बढ़ते तनाव और ट्रंप की चेतावनी से कच्चे तेल की कीमतों में 3%25 की वृद्धि

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बढ़ते तनाव और ट्रंप की चेतावनी से कच्चे तेल की कीमतों में 3%25 की वृद्धि

सारांश

भू-राजनीतिक तनाव और ट्रंप की चेतावनी के बीच, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। जानें इसके पीछे के कारण और बाजार पर इसके प्रभाव।

Key Takeaways

  • भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि।
  • डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई चेतावनी।
  • भारतीय शेयर बाजार पर गिरावट का असर।
  • ईरान का युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज करना।
  • वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दी गई समय सीमा के बीच मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में वैश्विक स्तर पर 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे ये नए उच्च स्तर पर पहुंच गईं।

ब्रेंट क्रूड वायदा में 1.69 प्रतिशत यानी 1.86 डॉलर की वृद्धि हुई और यह 111.63 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो सुबह के कारोबार में दिन का उच्चतम स्तर रहा। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड वायदा में 3 प्रतिशत से अधिक यानी 4.15 डॉलर की वृद्धि हुई और यह 116.56 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

मध्य पूर्व संघर्ष के आरंभ के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जो 27 फरवरी को 72.48 डॉलर से बढ़कर 9 मार्च को 119.50 डॉलर हो गई।

यह उछाल तब आया जब डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए चेतावनी दी।

ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने उनकी तय समयसीमा तक स्ट्रेट नहीं खोला, तो 'तेहरान पर भारी हमला होगा'। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को 'एक रात में खत्म किया जा सकता है' और उसके पुल व पावर प्लांट तबाह कर दिए जाएंगे।

दूसरी ओर, ईरान ने युद्धविराम (सीजफायर) के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और संघर्ष जारी रखा है।

होर्मुज स्ट्रेट, जहाँ से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, 28 फरवरी से चल रहे संघर्ष के कारण प्रभावित है। इससे इस साल अब तक तेल की कीमतों में करीब 90 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है और औसत कीमत 100 डॉलर के आसपास बनी हुई है।

इस बीच, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट के साथ शुरुआत की। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।

अमेरिका में वॉल स्ट्रीट हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।

Point of View

बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इसका प्रभाव महसूस किया जाएगा। देशहित में, हमें इस समय सतर्क रहने की आवश्यकता है।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव और ट्रंप की चेतावनी है।
क्या ईरान ने संघर्ष के बीच युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार किया?
नहीं, ईरान ने युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
कच्चे तेल की कीमतें पिछले कुछ दिनों में कितनी बढ़ी हैं?
कच्चे तेल की कीमतें पिछले कुछ दिनों में 3 प्रतिशत से अधिक बढ़ी हैं।
क्या ट्रंप ने ईरान को किसी प्रकार की चेतावनी दी है?
हाँ, ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए चेतावनी दी है।
क्या भारतीय शेयर बाजार पर इस स्थिति का कोई प्रभाव पड़ा है?
हाँ, भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई है।
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