नई दिल्ली में चौथा चीन-भारत युवा संवाद: एक नई पहल
सारांश
Key Takeaways
- युवाओं के बीच सहयोग: द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए युवाओं के बीच बेहतर समझ जरूरी है।
- यात्रा का आह्वान: भारतीय युवाओं को चीन की यात्रा करने के लिए प्रेरित किया गया।
- प्रौद्योगिकी में सहयोग: एआई, डिजिटल अर्थव्यवस्था, और हरित प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- संस्कृति का आदान-प्रदान: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने एकता को दर्शाया।
- महत्वपूर्ण मंच: यह कार्यक्रम द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
बीजिंग, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत में चीनी दूतावास और इंडियन कॉन्फेडरेशन ऑफ यंग लीडर्स (सीवाईएल) के सहयोग से चौथा चीन-भारत युवा संवाद गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में चीन और भारत के 200 से अधिक युवा, राजनीतिक दलों, व्यापार, कला, खेल और मीडिया क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए।
भारत में चीनी राजदूत श्यू फेईहोंग ने अपने मुख्य भाषण में बताया कि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए नेताओं का रणनीतिक मार्गदर्शन जरूरी है, साथ ही जनता, खासकर युवा पीढ़ियों के बीच आपसी समझ और स्नेह की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवा जितना एक-दूसरे को समझेंगे, द्विपक्षीय संबंधों में उतना ही अधिक विश्वास होगा।
राजदूत ने भारतीय युवाओं को चीन की यात्रा करने और चीनी आधुनिकीकरण के जीवंत परिदृश्य को देखने का आह्वान किया।
उन्होंने युवाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल अर्थव्यवस्था और हरित प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और ब्रिक्स तथा शांगहाई सहयोग संगठन जैसे बहुपरकारी मंचों पर सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता अनिल एंटनी, इंडिया-चाइना इकोनॉमिक एंड कल्चरल काउंसिल के संस्थापक मोहम्मद सकीब, सीवाईएल अध्यक्ष हिमाद्रिश सुवान, पूर्व विश्व नंबर एक और ओलंपियन रोंजन सोढ़ी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया।
कार्यक्रम के दौरान चीनी और भारतीय युवा प्रतिनिधियों ने संयुक्त सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे दर्शकों ने खूब तालियां बटोरीं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)