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फरीदाबाद बोरवेल रेस्क्यू: सीही गाँव में गिरी बच्ची को 9 घंटे बाद बचाया, हालत गंभीर

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फरीदाबाद बोरवेल रेस्क्यू: सीही गाँव में गिरी बच्ची को 9 घंटे बाद बचाया, हालत गंभीर

सारांश

फरीदाबाद के सीही गाँव में रविवार शाम बोरवेल में गिरी एक बच्ची को NDRF, SDRF और कई एजेंसियों ने मिलकर करीब 9 घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार तड़के बाहर निकाला। 250-300 फीट गहरे बोरवेल में 125 फीट पर पानी भरा होने से बचाव और भी मुश्किल था। बच्ची की हालत गंभीर है।

मुख्य बातें

हरियाणा के फरीदाबाद के सीही गाँव में रविवार शाम 6 बजे एक बच्ची बोरवेल में गिरी।
NDRF की टीम गाजियाबाद से रात 9:05 बजे घटनास्थल पहुँची; बच्ची को सोमवार तड़के 3:50 बजे बाहर निकाला गया।
बोरवेल की गहराई 250 से 300 फीट ; 125 फीट पर पानी होने से बचाव अभियान और कठिन हो गया।
अभियान में NDRF , SDRF , हरियाणा अग्निशमन सेवा, UP नागरिक सुरक्षा (गाजियाबाद) , चिकित्सा विभाग व नगर निगम शामिल रहे।
बच्ची की हालत गंभीर, तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सीही गाँव (सेक्टर-8) में रविवार, 28 सितंबर 2026 की शाम एक बच्ची के बोरवेल में गिरने के बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की संयुक्त टीमों ने करीब 9 घंटे की अथक मशक्कत के बाद सोमवार तड़के 3 बजकर 50 मिनट पर बच्ची को बोरवेल से बाहर निकालने में सफलता पाई। हालाँकि, बच्ची के शरीर में कोई हलचल न होने के कारण उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना का क्रम

अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा रविवार शाम करीब 6 बजे हुआ, जब बच्ची खुले बोरवेल में गिर गई। NDRF के डिप्टी कमांडेंट कुणाल तिवारी ने बताया कि नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना शाम 7 बजकर 45 मिनट पर मिली, जिसके बाद गाजियाबाद से NDRF की टीम रात 9 बजकर 5 मिनट पर घटनास्थल पर पहुँची। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस ने तत्काल राज्य और राष्ट्रीय आपदा बल को अलर्ट किया।

बचाव में आईं बड़ी चुनौतियाँ

डिप्टी कमांडेंट कुणाल तिवारी के अनुसार, यह बोरवेल 250 से 300 फीट गहरा था और उसके अंदर 125 फीट की गहराई पर पानी भरा हुआ था। पानी की मौजूदगी के कारण बचाव दल को बच्ची की सटीक स्थिति का अंदाज़ा नहीं लग पा रहा था — यह स्पष्ट नहीं था कि वह पानी के ऊपर है या नीचे। तिवारी ने कहा, 'मुख्य चुनौती यह थी कि बोरवेल के भीतर पानी की वजह से हम यह तय नहीं कर पा रहे थे कि वह पानी के नीचे किस हालत में है।' इससे बचाव अभियान और भी जटिल हो गया।

बहु-एजेंसी संयुक्त अभियान

देर रात से सोमवार तड़के तक चले इस बचाव अभियान में NDRF, SDRF, हरियाणा राज्य अग्निशमन सेवा, यूपी नागरिक सुरक्षा (गाजियाबाद), चिकित्सा विभाग और नगर निगम की टीमें एक साथ काम करती रहीं। डिप्टी कमांडेंट ने कहा कि प्रशासन के पूरे सहयोग के बिना यह ऑपरेशन संभव नहीं होता — 'रेस्क्यू के दौरान प्रशासन पूरी तरह हमारे साथ खड़ा रहा। हमने जिन संसाधनों की माँग की, वे उपलब्ध कराए गए।'

बच्ची की स्थिति और आगे का रास्ता

बोरवेल से बाहर निकाले जाने के बाद बच्ची की हालत गंभीर पाई गई और उसे तत्काल नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सा दल घटनास्थल पर पहले से तैनात था। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में खुले बोरवेल से जुड़ी घटनाओं को लेकर सुरक्षा मानकों पर बार-बार सवाल उठाए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय खुले बोरवेल को ढकने संबंधी दिशानिर्देश पहले ही जारी कर चुका है, फिर भी ऐसी दुर्घटनाएँ रुकने का नाम नहीं ले रहीं। बच्ची की रिकवरी और उसके स्वास्थ्य पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली जवाबदेही उस लापरवाही पर होनी चाहिए जिसने इस ऑपरेशन की ज़रूरत ही पैदा की। जब तक खुले बोरवेल के लिए ज़िम्मेदारी तय नहीं होती और दंड का डर नहीं होता, ऐसे हादसे रुकने वाले नहीं हैं।
RashtraPress
28 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरीदाबाद बोरवेल हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा रविवार, 28 सितंबर 2026 की शाम करीब 6 बजे फरीदाबाद के सेक्टर-8 स्थित सीही गाँव में हुआ, जब एक बच्ची खुले बोरवेल में गिर गई।
बच्ची को बोरवेल से बाहर निकालने में कितना समय लगा?
NDRF की टीम रात 9:05 बजे घटनास्थल पहुँची और सोमवार तड़के 3:50 बजे बच्ची को बाहर निकाला गया — यानी करीब 9 घंटे से अधिक समय बाद।
बचाव अभियान में सबसे बड़ी चुनौती क्या थी?
NDRF के डिप्टी कमांडेंट कुणाल तिवारी के अनुसार, बोरवेल 250 से 300 फीट गहरा था और 125 फीट की गहराई पर पानी भरा था। इस पानी के कारण बच्ची की सटीक स्थिति और उसकी दशा का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो गया था।
बच्ची को बाहर निकालने के बाद उसकी क्या स्थिति है?
बोरवेल से बाहर निकाले जाने के बाद बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं थी, जिसके कारण उसे तत्काल नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
इस संयुक्त अभियान में NDRF, SDRF, हरियाणा राज्य अग्निशमन सेवा, यूपी नागरिक सुरक्षा (गाजियाबाद), हरियाणा चिकित्सा विभाग और नगर निगम की टीमें शामिल थीं।
राष्ट्र प्रेस
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