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सिकंदर रजा: वेन्यू परिवर्तन से परेशान नहीं, सीखना है अधिक महत्वपूर्ण

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सिकंदर रजा: वेन्यू परिवर्तन से परेशान नहीं, सीखना है अधिक महत्वपूर्ण

सारांश

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद वेन्यू बदलने की चुनौतियों पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि टीम इस हार से कुछ सीख ले। जानिए उन्होंने क्या कहा।

मुख्य बातें

वेन्यू परिवर्तन से सिकंदर रजा को कोई परेशानी नहीं है।
हार से सीखना महत्वपूर्ण है।
वानखेड़े स्टेडियम की पिच पर अनुभव प्राप्त हुआ।
जिम्बाब्वे का लक्ष्य हर मैच में जीतना है।

मुंबई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। जिम्बाब्वे को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 विश्व कप के सुपर-8 मुकाबले में 107 रन से एक बड़ी हार का सामना करना पड़ा। जिम्बाब्वे ने अपने पहले चार मैच श्रीलंका में खेले, लेकिन सुपर-8 के मैच के लिए उसे भारत आना पड़ा। कप्तान सिकंदर रजा ने वेन्यू में बदलाव को लेकर अपनी राय साझा की और कहा कि यह उनके लिए कोई परेशानी नहीं है। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि टीम इस हार से कुछ सीख लेकर आगे बढ़े।

सिकंदर रजा ने कहा, "मैं इस बारे में नहीं सोचता। अगर हम वेन्यू या देश के बदलाव के बारे में सोचते रहेंगे, तो हमें इस मैच से कुछ नहीं सीखने को मिलेगा। मेरे लिए और जिम्बाब्वे के लिए यह आवश्यक है कि हम इस अनुभव से सीखें। बहाने हमारे लिए सहायक नहीं होते। अगर हमें आगे बढ़ना है, तो हमें हर जगह अच्छा क्रिकेट खेलना होगा, चाहे वह भारत हो या श्रीलंका। इसलिए, वेन्यू में बदलाव मुझे परेशान नहीं करता। महत्वपूर्ण यह है कि हम इस मैच से क्या सीखते हैं।"

कप्तान ने वानखेड़े स्टेडियम की पिच के बारे में कहा, "हमें उम्मीद थी कि पिच सही और सपाट होगी, लेकिन यह बाद में टर्न लेने लगी, और इसी वजह से हम नियंत्रण खो बैठे। यह अनुभव के लिहाज से एक बेहतरीन मैच था। लड़कों को धीमी पिचों पर गेंदबाजी करने और ऐसे बल्लेबाजों के खिलाफ योजना बनाने का अनुभव मिला, जो गेंद को मजबूती से मार सकते हैं। अगर हम फिर किसी छोटे मैदान पर वेस्टइंडीज जैसी टीम के खिलाफ खेलते हैं, तो आज की सीख निश्चित रूप से हमारी मदद करेगी।"

सिकंदर रजा ने 255 रन के लक्ष्य को लेकर कहा, "एक समय पर, मैं और टोनी मुनयोंगा मान रहे थे कि अंतिम सात ओवरों में 18 रन प्रति ओवर भी रह जाए, तो इस मैदान पर मौका है। गेंद सही से कनेक्ट होने पर उड़ती है। हमारी योजना 12-13 रन प्रति ओवर की गति बनाए रखने की थी, जो कुछ समय तक सही चल रही थी। दुर्भाग्यवश, गुडाकेश मोती के स्पेल ने मैच का रुख बदल दिया। लेकिन इस मैदान पर, यदि दो सेट बल्लेबाज हों, तो हम कभी भी पूरी तरह से बाहर नहीं होते हैं, अंतिम पांच से आठ ओवरों में अच्छे रन बन सकते हैं।"

उन्होंने कहा, "इस हार के बावजूद, जब भी जिम्बाब्वे मैदान पर उतरता है, हमारा लक्ष्य जीतना होता है। हम उत्कृष्ट प्रदर्शन करना चाहते हैं और सम्मान प्राप्त करना चाहते हैं। अगर सामने भारत है, तो वे भी वही सोचेंगे। दोनों टीमों ने मैच गंवाए हैं, हमारे पास साबित करने के लिए बहुत कुछ है। हम आज की सीख लेंगे, चेन्नई के बारे में जो जानते हैं उसका उपयोग करेंगे, और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें उन्होंने वेन्यू बदलने के संबंध में सकारात्मक दृष्टिकोण रखा है। उनकी सोच यह है कि हार से सबक लेना अधिक महत्वपूर्ण है। यह दृष्टिकोण युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिकंदर रजा ने वेन्यू बदलने के बारे में क्या कहा?
सिकंदर रजा ने कहा कि वेन्यू बदलने से उन्हें कोई परेशानी नहीं होती, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि टीम हार से सीख ले।
वानखेड़े स्टेडियम की पिच के बारे में सिकंदर रजा का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि पिच सपाट होने की उम्मीद थी, लेकिन बाद में यह टर्न लेने लगी, जिससे नियंत्रण खो दिया।
जिम्बाब्वे का लक्ष्य क्या है?
जिम्बाब्वे का लक्ष्य हर मैच में जीतना और सम्मान अर्जित करना होता है।
राष्ट्र प्रेस
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