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रुपाली निलेश चाकणकर का आरोप: बेबुनियाद आरोपों से बदनाम करने की कोशिश

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रुपाली निलेश चाकणकर का आरोप: बेबुनियाद आरोपों से बदनाम करने की कोशिश

सारांश

रुपाली निलेश चाकणकर ने महराष्ट्र की राजनीति में झूठे आरोपों के पीछे की सच्चाई को उजागर किया है। उनका कहना है कि ये आरोप केवल उन्हें बदनाम करने की नीयत से लगाए जा रहे हैं। जानिए उन्होंने क्या कहा।

मुख्य बातें

रुपाली चाकणकर ने आरोपों को बेबुनियाद बताया।
28 दिन से चल रहे आरोपों की कोई सच्चाई नहीं है।
गुमनाम पत्र की कानूनी मान्यता नहीं है।
मीडिया में चल रहे हंगामे पर सवाल उठाए।
सच्चाई के सामने आने की उम्मीद जताई।

मुंबई, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की नेता रुपाली निलेश चाकणकर ने अशोक खरात (ढोंगी बाबा) मामले में अपने और अपने परिवार के खिलाफ लगातार बेबुनियाद और झूठे आरोपों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आज 28 दिन

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में कई आरोप सामने आए हैं। जबकि मीडिया इन आरोपों से जुड़े सबूतों को प्रस्तुत कर रहा है, आरोप लगाने वाले भी अपने दावों को प्रमाणित करने में असफल रहे हैं। रुपाली ने कहा कि आज 28 दिन हो चुके हैं और उनके खिलाफ लगाये गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। न तो आरोप लगाने वालों ने कोई सबूत पेश किया है और न ही मीडिया ने इसकी मांग की है।

उन्होंने आगे उल्लेख किया कि जिन लोगों ने गुमनाम पत्र को लेकर आरोप लगाया है, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह पत्र उनके पास कैसे आया। बिना किसी जांच के, केवल बदनाम करने की योजना के तहत पुलिस को मिला एक गुमनाम पत्र मीडिया को सौंप दिया गया, जिससे पूरे दिन हंगामा मचा रहा। यह भी आवश्यक है कि इस मामले में किसका हाथ है, यह सामने आए।

रुपाली ने बताया कि बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कावटे ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि बिना नाम और पते वाले गुमनाम पत्र की कोई कानूनी मान्यता नहीं होती और इसे गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। फिर भी, यह जरूरी है कि जांच की जाए कि यह पत्र किसने लिखा और कहाँ से आया।

रुपाली निलेश चाकणकर ने आगे कहा कि इस तरह की घटनाएं एक गंभीर परंपरा शुरू कर रही हैं। केवल अटकलों और अफवाहों के आधार पर उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है, जो कि निंदनीय है। उन्होंने अपने पक्ष को स्पष्ट रूप से रखा है। खरात मामले में उनका किसी भी प्रकार का वित्तीय लेन-देन, भूमि सौदों या किसी गैरकानूनी गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है। उन्हें पूरा विश्वास है कि अंततः सच्चाई सामने आएगी।

ज्ञात रहे कि रुपाली निलेश चाकणकर ने 27 मार्च को एनसीपी की महिला प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया था और यह पत्र एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को संबोधित किया गया था। इस्तीफे में उन्होंने लिखा था, "मैं राष्ट्रवादी महिला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से अपना त्यागपत्र प्रस्तुत करती हूं। कृपया इसे स्वीकार करें।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप की संस्कृति को भी उजागर करता है। ऐसे समय में जब समाज में सही और गलत के बीच की रेखा धुंधली हो रही है, इस तरह के मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रुपाली निलेश चाकणकर ने कब इस्तीफा दिया?
रुपाली निलेश चाकणकर ने 27 मार्च को एनसीपी की महिला प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया।
क्या आरोप हैं रुपाली चाकणकर पर?
रुपाली चाकणकर के खिलाफ बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं, जिन्हें वह केवल बदनाम करने की नीयत से मानती हैं।
क्या गुमनाम पत्र की कोई कानूनी मान्यता है?
बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कावटे के अनुसार, बिना नाम और पते वाले गुमनाम पत्र की कोई कानूनी मान्यता नहीं होती।
इस मामले में रुपाली चाकणकर का क्या कहना है?
रुपाली ने कहा है कि उन पर लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और उन्होंने अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा है।
रुपाली चाकणकर का राजनीतिक करियर क्या है?
रुपाली निलेश चाकणकर एनसीपी की नेता हैं और उन्होंने महिला प्रदेश अध्यक्ष के पद पर कार्य किया है।
राष्ट्र प्रेस
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