उज्जैन में बोरवेल में फंसे तीन साल के बच्चे के लिए बचाव कार्य जारी

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उज्जैन में बोरवेल में फंसे तीन साल के बच्चे के लिए बचाव कार्य जारी

सारांश

उज्जैन जिले के झलारिया गांव में एक तीन साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया है। बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, और ग्रामीण बच्चे की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

Key Takeaways

  • बच्चा बोरवेल में गिरा हुआ है।
  • बचाव कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
  • स्थानीय ग्रामीण भी बचाव में सहयोग कर रहे हैं।
  • कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर मौजूद हैं।
  • खुले बोरवेल बच्चों के लिए खतरा हैं।

भोपाल, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर स्थित झलारिया गांव में एक तनावपूर्ण बचाव अभियान जारी है, जहां तीन साल का एक बच्चा बोरवेल में गिरकर करीब 60 फीट की गहराई पर फंस गया है।

यह घटना तब हुई जब भागीरथ नाम का बच्चा गलती से एक खुले बोरवेल में फिसल गया। जानकारी के अनुसार, वह बच्चा तीन दिन पहले अपने परिवार के साथ भेड़ें चराने के लिए इस इलाके में आया था।

बोरवेल में बच्चे के गिरने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। बच्चे की पहचान भागीरथ (3) के रूप में हुई। वह गुरानाला (जिला पाली, राजस्थान) के रहने वाले प्रवीण देवासी का बेटा है।

परिवार पिछले तीन दिनों से अपनी भेड़ें चराने के लिए इस इलाके में डेरा डाले हुए था। खेलते समय, बच्चा गलती से पालदूना रोड पर बने एक खुले बोरवेल में गिर गया। बच्चे पर नजर रखने के लिए बोरवेल में एक कैमरा डाला गया है। साथ ही, बच्चे से संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय ग्रामीण भी बचाव अभियान में अपना सहयोग दे रहे हैं।

उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी सहित वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस और बचाव टीमों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी बचाव अभियान की देखरेख के लिए मौके पर पहुंचे।

विशेषज्ञ बचाव टीमें लगातार काम कर रही हैं और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं। बच्चे तक पहुंचने के लिए बोरवेल के समानांतर एक और गड्ढा खोदा जा रहा है, ताकि बच्चे को कोई और खतरा न हो।

इस घटना ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है और घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई है। गांव वाले प्रार्थना कर रहे हैं और बचाव टीमों को अपना सहयोग दे रहे हैं। बच्चे की सेहत की सही स्थिति की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी अधिकारी आशान्वित हैं और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सावधानी बरत रहे हैं।

कलेक्टर सिंह ने बताया कि बोरवेल की गहराई और उसकी तंग जगह को देखते हुए, बचाव कार्य अत्यंत सावधानी के साथ किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस अभियान के दौरान जोखिमों को कम करने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

प्रशासन ने लोगों को यह आश्वासन दिया है कि बच्चे को बचाने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं।

यह घटना ग्रामीण इलाकों में खुले बोरवेलों को लेकर जारी चिंताओं को उजागर करती है, जो बच्चों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।

बार-बार जारी की गई चेतावनियों के बावजूद, कई क्षेत्रों में बिना ढके बोरवेल अभी भी एक खतरा बने हुए हैं। झलरिया में चल रहा मौजूदा बचाव अभियान, ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और अधिक सख्ती से लागू करने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।

जैसे-जैसे बचाव कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, पूरा समुदाय बेसब्री से किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहा है।

Point of View

ताकि बच्चों की जान को खतरा न हो। प्रशासन को इस विषय पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

इस बच्चे का नाम क्या है?
बच्चे का नाम भागीरथ है, जो तीन साल का है।
बच्चा कितनी गहराई पर फंसा है?
बच्चा करीब 60 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है।
बचाव कार्य कौन कर रहा है?
प्रशासन और विशेषज्ञ बचाव टीमें बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए काम कर रही हैं।
बच्चे की हालत कैसी है?
बच्चे की सेहत की सही स्थिति की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अधिकारी आशावादी हैं।
क्या ऐसे खुले बोरवेलों के लिए सुरक्षा उपाय किए गए हैं?
यह घटना ऐसे खुले बोरवेलों की सुरक्षा को लेकर चिंता को उजागर करती है, और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
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