पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन वार्ता, पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- प्रधान मंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा हुई।
- दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर जोर दिया।
- यह बातचीत अस्थाई संघर्ष विराम के बाद पहली थी।
- भारत की कोशिश है कि क्षेत्र में शांति बहाल हो।
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया संकट के संदर्भ में भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन कर चर्चा की। पीएम मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बातचीत की जानकारी साझा की।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "मेरे मित्र, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग में महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम अपनी 'व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' को और सुदृढ़ करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।"
यह अस्थाई संघर्ष विराम के बाद पीएम मोदी और ट्रंप के बीच पहली बातचीत है। यह बीस दिन में दूसरी बार बातचीत हुई है। इससे पहले 24 मार्च को फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व के हालात पर चर्चा की थी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत चाहता है कि तनाव कम हो और जल्द से जल्द शांति बहाल हो।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने की अहमियत बताई, क्योंकि इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
ज्ञात हो कि हाल ही में ईरान और यूएस के बीच इस्लामाबाद में स्थाई शांति पर चर्चा बेनतीजा रही। इसके बाद से राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी की बात कही।
इस मुद्दे पर ईरान की दावेदारी और अमेरिकी नाकाबंदी के बीच दुनिया चिंतित है। मंगलवार को फ्रांस और यूके ने जल्द ही एक ऑनलाइन बैठक का आयोजन करने की घोषणा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को सुगम बनाने के लिए चर्चा होगी।
यह वर्चुअल बैठक इस महीने की शुरुआत में यूनाइटेड किंगडम की अगुवाई में हुई 40 से अधिक देशों के मंत्रियों की बैठक का अगला चरण है। उस बैठक में उस महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट पर चर्चा की गई थी, जहां हजारों जहाज और उनके चालक दल फंसे हुए हैं।