क्या 'शांति की गूंज' सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम मैक्सिको में सफल रहा?

सारांश
Key Takeaways
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्व
- विकास और सहयोग की आवश्यकता
- वैश्विक बहुपक्षीय व्यवस्था का समर्थन
- एकता के द्वारा चुनौतियों का सामना
- शांतिपूर्ण विकास की दिशा
बीजिंग, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और मैक्सिको में स्थित चीनी दूतावास ने २३ अगस्त को मैक्सिको सिटी में 'शांति की गूंज' शीर्षक वाला सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में मैक्सिको की मीडिया, सांस्कृतिक क्षेत्र और थिंक टैंक के १५० से अधिक मेहमान शामिल हुए।
इस मौके पर, सीएमजी के महानिदेशक शन हाईश्योंग ने अपने भाषण में कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उल्लेख किया है कि इतिहास की स्मृति और सत्य समय के साथ नहीं मिटते। इससे हमें जो ज्ञान मिलता है, वह हमेशा वास्तविकता को दर्शाएगा और भविष्य की दिशा दिखाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष चीनी जनता के जापानी अतिक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की ८०वीं वर्षगांठ है। सीएमजी अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग को बढ़ाने की इच्छा व्यक्त करता है, ताकि एकता से चुनौतियों का सामना किया जा सके और सहयोग से विकास किया जा सके।
इस बीच, मैक्सिकन सीनेट की एशिया-प्रशांत समिति की अध्यक्ष जेडकोल पोलेविंस्की ने कहा कि विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय चीन द्वारा किए गए बड़े योगदान और बलिदान से अलग नहीं हो सकती। चीन कभी भी अन्य देशों पर आक्रमण नहीं करता और उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता। चीन शांतिपूर्ण विकास के रास्ते पर चलता है और दुनिया के साथ समृद्धि के लिए प्रयास करता है। वर्तमान में, दुनिया में एकतरफावाद और अन्य अनिश्चितताओं में वृद्धि हो रही है। चीन बहुध्रुवीय विश्व की वकालत करता है और वैश्विक बहुपक्षीय व्यवस्था की रक्षा करता है। चीन का विकास अनुभव विभिन्न देशों के लिए सीखने योग्य है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)