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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025: चीन ने भारत की अध्यक्षता में सफल आयोजन का समर्थन किया

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025: चीन ने भारत की अध्यक्षता में सफल आयोजन का समर्थन किया

सारांश

बीजिंग में भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीनी उपविदेश मंत्री हुआ छुनइंग की 27 जुलाई की वार्ता के बाद चीन ने स्पष्ट किया कि वह भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन का समर्थन करता है — यह कूटनीतिक संकेत दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर पटरी पर लाने की कोशिश का हिस्सा है।

मुख्य बातें

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने 30 जुलाई को घोषणा की कि चीन, भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन का समर्थन करता है।
चीनी उपविदेश मंत्री हुआ छुनइंग और भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री के बीच 27 जुलाई को बीजिंग में द्विपक्षीय वार्ता हुई।
दोनों पक्षों ने पारस्परिक राजनीतिक विश्वास बढ़ाने और चीन-भारत संबंध को स्वस्थ व स्थिर बनाने पर सहमति जताई।
चीन ने ब्रिक्स को नवोदित बाज़ारों और विकासशील देशों के सहयोग का अहम मंच बताया।
दोनों देशों के बीच मतभेदों के समुचित निपटारे पर भी बातचीत हुई।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने 30 जुलाई 2025 को अपनी नियमित प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि चीन, भारत की अध्यक्षता में इस वर्ष के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन का पूरा समर्थन करता है। यह बयान ऐसे समय में आया जब 27 जुलाई को बीजिंग में दोनों देशों के वरिष्ठ राजनयिकों के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता हुई।

उच्चस्तरीय राजनयिक वार्ता

चीनी उपविदेश मंत्री हुआ छुनइंग और भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री के बीच 27 जुलाई को बीजिंग में विस्तृत बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमतियों को व्यवहार में लागू करने पर ज़ोर दिया। वार्ता में पारस्परिक राजनीतिक विश्वास को मज़बूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान तथा सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।

मतभेद और संबंधों की स्थिरता

दोनों पक्षों ने मौजूदा मतभेदों का समुचित निपटारा करने की ज़रूरत पर भी सहमति जताई। माओ निंग के अनुसार, दोनों देश चीन-भारत संबंध को स्वस्थ और स्थिर पटरी पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गौरतलब है कि यह वार्ता दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सुलझाने की दिशा में हाल के महीनों में बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का हिस्सा है।

ब्रिक्स पर चीन का रुख

माओ निंग ने कहा कि ब्रिक्स, नवोदित बाज़ारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग का एक अहम मंच है। चीन इस मंच को बड़ा महत्व देता है और इसमें सक्रिय रूप से भाग लेता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन, अध्यक्ष देश भारत को इस वर्ष का ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित करने में पूर्ण सहयोग देने को तैयार है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स समूह का विस्तार हो रहा है और वैश्विक दक्षिण में इसकी प्रासंगिकता बढ़ रही है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले इस शिखर सम्मेलन से दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। आलोचकों का कहना है कि चीन और भारत के बीच सीमा पर तनाव की पृष्ठभूमि में यह कूटनीतिक सक्रियता सकारात्मक संकेत देती है, लेकिन ठोस परिणामों की प्रतीक्षा है।

आगे की राह

इस वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क जारी रहने की संभावना है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन को लेकर भारत और चीन के बीच बढ़ता तालमेल बहुपक्षीय कूटनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक व्यापक रणनीतिक संदेश है — बीजिंग नहीं चाहता कि ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच पर भारत-चीन तनाव की छाया पड़े। विक्रम मिस्री की बीजिंग यात्रा और उसके तुरंत बाद माओ निंग का सार्वजनिक बयान यह दर्शाता है कि दोनों देश कम-से-कम बहुपक्षीय मंचों पर तालमेल बनाए रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालाँकि, सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर विवाद अभी पूरी तरह नहीं सुलझे हैं, इसलिए इस 'स्वस्थ व स्थिर संबंध' की असली परीक्षा ब्रिक्स सम्मेलन के बाद होगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बारे में क्या कहा?
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने 30 जुलाई को कहा कि चीन, अध्यक्ष देश भारत द्वारा इस वर्ष के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन का समर्थन करता है। चीन ब्रिक्स सहयोग को बड़ा महत्व देता है और इसमें सक्रिय रूप से भाग लेता है।
विक्रम मिस्री और हुआ छुनइंग की बैठक में क्या हुआ?
27 जुलाई को बीजिंग में भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीनी उपविदेश मंत्री हुआ छुनइंग के बीच वार्ता हुई। दोनों पक्षों ने पारस्परिक राजनीतिक विश्वास बढ़ाने, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और मतभेदों के समुचित निपटारे पर विचार-विमर्श किया।
ब्रिक्स क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
ब्रिक्स (BRICS) ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित नवोदित अर्थव्यवस्थाओं का एक प्रमुख बहुपक्षीय समूह है। इस वर्ष भारत इस समूह का अध्यक्ष देश है और शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है।
चीन-भारत संबंधों की मौजूदा स्थिति क्या है?
दोनों देश हाल के महीनों में कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय हैं और संबंधों को स्वस्थ व स्थिर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालाँकि, सीमा विवाद जैसे मुद्दे अभी पूरी तरह नहीं सुलझे हैं और दोनों पक्षों ने मतभेदों के समुचित निपटारे की ज़रूरत स्वीकार की है।
इस राजनयिक वार्ता का महत्व क्या है?
यह वार्ता दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क की निरंतरता को दर्शाती है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले इस तरह की बैठक यह संकेत देती है कि चीन और भारत बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को द्विपक्षीय तनाव से अलग रखने की कोशिश कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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