क्या चीन और भारत के विदेश मंत्रियों की मुलाकात से मिलीं दस महत्वपूर्ण उपलब्धियां?
सारांश
मुख्य बातें
बीजिंग, 20 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 18 अगस्त को नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने समान रुचियों वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय, रचनात्मक और दृष्टिकोणपूर्ण चर्चा की। निम्नलिखित सहमति और परिणाम प्राप्त हुए।
पहला, दोनों पक्षों ने यह जोर दिया कि दोनों देशों के नेताओं का रणनीतिक नेतृत्व चीन-भारत संबंधों के विकास में अनिवार्य और महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनका मानना है कि स्थिर, सहयोगात्मक और दूरदर्शी चीन-भारत संबंध दोनों देशों की विकास क्षमता को पूरी तरह से उजागर करने में सहायक हैं।
दूसरा, चीन ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एससीओ के शिखर सम्मेलन में भाग लेने का स्वागत किया। भारत ने भी एससीओ के अध्यक्ष देश बनने में चीन के प्रयासों का समर्थन किया।
तीसरा, दोनों पक्षों ने राजनयिक गतिविधियों की मेजबानी में एक-दूसरे का समर्थन करने पर सहमति व्यक्त की। चीन 2026 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी में भारत का समर्थन करेगा।
चौथा, दोनों ने आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ता और आदान-प्रदान की व्यवस्था को पुनः आरंभ करने पर विचार किया।
पांचवां, दोनों पक्षों ने 2025 में राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में स्मारक गतिविधियों को सफलतापूर्वक आयोजित करने का समर्थन किया।
छठा, दोनों पक्षों ने सीधी उड़ान बहाल करने और वीजा सुविधाएं प्रदान करने पर सहमति दी।
सातवां, उन्होंने 2026 में भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए पवित्र पर्वत की यात्रा को जारी रखने पर सहमति जताई।
आठवां, दोनों पक्षों ने आर्थिक, व्यापारिक और निवेश प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए ठोस उपाय करने पर सहमति व्यक्त की।
नौवां, दोनों ने सीमांत क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए मित्रवत परामर्श करने पर सहमति जताई।
दसवां, उन्होंने बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)