तेजस्वी यादव का सवाल- बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य में अव्वल, फिर सुशासन कहां?
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति गंभीर है।
- अपराध का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है।
- एनडीए सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है।
- कानून व्यवस्था को लेकर तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल।
- बिहार की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है।
पटना, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सुशासन का दावा करने वाली सरकार कहां है, जब बिहार में दिन-प्रतिदिन अपराध का स्तर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार शिक्षा, स्वास्थ्य, अपराध और पलायन में सबसे ऊपर है।
पटना में तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार की संपूर्ण व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। अस्पतालों में मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल रहा है, दवाओं की कमी है, यहाँ तक कि स्ट्रेचर भी उपलब्ध नहीं हैं। अररिया में दिनदहाड़े एक निर्दय हत्या हुई। इस प्रकार की घटनाएं बिहार के बुरे शासन की सच्चाई को उजागर करती हैं। प्रशासन का क्या हुआ? कानून व्यवस्था कहाँ है?
उन्होंने कहा कि जब हम सच बोलते हैं, तो कुछ लोग नाराज होते हैं। यदि आप सच नहीं कहेंगे और वास्तविकता से अनजान रहेंगे, तो आप किसी भी समस्या का समाधान कैसे करेंगे? यदि मैं कहता हूं कि बिहार एक गरीब राज्य है, तो यह गलत नहीं है। यह तो नीति आयोग की रिपोर्ट में भी लिखा है। प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार सबसे पीछे है।
तेजस्वी ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से यहाँ एनडीए का शासन है, जो केवल भ्रष्टाचार में लिप्त है। अपराध के मामले में भी बिहार पहले स्थान पर है। बिहार अब नियंत्रण से बाहर हो चुका है। 'डबल-इंजन' सरकार होने के बावजूद कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है, हमारी भी सैलरी नहीं आ रही है। बिहार में कोई सही व्यवस्था नहीं है, पूरा खजाना खाली हो चुका है।
उन्होंने कहा कि आज बिहार की स्थिति और दिशा क्या हो गई है। अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं है। बिहार हर मामले में अन्य राज्यों की तुलना में काफी पीछे है। डबल इंजन की सरकार कानून व्यवस्था को संभालने में विफल है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में पहले सरकारें पांच साल के लिए चुनी जाती थीं। अब तो अक्सर सरकारें बदल रही हैं। एनडीए के लोग इस बात की चिंता कर रहे हैं कि बिहार में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, किसी को इस बात की चिंता नहीं है कि अपराध को काबू करने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए, जबकि गृह विभाग भाजपा के पास है।