जैसी एकध्रुवीय नहीं रही। वैद ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक मंच पर मौजूदगी को वैश्विक राजनीति की एक ऐतिहासिक तस्वीर बताया। पूर्व DGP के मुताबिक़, मौजूदा परिस्थितियाँ उभरती बहुध्रुवीय व्यवस्था का स्पष्ट संकेत हैं।

विपक्ष के सवालों पर BJP विधायक का पलटवार

मुंबई में BJP विधायक राम कदम ने विपक्ष, विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के नेताओं द्वारा ब्रिक्स सम्मेलन पर उठाए गए सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कदम ने कहा कि इस सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच के महत्व पर सवाल उठाने के बजाय भारत की मेज़बानी और इससे मिलने वाले कूटनीतिक अवसरों को समझें।

AIMIM ने पहलगाम हमले की निंदा का स्वागत किया

मुंबई में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने का स्वागत किया। पठान ने कहा कि पहलगाम में निर्दोषों की हत्या पूरी तरह निंदनीय थी और उनकी पार्टी ने भी शुरू से इसकी कड़ी निंदा की थी। उन्होंने याद दिलाया कि भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई करते हुए आतंकवादी ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाया था।

गौरतलब है कि ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं। भारत की मेज़बानी और इस मंच पर प्रमुख विश्व नेताओं की उपस्थिति इस बात की पुष्टि करती है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में सम्मेलन के नतीजों और द्विपक्षीय बैठकों के परिणामों पर सबकी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन शी जिनपिंग के सात साल बाद भारत आने को लेकर ज़मीनी सवाल अनुत्तरित हैं — LAC पर विघटन अभी पूरा नहीं हुआ है और व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है। विपक्ष के सवालों को खारिज करने से पहले यह पूछना ज़रूरी है कि क्या ब्रिक्स मंच वास्तव में भारत-चीन के मूल विवादों पर कोई ठोस प्रगति ला सकता है। बहुध्रुवीय विश्व की बात सही है, पर बहुध्रुवीयता का मतलब यह नहीं कि प्रतिस्पर्धी शक्तियों के बीच के मतभेद अपने-आप सुलझ जाएँ।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 पर BJP नेताओं ने क्या कहा?
BJP नेताओं ने देश भर से ब्रिक्स सम्मेलन को भारत की कूटनीतिक ताक़त का प्रतीक बताया। दिलीप सिंह ने शी जिनपिंग के दौरे को सकारात्मक कहा, जबकि राम कदम ने विपक्ष के सवालों पर पलटवार किया।
शी जिनपिंग कितने साल बाद भारत आए हैं?
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब 7 साल बाद भारत आए हैं। BJP विधायक दिलीप सिंह ने इसे दोनों देशों के बीच मित्रता और बेहतर संबंधों की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया।
ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम हमले की निंदा पर क्या प्रतिक्रिया आई?
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने भी शुरू से इस हमले की कड़ी निंदा की थी।
ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने का क्या महत्व है?
BJP प्रवक्ता यासिर जिलानी ने कहा कि 20 वर्ष का सफ़र ब्रिक्स के एक परिपक्व और ज़िम्मेदार संगठन के रूप में विकसित होने को दर्शाता है। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच संवाद और सहयोग की संभावनाएँ वैश्विक स्तर पर अत्यंत अहम हैं।
विपक्ष ने ब्रिक्स सम्मेलन पर क्या सवाल उठाए?
विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस के नेताओं ने ब्रिक्स सम्मेलन के महत्व और उसकी उपयोगिता पर सवाल उठाए। BJP विधायक राम कदम ने इसका जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष को भारत की मेज़बानी और कूटनीतिक अवसरों को समझना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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