मुंबई में चीन-भारत युवा मध्य-शरद उत्सव: 30 भारतीय युवाओं ने किया सांस्कृतिक आदान-प्रदान
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई स्थित चीनी महावाणिज्य दूतावास ने 26 सितंबर 2026 को मध्य-शरद उत्सव के अवसर पर चीन-भारत युवा सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें चीनी भाषा सीखने वाले लगभग 30 भारतीय युवाओं ने हिस्सा लिया। महावाणिज्य दूत छिन च्ये ने स्वयं उपस्थित रहकर प्रतिभागियों को संबोधित किया।
उत्सव का महत्व और सांस्कृतिक समानता
महावाणिज्य दूत छिन च्ये ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि इस वर्ष चीन का मध्य-शरद उत्सव भारत के गणेश चतुर्थी के साथ एक ही समय पड़ा। उन्होंने कहा कि दोनों पर्व फसल की प्रचुरता और जीवन की पूर्णता के प्रतीक हैं, जो दोनों सभ्यताओं के बीच गहरी सांस्कृतिक समानता को दर्शाते हैं।
यह ऐसे समय में हुआ है जब भारत-चीन संबंधों में कूटनीतिक स्तर पर संवाद के नए प्रयास हो रहे हैं और द्विपक्षीय सांस्कृतिक गतिविधियाँ फिर से गति पकड़ रही हैं।
शी चिनफिंग की वैश्विक पहलों का उल्लेख
छिन च्ये ने जोर देकर कहा कि वैश्विक अस्थिरता और बदलाव के इस दौर में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने क्रमशः चार प्रमुख वैश्विक पहलें प्रस्तुत की हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए राष्ट्रपति शी ने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे, जो विश्व शांति, विकास और चीन-भारत संबंधों को स्थिरता के साथ आगे बढ़ाने में सहायक होंगे।
गौरतलब है कि ब्रिक्स मंच पर चीन और भारत दोनों की सक्रिय भागीदारी द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पृष्ठभूमि प्रदान करती है।
कार्यक्रम की गतिविधियाँ
आयोजन में प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से चीनी फिल्म 'छांग आन' देखी और चीनी व्यंजनों के साथ पारंपरिक मूनकेक का आनंद लिया। उत्सवी वातावरण में युवाओं ने चीनी पारंपरिक संस्कृति की विविधता और सौंदर्य को प्रत्यक्ष अनुभव किया।
युवाओं से अपील: मित्रता के दूत बनें
छिन च्ये ने आशा व्यक्त की कि भाग लेने वाले भारतीय युवा चीनी भाषा में दक्षता हासिल करें और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक व मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएँ। उन्होंने इस कार्यक्रम को चीन-भारत सभ्यता आदान-प्रदान का एक जीवंत उदाहरण बताया।
इस तरह के जन-से-जन संपर्क कार्यक्रम भविष्य में दोनों देशों के युवाओं के बीच समझ और सहयोग की नींव रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माने जा रहे हैं।