२५ फरवरी का पंचांग: बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग और राहुकाल की जानकारी

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२५ फरवरी का पंचांग: बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग और राहुकाल की जानकारी

सारांश

जानें २५ फरवरी को बुधवार को होने वाले सर्वार्थ सिद्धि योग और राहुकाल की महत्वपूर्ण जानकारी। इस दिन विशेष शुभ मुहूर्त और अशुभ काल का ध्यान रखना आवश्यक है।

Key Takeaways

  • २५ फरवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।
  • राहुकाल दोपहर १२:३४ से २ बजे तक है।
  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह ५:१० से ६:०० बजे तक है।
  • अमृत काल सुबह १०:३८ से १२:०८ बजे तक है।
  • नए कार्यों के लिए अशुभ समय से बचें।

नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। सनातन परंपरा में पंचांग को समय की सबसे विश्वसनीय और व्यापक व्यवस्था माना गया है। आधुनिक कैलेंडर और घड़ी की बजाय, पंचांग से शुभ-अशुभ मुहूर्त निर्धारित किए जाते हैं। यह सूर्योदय, सूर्यास्त के साथ दिनभर के शुभ-अशुभ कालों की संपूर्ण जानकारी प्रदान करता है। २५ फरवरी को बुधवार है, और इस दिन शुभ योगों का संयोग बन रहा है।

इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा, जो सभी प्रकार के शुभ कार्यों, नई शुरुआत, व्यापार, विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। बुधवार होने के कारण गणपति और बुध ग्रह की पूजा का भी विशेष महत्व है।

दृक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि २५ फरवरी की सुबह ४ बजकर ५१ मिनट तक है, उसके बाद नवमी तिथि रहेगी। नक्षत्र रोहिणी दोपहर १ बजकर ३८ मिनट तक, उसके बाद मृगशिरा है। योग विष्कम्भ और करण बालव दोपहर ३ बजकर ४५ मिनट तक, उसके बाद कौलव रहेगा। चंद्रमा वृषभ राशि में संचार करेंगे। सूर्योदय ६ बजकर ५० मिनट पर और सूर्यास्त शाम ६ बजकर १८ मिनट पर होगा।

शुभ योग और मुहूर्त की बात करें तो बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा। इस दिन शुभ कार्यों के लिए बहुत अच्छा है। रवि योग दोपहर १ बजकर ३८ मिनट से २६ फरवरी की सुबह ६ बजकर ४९ मिनट तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह ५ बजकर १० मिनट से ६ बजे तक है, जो पूजा, ध्यान और अध्ययन के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। अमृत काल सुबह १० बजकर ३८ मिनट से दोपहर १२ बजकर ८ मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर २ बजकर २९ मिनट से ३ बजकर १५ मिनट तक है।

अशुभ समय की बात करें तो बुधवार को राहुकाल दोपहर १२ बजकर ३४ मिनट से २ बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं। यमगंड सुबह ८ बजकर १६ मिनट से ९ बजकर ४२ मिनट तक, गुलिक काल सुबह ११ बजकर ८ मिनट से दोपहर १२ बजकर ३४ मिनट तक है। दुर्मुहूर्त दोपहर १२ बजकर ११ मिनट से १२ बजकर ५७ मिनट तक और ज्वालामुखी योग सुबह ६ बजकर ५० मिनट से दोपहर १ बजकर ३८ मिनट तक है। इस समय कोई नया या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

Point of View

बल्कि दैनिक जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। २५ फरवरी को होने वाले सर्वार्थ सिद्धि योग का लाभ उठाना चाहिए।
NationPress
27/02/2026

Frequently Asked Questions

सर्वार्थ सिद्धि योग क्या है?
सर्वार्थ सिद्धि योग एक ऐसा योग है जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
राहुकाल का समय कब है?
राहुकाल २५ फरवरी को दोपहर १२:३४ से २ बजे तक रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त क्या होता है?
ब्रह्म मुहूर्त सुबह ५:१० से ६:०० बजे तक होता है, जो पूजा और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय है।
क्या इस दिन शुभ कार्य कर सकते हैं?
हां, लेकिन राहुकाल के समय शुभ कार्य नहीं करने चाहिए।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय क्या है?
सूर्योदय ६:५० बजे और सूर्यास्त ६:१८ बजे होगा।
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