26 अगस्त 2026
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शी जिनपिंग की भारत यात्रा सकारात्मक परिणाम लाएगी, भारत की वैश्विक ताकत का प्रमाण: कीर्ति वर्धन सिंह

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शी जिनपिंग की भारत यात्रा सकारात्मक परिणाम लाएगी, भारत की वैश्विक ताकत का प्रमाण: कीर्ति वर्धन सिंह

सारांश

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने शी जिनपिंग की प्रस्तावित भारत यात्रा को भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का प्रमाण बताया। उनके अनुसार ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होने वाला यह दौरा दोनों देशों के लिए ठोस और सकारात्मक परिणाम लाएगा।

मुख्य बातें

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 26 अगस्त 2026 को कहा कि शी जिनपिंग की भारत यात्रा सकारात्मक और ठोस परिणाम देगी।
उन्होंने इस यात्रा को भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और सुदृढ़ विदेश नीति का संकेत बताया।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होने वाले इस दौरे को भारत-चीन दोनों के हित में बताया गया।
गृह मंत्री अमित शाह के अवैध घुसपैठ विरोधी बयान का समर्थन करते हुए सीमा सुरक्षा को अनिवार्य बताया।
जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर के निजीकरण पर योगी आदित्यनाथ सरकार के फैसले का समर्थन किया।

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 26 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रस्तावित भारत यात्रा दोनों देशों के लिए ठोस और सकारात्मक नतीजे लेकर आएगी। उनके अनुसार, यह दौरा भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति और सुदृढ़ विदेश नीति का स्पष्ट प्रमाण है।

जिनपिंग यात्रा पर भारत का रुख

कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, 'इतने बड़े देश का नेता भारत आ रहा है तो इसमें कुछ न कुछ ठोस और सकारात्मक बातें जरूर निकलेंगी। यह दौरा साफ संकेत है कि भारत की वैश्विक स्थिति और मजबूती लगातार बढ़ रही है।' उन्होंने इस यात्रा को रचनात्मक नजरिए से देखने की अपील की और कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होने वाला यह दौरा भारत-चीन दोनों के हित में साबित होगा।

भारत की विदेश नीति की मजबूती

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति लगातार सशक्त हुई है। उन्होंने उदाहरण दिए — यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की दिशा में प्रगति, रूस के साथ उर्वरक समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और अन्य देशों के साथ हुए समझौते। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक कूटनीति में एक स्वतंत्र और सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने पर विचार

नितिन गडकरी के नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने संबंधी बयान पर कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि यह प्रकृति का सामान्य नियम है। उनके अनुसार, वरिष्ठ पीढ़ी को अपना अनुभव और ज्ञान युवाओं को हस्तांतरित करना चाहिए ताकि नई पीढ़ी अपनी ऊर्जा और वरिष्ठों के अनुभव के साथ देश को आगे बढ़ा सके।

अवैध घुसपैठ पर सख्त रुख

गृह मंत्री अमित शाह के 'देश कोई धर्मशाला नहीं है' वाले बयान का समर्थन करते हुए कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए सीमाओं की सुरक्षा अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने हमेशा निर्धारित प्रक्रिया के तहत शरणार्थियों का स्वागत किया है, किंतु अवैध घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर पर रुख

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय पर उन्होंने कहा कि किसी संस्था की सफलता केवल सरकारी या निजी प्रबंधन से नहीं, बल्कि नेतृत्व की गुणवत्ता से तय होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि यह निर्णय संस्था तथा समाज दोनों के हित में है। गौरतलब है कि यह फैसला विपक्ष की आलोचना का विषय बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें ठोस एजेंडे का अभाव है — यह स्पष्ट नहीं है कि जिनपिंग की यात्रा में वास्तव में क्या हासिल होगा। भारत-चीन संबंध 2020 की गलवान झड़प के बाद से नाजुक रहे हैं और सीमा पर तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में 'सकारात्मक परिणाम' की बात करना तब तक अधूरी है जब तक द्विपक्षीय वार्ता का ठोस ब्यौरा सामने न आए। मुख्यधारा की कवरेज इस यात्रा को केवल कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश करती है, जबकि असली सवाल यह है कि सीमा विवाद, व्यापार असंतुलन और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसे मूल मुद्दों पर क्या प्रगति होगी।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शी जिनपिंग की भारत यात्रा कब होने वाली है?
कीर्ति वर्धन सिंह के बयान के अनुसार, शी जिनपिंग की भारत यात्रा ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रस्तावित है। यात्रा की सटीक तारीख अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है।
कीर्ति वर्धन सिंह ने जिनपिंग की यात्रा को भारत की ताकत का संकेत क्यों बताया?
उनके अनुसार, किसी बड़े देश के राष्ट्राध्यक्ष का भारत आना इस बात का प्रमाण है कि भारत की वैश्विक स्थिति और कूटनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इसे मोदी-जयशंकर की विदेश नीति की सफलता से जोड़ा।
भारत-चीन यात्रा से क्या परिणाम अपेक्षित हैं?
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के लिए ठोस और सकारात्मक परिणाम लाएगी। हालांकि, विशिष्ट एजेंडे या समझौतों का आधिकारिक ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
अमित शाह के 'देश धर्मशाला नहीं' बयान पर कीर्ति वर्धन सिंह का क्या कहना है?
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान का पूर्ण समर्थन किया। उनके अनुसार, देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए अवैध घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जरूरी है, जबकि निर्धारित प्रक्रिया से आने वाले शरणार्थियों का स्वागत हमेशा होता रहेगा।
जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर के निजीकरण पर उनका क्या रुख है?
कीर्ति वर्धन सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि संस्था की सफलता सरकारी या निजी प्रबंधन नहीं, बल्कि नेतृत्व की गुणवत्ता तय करती है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह निर्णय संस्था व समाज दोनों के हित में है।
राष्ट्र प्रेस
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