कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का प्रभाव
सारांश
Key Takeaways
- ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
- अमेरिका-ईरान सीजफायर के बावजूद तनाव
- ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद
- भारत में कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
- भू-राजनीतिक तनाव भविष्य में कीमतों को प्रभावित कर सकता है
मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आज एक उल्लेखनीय वृद्धि हुई। अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के सीजफायर के बावजूद, सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित सप्लाई बाधाओं के कारण निवेशकों के मन में चिंता बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 97.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.39 प्रतिशत बढ़कर 99.24 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
गौरतलब है कि पिछले बुधवार को तेल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जिससे यह 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया था, जबकि यह 28 फरवरी से इसी स्तर के आसपास बना हुआ था।
भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 20 अप्रैल डिलीवरी वाला क्रूड ऑयल फ्यूचर्स सुबह करीब 11.07 बजे 217 रुपये यानी 2.43 प्रतिशत बढ़कर 9,150 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
कीमतों में यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका-ईरान सीजफायर को लेकर संदेह बना हुआ है और इजरायल लेबनान में हमले जारी रखे हुए है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
शिपिंग कंपनियों का कहना है कि वे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाज भेजने से पहले सीजफायर की शर्तों पर और स्पष्टता चाहते हैं।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर सीजफायर की शर्तों का पालन नहीं हुआ तो बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई हो सकती है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा होने की संभावना कम है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखा जाएगा, जिसके लिए अमेरिकी सेना तैयार है।
गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से शिपिंग गतिविधियां सामान्य स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम पर चल रही थीं, जिससे सप्लाई चेन पर प्रभाव पड़ा है।
आगे की स्थिति को लेकर एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने कहा है कि निकट भविष्य में तेल की कीमतें ऊँची बनी रह सकती हैं, लेकिन यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है तो धीरे-धीरे स्थिरता आ सकती है।