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आरबीआई का ध्यान देश की आर्थिक वृद्धि पर, नए ढांचे से एनबीएफसी को मिलेगी मजबूती: राजेश शर्मा

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आरबीआई का ध्यान देश की आर्थिक वृद्धि पर, नए ढांचे से एनबीएफसी को मिलेगी मजबूती: राजेश शर्मा

सारांश

आरबीआई का नया ढांचा आर्थिक विकास में सहायक होगा। कपरी ग्लोबल कैपिटल के राजेश शर्मा ने बताया कि यह एनबीएफसी के लिए लाभदायक साबित होगा। जानिए और क्या है इस नई नीति में।

मुख्य बातें

आरबीआई का ध्यान देश की आर्थिक वृद्धि पर है।
नए ढांचे से एनबीएफसी को मजबूती मिलेगी।
सरकार लघु और मध्यम उद्योगों पर ध्यान दे रही है।
सामान्य लोगों के लिए सस्ती लोन की सुविधा।
आरबीआई का फ्रेमवर्क स्पष्टता लाता है।

मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आरबीआई का प्रमुख ध्यान देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने पर है, और एनबीएफसी के लिए नया ढांचा इस क्षेत्र की मजबूती में सहायक होगा। यह जानकारी कपरी ग्लोबल कैपिटल के राजेश शर्मा ने साझा की।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कपरी ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड के एमडी राजेश शर्मा ने कहा कि आरबीआई का नया ढांचा हमेशा स्पष्टता लाता है। केंद्रीय बैंक द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले ऐसे ढांचे से क्षेत्र को मजबूती मिलती है।

उन्होंने कहा कि आरबीआई का मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इस नए ढांचे से विकास की गति में सुधार होगा और अनुपालन में वृद्धि होगी।

बुधवार को आरबीआई के MPC के निर्णयों के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि एनबीएफसी के वर्गीकरण पर केंद्रीय बैंक काम कर रहा है और इसकी घोषणा शीघ्र की जाएगी।

मल्होत्रा ने कहा कि नए ढांचे के तहत एनबीएफसी को उच्चस्तरीय, मध्यस्तरीय और अन्य वर्गों में वर्गीकृत किया जाएगा।

आरबीआई के गोल्ड लोन के दिशा-निर्देशों पर शर्मा ने कहा कि इनकम असेसमेंट, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को अधिक लोन देना और पुनर्भुगतान के आधार पर लोन का निर्धारण किया गया है। इसका उद्देश्य आम आदमी को कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराना है, ताकि वे साहूकारों से अधिक ब्याज वाले लोन लेने से बच सकें।

एमएसएमई के संदर्भ में शर्मा ने कहा कि लघु और मध्यम उद्यम (एसएमई) हमारे निर्यात में लगभग 37 प्रतिशत का योगदान देते हैं और सबसे अधिक रोजगार पैदा करते हैं। इसलिए, सरकार की इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान है।

उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों को मिलने वाला लोन देश की आर्थिक वृद्धि में सीधा योगदान देता है। हमारे एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) में एसएमई की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है, और हमें विश्वास है कि पिछले वर्षों में मिली 16-18 प्रतिशत की वृद्धि आने वाले समय में भी बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार की इस क्षेत्र में रुचि दिखाती है कि वे लघु और मध्यम उद्योगों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरबीआई का नया ढांचा क्या है?
आरबीआई का नया ढांचा एनबीएफसी को मजबूत बनाने और देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए है।
इस फ्रेमवर्क का लाभ किसे होगा?
यह फ्रेमवर्क एनबीएफसी के लिए लाभकारी होगा, साथ ही छोटे उद्योगों को भी मदद करेगा।
राजेश शर्मा ने इस पर क्या कहा?
राजेश शर्मा ने कहा कि आरबीआई का फ्रेमवर्क स्पष्टता लाता है और इससे क्षेत्र को मजबूती मिलती है।
सरकार का ध्यान किस सेक्टर पर है?
सरकार का ध्यान लघु और मध्यम उद्योगों पर है, जो रोजगार और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस नए ढांचे की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
इस नए ढांचे में एनबीएफसी को वर्गीकृत किया जाएगा और अनुपालन में सुधार होगा।
राष्ट्र प्रेस
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