जयललिता की जयंती पर पीएम मोदी ने किया उन्हें याद, उनके साहस को किया सराहा
सारांश
Key Takeaways
- जयललिता का जीवन साहस और दृढ़ संकल्प से भरा था।
- उन्होंने महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया।
- पीएम मोदी ने उनके साथ गुड गवर्नेंस के मुद्दों पर चर्चा की।
- अमित शाह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
- जयललिता का योगदान आज भी प्रासंगिक है।
नई दिल्ली, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जयललिता का जीवन साहस और दृढ़ इरादों से भरा हुआ था।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं आज जयललिता जी की जयंती पर उन्हें याद कर रहा हूं। वह एक करिश्माई नेता और उत्कृष्ट प्रशासक थीं, जिन्होंने अनगिनत लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। उनके जीवन का सफर बहुत हिम्मत और पक्के इरादे का रहा। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में, उन्होंने महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय और सामूहिक विकास पर जोर देते हुए कल्याणकारी शासन को बढ़ावा दिया। वह दयालु और निर्णय लेने में सक्षम थीं। मुझे उनके साथ की गई बातचीत हमेशा याद रहती है।"
पीएम मोदी ने आगे कहा, "मन की बात प्रोग्राम में मैंने यह कहा था कि अम्मा जयललिता का तमिलनाडु के लोगों के साथ कैसा गहरा संबंध था, यह मुझे राज्य के दौरे में स्पष्ट दिखाई देता है। जब जयललिता का नाम लिया जाता है, तो तमिलनाडु के लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। हमारी नारी शक्ति का जुड़ाव उनके साथ विशेष रहा है, क्योंकि उन्होंने माताओं, बहनों और बेटियों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए।"
पीएम मोदी ने अपनी मुख्यमंत्री पद की यादों को साझा करते हुए बताया कि कैसे उनके और जयललिता के बीच गुड गवर्नेंस के मुद्दे पर चर्चा होती थी। उन्होंने यह भी बताया कि पोंगल उत्सव के दौरान जयललिता ने उन्हें लंच पर आमंत्रित किया था।
पीएम मोदी ने कहा, "जयललिता जी के साथ मेरी हर मुलाकात और बातचीत आज भी ताजा है। वह मेरे दो शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं। जब हम दोनों मुख्यमंत्री थे, तब अक्सर गुड गवर्नेंस पर चर्चा होती थी।"
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी एक पोस्ट में जयललिता को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गरीबों की भलाई और महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने तमिलनाडु के विकास को नई दिशा दी और यह सुनिश्चित किया कि शासन की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक हो। जनता की सेवा के प्रति उनका समर्पण हमेशा प्रेरणा बनेगा।