14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रक्षा मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुई कार्रवाई, ब्रिगेडियर के परिवार ने पुलिस पर लगाया निष्क्रियता का आरोप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रक्षा मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुई कार्रवाई, ब्रिगेडियर के परिवार ने पुलिस पर लगाया निष्क्रियता का आरोप

सारांश

दिल्ली के एक वरिष्ठ सेना अधिकारी और उनके बेटे के साथ मारपीट की घटना में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठते हैं। रक्षा मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद ही मामले में कार्रवाई शुरू हुई। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठता है।
रक्षा मंत्रालय का हस्तक्षेप आवश्यक था।
घटना से जुड़े सभी सबूत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सीएमपी ने मामले को अपने हाथ में लिया है।
भारतीय सेना ने गंभीरता से कदम उठाए हैं।

नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण दिल्ली के वसंत एन्क्लेव में एक वरिष्ठ सेना अधिकारी के परिवार ने दावा किया है कि उन्हें पुलिस से तत्काल सहायता नहीं मिली, जब उनके बेटे के साथ मारपीट की गई। इस मामले में कार्रवाई तब शुरू हुई जब इसे रक्षा मंत्रालय के माध्यम से उठाया गया।

अधिकारियों के अनुसार, ब्रिगेडियर और उनके बेटे पर एक समूह ने हमला किया। यह घटना तब हुई जब उन्होंने अपने रिहायशी क्षेत्र में खड़ी एक कार के अंदर शराब पी रहे दो व्यक्तियों पर आपत्ति जताई। यह घटना ११ अप्रैल की रात करीब १० बजे हुई।

ब्रिगेडियर गुजरात में तैनात हैं और अपने परिवार के साथ दिल्ली में निवास करते हैं। उन्होंने बताया कि यह घटना तब घटी जब वे रात के खाने के बाद टहलने निकले थे। बाहर निकलते ही उन्होंने देखा कि दो व्यक्ति एक सफेद मर्सिडीज कार के अंदर शराब पी रहे थे। जब अधिकारी ने इसकी शिकायत की, तो दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई।

अधिकारी की पत्नी ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए पूरी घटना का विवरण साझा किया। उन्होंने कहा कि दो व्यक्ति मर्सिडीज में शराब पी रहे थे। जब मेरे पति और बेटा बाहर टहलने निकले, तब उन्होंने यह कहा कि रिहायशी कॉलोनी में शराब पीना मना है।

इसके बाद उन लोगों ने उनसे अभद्रता की। हमने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और पीसीआर को फोन किया। पीसीआर को आने में समय लगा और थोड़ी देर बाद वे पहुंचे। जब तक अधिकारी हमारे बयान लेने लगे, तब तक कुछ गुंडे आ गए और मेरे बेटे और पति पर हमला करना शुरू कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के समय पुलिस ने कोई दखल नहीं दिया। ब्रिगेडियर की पत्नी ने कहा कि हमारी मदद करने के बजाय, पुलिसकर्मी अपनी वैन में बैठकर चले गए। मेरे पति ने मेरे बेटे को गुंडों से बचाने की कोशिश की, लेकिन गुंडे उन्हें भी पीटने लगे। जब मैंने एक बार फिर पुलिसकर्मी से मदद मांगी, तो उसने मना कर दिया और कहा कि वह अकेला कुछ नहीं कर सकता।

ब्रिगेडियर की पत्नी ने कहा कि जब मैंने पुलिसकर्मी से पुलिस स्टेशन ले जाने के लिए कहा, तो उसने मुझे वैन के ट्रंक में लेटने के लिए कहा। मैंने मना कर दिया और कहा कि मैं सीट पर बैठना चाहती हूँ। इसके बाद हम अपनी कार से पुलिस स्टेशन गए, जहां हमें कोई मदद नहीं मिली।

परिवार ने बताया कि १२ अप्रैल की सुबह एक शिकायत दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि हमने रात २ बजे शिकायत दर्ज की थी, लेकिन जब तक हमने रक्षा मंत्रालय के माध्यम से मदद नहीं मांगी, तब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्हें अस्पताल ले जाने का कोई प्रयास नहीं किया गया।

हमले के बावजूद, अधिकारी और उनके बेटे को किसी गंभीर चोट का सामना नहीं करना पड़ा।

ब्रिगेडियर के बेटे ने भी घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मेरे पिता ने उनसे विनम्रता से कहा कि वे सोसायटी के पास शराब न पिएं, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। तब हमने पीसीआर को बुलाया।

ब्रिगेडियर ने कहा कि सबूत देने के बावजूद, मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस (सीएमपी) ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है। भारतीय सेना ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और संबंधित अधिकारियों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समाज में सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है। रक्षा मंत्रालय का हस्तक्षेप एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसकी जरूरत क्यों पड़ी, यह सोचने वाली बात है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिगेडियर का परिवार किस इलाके में रहता है?
ब्रिगेडियर का परिवार दक्षिण दिल्ली के वसंत एन्क्लेव में रहता है।
पुलिस ने मामले में क्या किया?
पुलिस ने प्रारंभ में कोई कार्रवाई नहीं की और बाद में मामले को नजरअंदाज किया।
क्या इस मामले में कोई गंभीर चोट आई?
हमले के बावजूद, ब्रिगेडियर और उनके बेटे को कोई गंभीर चोट नहीं आई।
रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में क्या किया?
रक्षा मंत्रालय ने घटना का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को मदद करने के निर्देश दिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले