मुंबई में चीन-भारत ब्रिक्स संवाद: चीनी महावाणिज्य दूतावास और वेलिंगकर इंस्टीट्यूट का संयुक्त आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई स्थित चीनी महावाणिज्य दूतावास और वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने संयुक्त रूप से चीन-भारत ब्रिक्स संवाद और चीनी फिल्म स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर चीनी कौंसल जनरल छिन च्ये ने भाग लेकर भाषण दिया और भारतीय शिक्षकों व छात्रों के साथ विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम
इस आयोजन में चीनी फिल्म 'नोबडी' की स्क्रीनिंग की गई, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में मुंबई के शैक्षणिक जगत से जुड़े शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
ब्रिक्स पर कौंसल जनरल का संदेश
कौंसल जनरल छिन च्ये ने अपने संबोधन में कहा कि ब्रिक्स वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण मंच है और वैश्विक शांति व विकास को गति देने वाली एक अहम शक्ति है। उन्होंने सभी पक्षों से मिलकर ब्रिक्स के ब्रांड को और अधिक प्रभावशाली बनाने का आह्वान किया।
छिन च्ये ने स्पष्ट किया कि चीन, भारत की इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता का पूरा समर्थन करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देशों के बीच अर्थव्यवस्था, व्यापार, मीडिया, फ्रेंडली सिटी और महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों में परस्पर संपर्क बढ़ रहा है, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा दी है।
2026 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर नज़र
कौंसल जनरल ने विश्वास जताया कि सभी पक्षों के सामूहिक प्रयासों से वर्ष 2026 का ब्रिक्स शिखर सम्मेलन निश्चित रूप से सफल होगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-चीन संबंध हाल के वर्षों में तनाव के बाद धीरे-धीरे सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
मीडिया संवाद और सांस्कृतिक सहयोग
छिन च्ये ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के वैश्विक महत्व और चीन-भारत सांस्कृतिक व शैक्षिक सहयोग जैसे विषयों पर कई भारतीय मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तृत बातचीत की। गौरतलब है कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम दोनों देशों के बीच जन-से-जन संपर्क को मज़बूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। आने वाले महीनों में ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत ऐसे और भी आयोजनों की संभावना है।